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1000 रुपये में बनाते थे आधार कार्ड, चार शातिर गिरफ्तार
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1000 रुपये में बनाते थे आधार कार्ड, चार शातिर गिरफ्तार
लोनी। फर्जी तरीके से 1000 रुपये में आधार कार्ड बनाने वाले चार शातिरों को पुलिस ने डाबर तालाब कॉलोनी से गिरफ्तार किया है। शातिर दिल्ली के एक बैंक कर्मचारी की मदद से आधार कार्ड की साइट पर लॉग इन कर वारदात को अंजाम दे रहे थे। बैंककर्मी फरार है। इनके पास से पुलिस ने 83 आधार कार्ड, लैपटॉप, प्रिंटर, फिंगर व आई स्कैनर और पांच मोबाइल बरामद किए हैं।
लोनी कोतवाली प्रभारी अजय चौधरी ने बताया कि डाबर तालाब कॉलोनी में सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने छापा मारा। टीम ने मौके से इमरान और आमिर निवासी खन्ना नगर, रवि निवासी खुशहाल पार्क कॉलोनी, देवेंद्र निवासी पावी सादकपुर को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान चारों आधार कार्ड बनाते मिले। पूछताछ में चारों ने बताया कि कम समय में ज्यादा पैसे कमाने के लिए दिल्ली निवासी अपने एक साथी के साथ मिलकर फर्जी जनसेवा केंद्र चलाते हैं। आधार कार्ड बनाने के एवज में 500 से 1000 हजार रुपये लेते थे। करीब तीन माह से वह जनसेवा केंद्र चला रहे थे। करीब 150 से अधिक लोगों के आधार कार्ड बना चुके हैं। आधार कार्ड बनवाने वाले बैंकों और पोस्ट ऑफिस की लाइन से बचने के लिए उनके पास आते हैं। शातिरों ने बताया कि उनका एक साथी आकाश जो अपने आप को दिल्ली भजनपुरा स्थित इंडियन ओवरसीज बैक का कर्मचारी बताता था। वह हमें आधार कार्ड बनाने के लिए लैपटाप व अन्य उपकरण उपलब्ध कराता है। उसके द्वारा ही हमें आधार कार्ड बनाने की साइट का लॉग इन मिलता है। एसएचओ ने बताया कि जिन लोगों के आधार कार्ड बनाए है, वह फर्जी है या असली इसकी जांच की जा रही है। फरार आकाश की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
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लोनी। फर्जी तरीके से 1000 रुपये में आधार कार्ड बनाने वाले चार शातिरों को पुलिस ने डाबर तालाब कॉलोनी से गिरफ्तार किया है। शातिर दिल्ली के एक बैंक कर्मचारी की मदद से आधार कार्ड की साइट पर लॉग इन कर वारदात को अंजाम दे रहे थे। बैंककर्मी फरार है। इनके पास से पुलिस ने 83 आधार कार्ड, लैपटॉप, प्रिंटर, फिंगर व आई स्कैनर और पांच मोबाइल बरामद किए हैं।
लोनी कोतवाली प्रभारी अजय चौधरी ने बताया कि डाबर तालाब कॉलोनी में सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने छापा मारा। टीम ने मौके से इमरान और आमिर निवासी खन्ना नगर, रवि निवासी खुशहाल पार्क कॉलोनी, देवेंद्र निवासी पावी सादकपुर को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान चारों आधार कार्ड बनाते मिले। पूछताछ में चारों ने बताया कि कम समय में ज्यादा पैसे कमाने के लिए दिल्ली निवासी अपने एक साथी के साथ मिलकर फर्जी जनसेवा केंद्र चलाते हैं। आधार कार्ड बनाने के एवज में 500 से 1000 हजार रुपये लेते थे। करीब तीन माह से वह जनसेवा केंद्र चला रहे थे। करीब 150 से अधिक लोगों के आधार कार्ड बना चुके हैं। आधार कार्ड बनवाने वाले बैंकों और पोस्ट ऑफिस की लाइन से बचने के लिए उनके पास आते हैं। शातिरों ने बताया कि उनका एक साथी आकाश जो अपने आप को दिल्ली भजनपुरा स्थित इंडियन ओवरसीज बैक का कर्मचारी बताता था। वह हमें आधार कार्ड बनाने के लिए लैपटाप व अन्य उपकरण उपलब्ध कराता है। उसके द्वारा ही हमें आधार कार्ड बनाने की साइट का लॉग इन मिलता है। एसएचओ ने बताया कि जिन लोगों के आधार कार्ड बनाए है, वह फर्जी है या असली इसकी जांच की जा रही है। फरार आकाश की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
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