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यूपी गेट पर नारों-उद्घोषों के बीच न्याय की मांग

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 05 Oct 2021 12:51 AM IST
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लखीमपुर खीरी में हुई किसानों की मौत का विरोध करते कांग्रेसी। संवाद
यूपी गेट पर किसान मौन, अफसर दिखे बेचैन
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कौशांबी। यूपी गेट पर भाकियू ने सोमवार को लखीमपुर की घटना में मारे गए किसानों के लिए दो मिनट का मौन रखा। किसानों से शांति कायम रखने की अपील की। मंच से एक बार अपनी बात कहने के बाद संचालन बंद कर दिया गया। धरनास्थल पर खामोशी रही। किसानों की खामोशी से अफसर बेचैन दिखे। आंदोलन स्थल पर आईजी प्रवीण कुमार, एसएसपी पवन कुमार, एसपी सिटी सेकेंड ज्ञानेंद्र सिंह, एडीएम सिटी, सिटी मजिस्ट्रेट, क्षेत्राधिकारी महीपाल सिंह, अभय कुमार मिश्रा और थाना प्रभारी सचिन मलिक मौजूद रहे। भाकियू के जिला अध्यक्ष चौधरी बिजेंद्र सिंह ने प्रदेश के 18 मंडलों से अपील की है कि किसान यूपी गेट पर आकर आंदोलन को मजबूती दें।
नाराज किसानों ने आंदोलन मंच के सामने हर-हर महादेव, अल्लाह हू अकबर, बोले सो निहाल सत, श्री अकाल जैसे धार्मिक उद्धोष के साथ मृतक किसानों के परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। सुबह करीब नौ बजे यूपी गेट आंदोलन स्थल से कई किसान गाजियाबाद में कलेक्ट्रेट का घेराव करने के लिए रवाना हो गए। सबसे पहले वह रहीसपुर में भाकियू पदाधिकारियों से मिले। इसके बाद सभी एकत्रित हुए और कलेक्ट्रेट के लिए कूच कर गए। इस बीच यूपी गेट पर भी बुजुर्ग और युवा किसानों के बीच माहौल गर्म हो गया। मंच के सामने बैठे आंदोलनकारी किसानों ने लखीमपुर घटना को लेकर सरकार की निंदा की। भाकियू का कहना है कि जब तक घायल और मृतक किसानों के परिजन सरकार की कार्रवाई से संतुष्टि नहीं होंगे। तब तक लड़ाई जारी रहेगी। भाकियू जिला अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि शांतिपूर्ण विरोध कर रहे किसानों पर गाड़ी किसके इशारे पर चढ़ाई गई।
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परिचर्चा :-
घटना दुर्भाग्यपूर्ण, पीड़ितों को मिले न्याय
चौ. बिजेंद्र सिंह ने कहा कि लखीमपुर की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। इस मामले में पीड़ित परिजन और घायलों को न्याय मिलना चाहिए। जब तक सरकार आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करेगी तब तक भारतीय किसान यूनियन साथ न्याय के लिए खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि कोई समस्या का हल बिना बातचीत के नहीं निकल सकता है।
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पल-पल की जानकारी लेते रहे आंदोलनकारी :
रमेश मलिक कहते हैं कि किसानों के साथ हुई घटना से पूरी बिरादरी में बेहद नाराजगी है। सरकार को किसानों की नाराजगी समय रहते समझ लेनी चाहिए। मृतकों के लिए दो मिनट का मौन रखने के बाद मंच का संचालन नहीं हुआ। इसके बाद किसान मोबाइल पर पल-पल की जानकारी लेते रहे। हम देश के लिए अन्न उगाते हैं, लेकिन सरकार समझते को तैयार नहीं है।

नहीं टूटेगा आंदोलनकारियों का हौसला :
केएस सिरोही कहते हैं कि पिछले दस महीने से यूपी गेट समेत अलग-अलग पर किसान अपनी मांगों के लिए आंदोलन कर रहा है। मगर अन्नदाता को परेशान करने के लिए जितनी भी घटनाएं हो रही हैं उसे किसान कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। यदि सरकार यह समझती हो कि इससे किसानों को हौसला कम होगा तो इस भूल को दूर ले।

लखनऊ में अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का फोटो फाड़ते सपाई।

लखनऊ में अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का फोटो फाड़ते सपाई।

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