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शर्मनाक: महिलाओं के उत्पीड़न में दूसरे से पहले पायदान पर आया गाजियाबाद, चौंकाने वाले हैं आंकड़ें
Sat, 09 Apr 2022 04:08 PM IST
शाहरुख खान
रश्मि ओझा, अमर उजाला, गाजियाबाद
रश्मि ओझा, अमर उजाला, गाजियाबाद
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 09 Apr 2022 04:08 PM IST
सार
गाजियाबाद जनपद प्रदेश में पहले पायदान पर पहुंच गया है। वहीं, दूसरे स्थान पर लखनऊ और तीसरे नंबर पर मेरठ जनपद है। घरेलू हिंसा के 184 केस के साथ बुलंदशहर पांचवें पायदान पर है।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
महिलाओं के उत्पीड़न के मामले गाजियाबाद में बढ़े हैं। महिला एवं बाल कल्याण विभाग द्वारा संचालित वन स्टॉप सेंटर में पिछले एक साल के दौरान आए महिला उत्पीड़न के कुल 1011 मामलों में 506 केस घरेलू हिंसा से संबंधित हैं, जो कि गत वर्ष की तुलना में ज्यादा हैं।
इन मामलों के साथ ही गाजियाबाद जनपद प्रदेश में पहले पायदान पर पहुंच गया है। वहीं, दूसरे स्थान पर लखनऊ और तीसरे नंबर पर मेरठ जनपद है। घरेलू हिंसा के 184 केस के साथ बुलंदशहर पांचवें पायदान पर है।
महिला एवं बाल कल्याण विभाग द्वारा संचालित वन स्टॉप सेंटर पर महिला उत्पीड़न के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। वन स्टॉप सेंटर में आने वाली शिकायतों में 50 फीसदी से अधिक मामले घरेलू हिंसा के आ रहे हैं। विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, गाजियाबाद वन स्टॉप सेंटर पर एक लड़की के साथ और 505 महिलाओं के साथ घरेलू हिंसा का मामला दर्ज किया गया है।
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इसमें हाई सोसायटी जैसे डॉक्टर, इंजीनियर और उच्च पदों पर कार्य करने वाले दंपती के मामलों की संख्या भी अधिक है। घरेलू हिंसा केबाद दहेज उत्पीड़न के 111 मामले दर्ज किए गए हैं। विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2020 में गाजियाबाद प्रदेश भर में घरेलू हिंसा के मामलों में दूसरे नंबर पर रहा था। इस वर्ष के मार्च महीने में ही 62 मामले आए हैं।
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इन मामलों के साथ ही गाजियाबाद जनपद प्रदेश में पहले पायदान पर पहुंच गया है। वहीं, दूसरे स्थान पर लखनऊ और तीसरे नंबर पर मेरठ जनपद है। घरेलू हिंसा के 184 केस के साथ बुलंदशहर पांचवें पायदान पर है।
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महिला एवं बाल कल्याण विभाग द्वारा संचालित वन स्टॉप सेंटर पर महिला उत्पीड़न के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। वन स्टॉप सेंटर में आने वाली शिकायतों में 50 फीसदी से अधिक मामले घरेलू हिंसा के आ रहे हैं। विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, गाजियाबाद वन स्टॉप सेंटर पर एक लड़की के साथ और 505 महिलाओं के साथ घरेलू हिंसा का मामला दर्ज किया गया है।
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इसमें हाई सोसायटी जैसे डॉक्टर, इंजीनियर और उच्च पदों पर कार्य करने वाले दंपती के मामलों की संख्या भी अधिक है। घरेलू हिंसा केबाद दहेज उत्पीड़न के 111 मामले दर्ज किए गए हैं। विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2020 में गाजियाबाद प्रदेश भर में घरेलू हिंसा के मामलों में दूसरे नंबर पर रहा था। इस वर्ष के मार्च महीने में ही 62 मामले आए हैं।
वन स्टॉप सेंटर में आए मामले
| जनपद | घरेलू हिंसा | कुल केस |
| गाजियाबाद | 506 | 1011 |
| लखनऊ | 436 | 1384 |
| मेरठ | 245 | 924 |
| उन्नाव | 184 | 597 |
| बुलंदशहर | 120 | 353 |