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डग्गामार बस के एक साल में 38 चालान, फिर भी दे दी फिटनेस
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डग्गामार बस के एक साल में 38 चालान, फिर भी दे दी फिटनेस
गाजियाबाद। डग्गामार बस सड़कों पर यूं ही नहीं दौड़ती। अधिकारियों की रहमत उन पर होती है। एक डग्गामार बस का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक साल में बस का 38 बार चालान हुआ। फिर भी एआरटीओ बुलंदशहर ने फिटनेस सर्टिफिकेट और एआरटीओ अमरोहा ने एनओसी दे दी। बस का चालान का 3.87 लाख रुपये बकाया है।
सोमवार को एसपी ट्रैफिक रामानंद कुशवाहा ने चेकिंग के दौरान एक बस की जांच की। यह बस रोडवेज बस के रंग में रंगी हुई थी। पता भी नहीं चल रहा था कि बस डग्गामार है या परिवहन निगम की है। नंबर डालकर बस की जांच की गई तो वह अमरोहा की निकली। उस पर 38 चालान बकाया दिखाई दे रहे थे। उन्होंने चालक और परिचालक से जानकारी की तो उन्होंने बताया कि बस अमरोहा की है। वहां से एनओसी लेकर बुलंदशहर एआरटीओ कार्यालय से फिटनेस करा ली। सवाल यह उठता है कि पहले अमरोहा एआरटीओ ने दूसरे जिले के लिए एनओसी जारी कर दी, लेकिन चालान की स्थिति नहीं देखी। जबकि बिना चालान भुगतान के एनओसी दी ही नहीं जा सकती थी। यदि अमरोहा एआरटीओ ने एनओसी दे भी दी तो बुलंदशहर एआरटीओ ने किस आधार पर फिटनेस जारी कर दी। एसपी ट्रैफिक ने बताया कि दोनों अधिकारियों की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि बस को सीज कर दिया गया है।
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गाजियाबाद। डग्गामार बस सड़कों पर यूं ही नहीं दौड़ती। अधिकारियों की रहमत उन पर होती है। एक डग्गामार बस का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक साल में बस का 38 बार चालान हुआ। फिर भी एआरटीओ बुलंदशहर ने फिटनेस सर्टिफिकेट और एआरटीओ अमरोहा ने एनओसी दे दी। बस का चालान का 3.87 लाख रुपये बकाया है।
सोमवार को एसपी ट्रैफिक रामानंद कुशवाहा ने चेकिंग के दौरान एक बस की जांच की। यह बस रोडवेज बस के रंग में रंगी हुई थी। पता भी नहीं चल रहा था कि बस डग्गामार है या परिवहन निगम की है। नंबर डालकर बस की जांच की गई तो वह अमरोहा की निकली। उस पर 38 चालान बकाया दिखाई दे रहे थे। उन्होंने चालक और परिचालक से जानकारी की तो उन्होंने बताया कि बस अमरोहा की है। वहां से एनओसी लेकर बुलंदशहर एआरटीओ कार्यालय से फिटनेस करा ली। सवाल यह उठता है कि पहले अमरोहा एआरटीओ ने दूसरे जिले के लिए एनओसी जारी कर दी, लेकिन चालान की स्थिति नहीं देखी। जबकि बिना चालान भुगतान के एनओसी दी ही नहीं जा सकती थी। यदि अमरोहा एआरटीओ ने एनओसी दे भी दी तो बुलंदशहर एआरटीओ ने किस आधार पर फिटनेस जारी कर दी। एसपी ट्रैफिक ने बताया कि दोनों अधिकारियों की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि बस को सीज कर दिया गया है।
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