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हाशिम बाबा के नाम पर मांगी रंगदारी, कम्प्यूटर ऑपरेटर गिरफ्तार
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हाशिम बाबा के नाम पर मांगी रंगदारी, कम्प्यूटर ऑपरेटर गिरफ्तार
साहिबाबाद। मोहन नगर निवासी उद्यमी आरके श्रीवास्तव को हाशिम बाबा के नाम से ई-मेल में धमकी देकर 10 लाख रुपये रंगदारी मांगने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। डीएसपी और थाना प्रभारी नागेंद्र चौबे के साथ क्राइम ब्रांच टीम ने उद्यमी के ही कंप्यूटर ऑपरेटर अनिल कुमार राघव को गिरफ्तार किया है। उससे एंड्रॉयड फोन और 7140 रुपये बरामद हुए हैं।
एसपी सिटी सेकेंड ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि अनिल राघव गरिमा गार्डन की अशोक वाटिका में रहता है। वह राजेंद्र नगर में आरके श्रीवास्तव के पास कंप्यूटर ऑपरेटर का कार्य करता है। उसकी पत्नी कई महीनों से बीमार है और दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में इलाज चल रहा है। उसे पत्नी के इलाज के लिए रुपयों की जरूरत थी। उसने 40 हजार रुपये उधार मांगे थे लेकिन उद्यमी ने राशि देने से इनकार कर दिया। इसके बाद उसने रंगदारी मांगने की योजना तैयार की थी। आरोपी का कहना है कि पांच-छह दिन पहले उद्यमी के खाते में 5.60 लाख रुपये आए थे, जिसके बाद उसने उसने रंगदारी मांगी थी।
ऑनलाइन हाशिम बाबा का नाम खोजा
ऑपरेटर ने पहले ऑनलाइन सिक्योर वीपीएन साफ्टवेयर की मदद से हाशिम बाबा गैंग का नाम खोजा। इसके बाद फेक आईडी तैयार कर कंपनी की अधिकारिक मेल पर धमकी भेजकर 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। डीएसपी नागेंद्र चौबे ने बताया कि सिक्योर वीपीएन ऐप की मदद से आरोपी ने हाशिम बाबा गिरोह की कुंडली खंगाली। यह गैंग दिल्ली-एनसीआर का बड़ा गैंगस्टर है जो लोगों से रंगदारी मांगता है और पैसे नहीं देने पर जान से मार देता है। इसी नाम का फायदा उठाकर वह उद्यमी को बार-बार रंगदारी देने के लिए धमकी दे रहा था। वह मेल सिंगापुर गेटवे के जरिए उद्यमी के पास पहुंचता था। इससे उन्हें लगता था कि हाशिम गैंग सिंगापुर में बैठकर रंगदारी मांग कर रहा है।
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उद्यमी के बराबर में बैठकर आरोपी ने ही लिखी थी तहरीर
पुलिस जांच में सामने आया कि कंपनी में ऑपरेटर अनिल कुमार राघव का सिस्टम उद्यमी आरके श्रीवास्तव के बराबर में ही रखा रहता है। उद्यमी से रंगदारी मांगने और पैसे नहीं देने पर जान से मारने की धमकी जैसे मामले से वह अच्छी तरह वाकिफ था लेकिन उद्यमी के सामने पूरी तरह अनजान बनने का ड्रामा करता था। 12 जून को उद्यमी ने आरोपी से ही अपने आफिस में बैठकर घटना की शिकायत लिखवाई थी जिसके आधार पर पुलिस ने संबंधित धारा में मुकदमा लिखकर जांच शुरू की थी।
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साहिबाबाद। मोहन नगर निवासी उद्यमी आरके श्रीवास्तव को हाशिम बाबा के नाम से ई-मेल में धमकी देकर 10 लाख रुपये रंगदारी मांगने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। डीएसपी और थाना प्रभारी नागेंद्र चौबे के साथ क्राइम ब्रांच टीम ने उद्यमी के ही कंप्यूटर ऑपरेटर अनिल कुमार राघव को गिरफ्तार किया है। उससे एंड्रॉयड फोन और 7140 रुपये बरामद हुए हैं।
एसपी सिटी सेकेंड ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि अनिल राघव गरिमा गार्डन की अशोक वाटिका में रहता है। वह राजेंद्र नगर में आरके श्रीवास्तव के पास कंप्यूटर ऑपरेटर का कार्य करता है। उसकी पत्नी कई महीनों से बीमार है और दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में इलाज चल रहा है। उसे पत्नी के इलाज के लिए रुपयों की जरूरत थी। उसने 40 हजार रुपये उधार मांगे थे लेकिन उद्यमी ने राशि देने से इनकार कर दिया। इसके बाद उसने रंगदारी मांगने की योजना तैयार की थी। आरोपी का कहना है कि पांच-छह दिन पहले उद्यमी के खाते में 5.60 लाख रुपये आए थे, जिसके बाद उसने उसने रंगदारी मांगी थी।
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ऑनलाइन हाशिम बाबा का नाम खोजा
ऑपरेटर ने पहले ऑनलाइन सिक्योर वीपीएन साफ्टवेयर की मदद से हाशिम बाबा गैंग का नाम खोजा। इसके बाद फेक आईडी तैयार कर कंपनी की अधिकारिक मेल पर धमकी भेजकर 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। डीएसपी नागेंद्र चौबे ने बताया कि सिक्योर वीपीएन ऐप की मदद से आरोपी ने हाशिम बाबा गिरोह की कुंडली खंगाली। यह गैंग दिल्ली-एनसीआर का बड़ा गैंगस्टर है जो लोगों से रंगदारी मांगता है और पैसे नहीं देने पर जान से मार देता है। इसी नाम का फायदा उठाकर वह उद्यमी को बार-बार रंगदारी देने के लिए धमकी दे रहा था। वह मेल सिंगापुर गेटवे के जरिए उद्यमी के पास पहुंचता था। इससे उन्हें लगता था कि हाशिम गैंग सिंगापुर में बैठकर रंगदारी मांग कर रहा है।
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उद्यमी के बराबर में बैठकर आरोपी ने ही लिखी थी तहरीर
पुलिस जांच में सामने आया कि कंपनी में ऑपरेटर अनिल कुमार राघव का सिस्टम उद्यमी आरके श्रीवास्तव के बराबर में ही रखा रहता है। उद्यमी से रंगदारी मांगने और पैसे नहीं देने पर जान से मारने की धमकी जैसे मामले से वह अच्छी तरह वाकिफ था लेकिन उद्यमी के सामने पूरी तरह अनजान बनने का ड्रामा करता था। 12 जून को उद्यमी ने आरोपी से ही अपने आफिस में बैठकर घटना की शिकायत लिखवाई थी जिसके आधार पर पुलिस ने संबंधित धारा में मुकदमा लिखकर जांच शुरू की थी।