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यूपी : विधानसभा चुनाव से पहले शुरू होगा रोपवे प्रोजेक्ट, जीडीए में बढ़ी हलचल
Mon, 11 Oct 2021 06:41 AM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
Published by: गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 11 Oct 2021 06:41 AM IST
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रोपवे
- फोटो : सोशल मीडिया।
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विधानसभा चुनाव से पहले वैशाली से मोहननगर रोपवे प्रोजेक्ट को शुरू करने की जीडीए की तैयारी है। डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) के बाद गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने प्रोजेक्ट के फंडिंग पैटर्न पर मंथन शुरू कर दिया है। रोपवे के मुख्य फंडिंग पैटर्न में प्रोजेक्ट की कुल लागत में से 60 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी निजी एजेंसी की होगी। एजेंसी को 20 साल के लिए रोपवे के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। बाकी 40 फीसदी में जीडीए सहित अन्य सरकारी एजेंसियों की फंडिंग होगी।
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2024 तक प्रोजेक्ट को पूरा करने का है लक्ष्य:
रोपवे प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 5.17 किमी है। प्रोजेक्ट में वैशाली, वसुंधरा, साहिबाबाद और मोहननगर सहित कुल चार स्टेशन होंगे। रोपवे के दोनों आखिरी स्टेशन को फुटओवर ब्रिज के जरिए मेट्रो ब्लू लाइन पर वैशाली स्टेशन और रेल लाइन पर मोहननगर स्टेशन से जोड़ने की योजना है। फंडिंग पैटर्न पर चल रहे मंथन में प्रोजेक्ट को 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य बनाया गया है। फंडिंग पैटर्न तय होने के साथ ही एजेंसी के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। फाइनल डीपीआर के बाद प्रोजेक्ट की कुल लागत 450 करोड़ तय की गई है, जोकि मेट्रो प्रोजेक्ट से तीन गुना कम है।
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सरकार से फंडिंग की कम संभावना
रोपवे की तैयार की गई डीपीआर में दूसरे फंडिंग पैटर्न में प्रोजेक्ट का पूरा खर्चा सरकारी एजेंसियों के होने की बात शामिल है। लेकिन जीडीए की खराब वित्तीय स्थिति और सरकार से फंडिंग की उम्मीद कम देखते हुए प्राधिकरण के इस पैटर्न पर आगे बढ़ने की सबसे कम संभावना है। अगर सरकारी फंडिंग पैटर्न पर आगे बढ़ा जाता है तो प्रोजेक्ट की आय पर केवल सरकारी एजेंसियों का ही हक होगा। लेकिन वर्तमान स्थिति में निजी एजेंसी की फंडिंग की बदौलत प्रोजेक्ट के शुरू होने की उम्मीद सबसे ज्यादा है।
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रोपवे के एक डिब्बे में 10 यात्रियों के बैठने की होगी व्यवस्था:
रोपवे प्रोजेक्ट की कम लागत और संचालन का कम खर्च इसे खास बनाता है। रोेपवे प्रोजेक्ट के चलते मेट्रो की रेड और ब्लू लाइन आपस में जुड़ जाएंगी। रोपवे के एक डिब्बे में 10 लोगों के बैठने की सुविधा होगी। ऐसे में लिंक रोड पर लगने वाले जाम की चिंता किए बगैर लोग सीधे रोपवे से मेट्रो की एक लाइन से दूसरी लाइन तक पहुंच सकेंगे।
एजेंसी के चयन की प्रक्रिया जल्द होगी शुरू:
प्रोजेक्ट का फंडिंग पैटर्न पर विधिवत मुहर लगने के बाद जल्द एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। फंडिंग पैटर्न में निजी एजेंसी का अधिक हिस्सा होने के साथ ही संचालन का जिम्मा उसी के पास होगा। दिसंबर तक प्रक्रिया को पूरा करने की कवायद जारी है।
-- कृष्णा करुणेश, उपाध्यक्ष, जीडीए