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नंदग्राम में मिला सेवानिवृत्त दरोगा का शव, जेब में था सुसाइड नोट
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सेवानिवृत्त दरोगा का शव मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और इकट्ठा लोग
- फोटो : GHAZIABAD City
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नंदग्राम में मिला सेवानिवृत्त दरोगा का शव, जेब में था सुसाइड नोट
गाजियाबाद। साहिबाबाद के राजेंद्र नगर निवासी सेवानिवृत्त दरोगा महेश चौहान (62) का शव शनिवार को नंदग्राम के मोरटी में सड़क किनारे पड़ा मिला। शुक्रवार शाम को वह स्कूटी लेकर शास्त्रीनगर निवासी दोस्त से मिलने गए थे। पुलिस को उनकी जेब से सुसाइड नोट मिला हैं, जिसमें उन्होंने बीमारी और अनावश्यक मुकदमेबाजी को आत्महत्या का कारण बताया है। मौके से जहरीले पदार्थ की खाली डिब्बी, तमंचा व कारतूस मिलने से पुलिस घटना को आत्महत्या बता रही है। वहीं, परिजन और पुलिस पेंशनर्स हत्या की आशंका जता रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट न होने पर बिसरा सुरक्षित रखा गया है।
महेश चौहान यूपी पुलिस में दरोगा थे। 2018 में वह पुलिस ट्रेनिंग स्कूल (पीटीएस) मेरठ में एसआई (शिक्षक) के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटियां हैं। दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है, जबकि पत्नी उनसे अलग रहती हैं। शनिवार सुबह करीब नौ बजे नंदग्राम पुलिस को राजनगर एक्सटेंशन में मोरटी रोड के किनारे शव मिलने की सूचना मिली। वहां स्कूटी खड़ी थी, जबकि एक व्यक्ति का शव पड़ा था।
छह घंटे में हो सकी शिनाख्त
सुसाइड नोट के अलावा ऐसा कोई दस्तावेज नहीं मिला, जिससे शिनाख्त हो सके। सुसाइड नोट में भी सिर्फ महेश चौहान नाम लिखा था। ऐसे में शिनाख्त करने में पुलिस को छह घंटे लग गए। स्कूटी मेरठ के पते पर थी। वहां फोन करने पर पता चला कि पीटीएस में तैनात एक दरोगा किराए पर रहते थे। पीटीएस से महेश चौहान का नंबर मिला। कॉल करने पर रिसीव नहीं हुई। इसके बाद साहिबाबाद पुलिस को पते पर भेजा गया, जहां फ्लैट पर ताला लगा था और मोबाइल अंदर बज रहा था। इसके बाद पुलिस पड़ोस में रहने वाले भाई सुरेश चौहान को सूचना दी।
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गोली मिस हुई तो खाया जहरीला पदार्थ
सीओ द्वितीय अवनीश कुमार ने बताया कि महेश चौहान के शव के पास तमंचा व कारतूस भी मिला है। तमंचे में एक गोली भी लगी है, लेकिन वह अलग बोर की थी। इससे प्रतीत होता है कि महेश चौहान ने पहले खुद को गोली मारने की कोशिश की, लेकिन योजना फेल होने पर जहरीला पदार्थ खा लिया। उनके मुंह से झाग आ रहा था।
सुसाइड नोट में पत्नी, परिजनों व मित्रों से मांगी क्षमा
महेश चौहान की जेब में मिले सुसाइड नोट में लिखा है कि मैं पूरे होशोहवास में हूं। मुझ पर किसी को कोई लेनदेन बकाया नहीं है। मैं अपनी शारीरिक बीमारी और अनावश्यक मुकदमेबाजी के चलते यह कदम उठा रहा हूं। इसमें किसी का कोई दोष नहीं है। मैं पत्नी, परिजनों और मित्रों से क्षमा मांगता हूं। उम्मीद है कि सभी मुझे क्षमा कर देंगे। मैं आप लोगों से विदा ले रहा हूं।
परिजनों व पेंशनर्स की पुलिस से नोकझोंक...आप हमें मत समझाइये
मृतक महेश चौहान के बड़े भाई सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर हैं। साथ ही सूचना मिलने पर काफी संख्या में सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी भी नंदग्राम थाने पहुंच गए। पुलिस ने घटना को आत्महत्या बताया तो वह भड़क गए। कहा कि हमने पूरी उम्र पुलिस में काट दी। हमें मत समझाइये। यह सुनियोजित तरीके से की गई हत्या है।
सीबीआई में चल रहा है मुठभेड़ का केस
तीन भाईयों में सबसे छोटे महेश चौहान मूलरूप से हाथरस के गांव केशवपुर के रहने वाले हैं। उनके दोनों भाई भी सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर हैं। पुलिस के मुताबिक 1994 में मेरठ में तैनाती के दौरान हुई मुठभेड़ में महेश चौहान शामिल थे। सीबीआई में इसका केस चल रहा है।
तहरीर मिलने पर जांच कराएंगे
सुसाइड नोट और जहरील पदार्थ की डिब्बी मिलने से सेवानिवृत्त दरोगा द्वारा आत्महत्या करना प्रतीत हो रहा है। परिजन कोई तहरीर देते हैं तो उसकी जांच कर ली जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। बिसरा जांच को भेजा जाएगा। उसी की रिपोर्ट से मौत का कारण स्पष्ट होगा।
- अवनीश कुमार, सीओ द्वितीय
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गाजियाबाद। साहिबाबाद के राजेंद्र नगर निवासी सेवानिवृत्त दरोगा महेश चौहान (62) का शव शनिवार को नंदग्राम के मोरटी में सड़क किनारे पड़ा मिला। शुक्रवार शाम को वह स्कूटी लेकर शास्त्रीनगर निवासी दोस्त से मिलने गए थे। पुलिस को उनकी जेब से सुसाइड नोट मिला हैं, जिसमें उन्होंने बीमारी और अनावश्यक मुकदमेबाजी को आत्महत्या का कारण बताया है। मौके से जहरीले पदार्थ की खाली डिब्बी, तमंचा व कारतूस मिलने से पुलिस घटना को आत्महत्या बता रही है। वहीं, परिजन और पुलिस पेंशनर्स हत्या की आशंका जता रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट न होने पर बिसरा सुरक्षित रखा गया है।
महेश चौहान यूपी पुलिस में दरोगा थे। 2018 में वह पुलिस ट्रेनिंग स्कूल (पीटीएस) मेरठ में एसआई (शिक्षक) के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटियां हैं। दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है, जबकि पत्नी उनसे अलग रहती हैं। शनिवार सुबह करीब नौ बजे नंदग्राम पुलिस को राजनगर एक्सटेंशन में मोरटी रोड के किनारे शव मिलने की सूचना मिली। वहां स्कूटी खड़ी थी, जबकि एक व्यक्ति का शव पड़ा था।
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छह घंटे में हो सकी शिनाख्त
सुसाइड नोट के अलावा ऐसा कोई दस्तावेज नहीं मिला, जिससे शिनाख्त हो सके। सुसाइड नोट में भी सिर्फ महेश चौहान नाम लिखा था। ऐसे में शिनाख्त करने में पुलिस को छह घंटे लग गए। स्कूटी मेरठ के पते पर थी। वहां फोन करने पर पता चला कि पीटीएस में तैनात एक दरोगा किराए पर रहते थे। पीटीएस से महेश चौहान का नंबर मिला। कॉल करने पर रिसीव नहीं हुई। इसके बाद साहिबाबाद पुलिस को पते पर भेजा गया, जहां फ्लैट पर ताला लगा था और मोबाइल अंदर बज रहा था। इसके बाद पुलिस पड़ोस में रहने वाले भाई सुरेश चौहान को सूचना दी।
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गोली मिस हुई तो खाया जहरीला पदार्थ
सीओ द्वितीय अवनीश कुमार ने बताया कि महेश चौहान के शव के पास तमंचा व कारतूस भी मिला है। तमंचे में एक गोली भी लगी है, लेकिन वह अलग बोर की थी। इससे प्रतीत होता है कि महेश चौहान ने पहले खुद को गोली मारने की कोशिश की, लेकिन योजना फेल होने पर जहरीला पदार्थ खा लिया। उनके मुंह से झाग आ रहा था।
सुसाइड नोट में पत्नी, परिजनों व मित्रों से मांगी क्षमा
महेश चौहान की जेब में मिले सुसाइड नोट में लिखा है कि मैं पूरे होशोहवास में हूं। मुझ पर किसी को कोई लेनदेन बकाया नहीं है। मैं अपनी शारीरिक बीमारी और अनावश्यक मुकदमेबाजी के चलते यह कदम उठा रहा हूं। इसमें किसी का कोई दोष नहीं है। मैं पत्नी, परिजनों और मित्रों से क्षमा मांगता हूं। उम्मीद है कि सभी मुझे क्षमा कर देंगे। मैं आप लोगों से विदा ले रहा हूं।
परिजनों व पेंशनर्स की पुलिस से नोकझोंक...आप हमें मत समझाइये
मृतक महेश चौहान के बड़े भाई सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर हैं। साथ ही सूचना मिलने पर काफी संख्या में सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी भी नंदग्राम थाने पहुंच गए। पुलिस ने घटना को आत्महत्या बताया तो वह भड़क गए। कहा कि हमने पूरी उम्र पुलिस में काट दी। हमें मत समझाइये। यह सुनियोजित तरीके से की गई हत्या है।
सीबीआई में चल रहा है मुठभेड़ का केस
तीन भाईयों में सबसे छोटे महेश चौहान मूलरूप से हाथरस के गांव केशवपुर के रहने वाले हैं। उनके दोनों भाई भी सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर हैं। पुलिस के मुताबिक 1994 में मेरठ में तैनाती के दौरान हुई मुठभेड़ में महेश चौहान शामिल थे। सीबीआई में इसका केस चल रहा है।
तहरीर मिलने पर जांच कराएंगे
सुसाइड नोट और जहरील पदार्थ की डिब्बी मिलने से सेवानिवृत्त दरोगा द्वारा आत्महत्या करना प्रतीत हो रहा है। परिजन कोई तहरीर देते हैं तो उसकी जांच कर ली जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। बिसरा जांच को भेजा जाएगा। उसी की रिपोर्ट से मौत का कारण स्पष्ट होगा।
- अवनीश कुमार, सीओ द्वितीय