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गड्ढों में बदल गईं आधी सड़कें

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 02 Oct 2021 01:21 AM IST
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बुलंदशहर रोड इंडस्ट्रियल एरिया में टूटी हुई सड़क। संवाद
गड्ढों में बदल गईं शहर की आधी सड़कें
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गाजियाबाद। शहर की सड़कों पर वाहन चलाने वाले संभलकर रहें। खस्ताहाल सड़कें अब बरसात के बाद और बदहाल हो गई हैं। नगर निगम सीमा क्षेत्र में कॉलोनियों से लेकर बाजारों और औद्योगिक क्षेत्र की आधी सड़कें गड्ढों में तब्दील हो गई हैं। सड़कों के यह गड्ढे आवागमन में बाधक बन रहे है, वहीं सड़क किनारे गड्ढों में मच्छरों का लार्वा पनप रहा है।
पिछले चार साल में नगर निगम ने ज्यादातर बजट नालों और इंटरलॉकिंग टाइल्स से छोटी गलियों के निर्माण पर खर्च किया है। शहर के मुख्य मार्गों के पुनर्निर्माण पर ध्यान नहीं दिया। यही वजह है कि ज्यादातर मुख्य मार्ग खस्ताहाल हो गए हैं। कॉलोनियों की अंदरूनी सड़कों की हालत और भी बुरी है। अंबेडकर रोड, न्यू लिंक रोड, एएलटी रोड, वसुंधरा सेक्टर-4 का मुख्य मार्ग समेत 20 से ज्यादा मुख्य मार्ग ऐसे हैं, जो जर्जर हो चुके हैं। पिछले चार साल में नगर निगम ने इन मार्गों पर सिर्फ पैचवर्क करके ही काम चलाया है। अब इनका पुनर्निर्माण करना जरूरी हो गया है।
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अवंतिका को छोड़ा भगवान भरोसे
नगर निगम ने पांच साल पूर्व बिल्डर की कॉलोनी अवंतिका को गुपचुप टेकओवर कर लिया था। इस कॉलोनी की सड़कें अब खस्ताहाल है। बिल्डर अपनी जिम्मेदारी को नगर निगम पर डाल चुका है और नगर निगम अभी तक इस कॉलोनी को ठीक से अपना नहीं पाया है। इस कॉलोनी के मुख्य मार्ग से लेकर अंदरूनी सड़कें खस्ताहाल हो चुकी हैं। आरडब्ल्यूए के पदाधिकारी नगर निगम को कई बार लिखित शिकायत दे चुके हैं।
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दो विभागों के बीच फंसे राजनगर एक्सटेंशन के लोग
राजनगर एक्सटेंशन में करीब 8 साल से सड़कों का निर्माण नहीं हुआ है। कॉलोनियों के संपर्क मार्ग अब टूटने लगे हैं, लेकिन नगर निगम और जीडीए दोनों ही यहां सड़कों का निर्माण कराने से पल्ला झाड़ रहे हैं। नगर निगम कॉलोनी टेकओवर न होने की बात कहकर और जीडीए इसे प्राइवेट बिल्डरों की कॉलोनी बताकर निर्माण नहीं करा रहे।
बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र
यहां भारी वाहनों का आवागमन रहता है। बरसात में जलभराव और ट्रकों के आवागमन से अधिकांश सड़कें टूट चुकी हैं। यहां करीब 70 फीसदी सड़कों का पुनर्निर्माण कराने की जरूरत है, लेकिन यहां करीब पांच साल से सड़कों का निर्माण नहीं हुआ। उद्योग बंधु की बैठक में कई बार सड़कों के पुनर्निर्माण की मांग उठ चुकी है।
यहां टूटी हैं सड़कें
गोविंदपुरम, स्वर्णजयंतीपुरम, शास्त्री नगर, विवेकानंद नगर की अंदरूनी सड़कें, राजनगर एक्सटेंशन, नंदग्राम की अधिकांश सड़कें, गुलधर, संजय नगर, नेहरू नगर थर्ड, दौलतपुरा, साउथ साइड औद्योगिक क्षेत्र, माता कॉलोनी, विजयनगर।
सितंबर बीता अक्तूबर शुरू
नहीं हो पाई सड़कों की मरम्मत
- ग्रैप के तहत सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त होना चाहिए
साहिबाबाद। हिंडन पार क्षेत्र की सड़कें भी बदहाल हैं। मोहन नगर चौराहे के आसपास सड़क पूरी तरह से उखड़ गई है। यहां यूटर्न के पास गहरे गड्ढे हो गए हैं। राजेंद्र नगर गोल चक्कर के पास भी सड़क पर एक से डेढ़ फुट गहरे गड्ढे हो गए हैं। लिंक रोड पर वसुंधरा रेड लाइट से मोहननगर जाने वाली सर्विस रोड का भी बुरा हाल है। 200 मीटर लंबी सर्विस रोड पर आठ जगह गहरे गड्ढे हैं।
सौर ऊर्जा मार्ग पर वाहनोंका चलना मुश्किल हो रहा है। महाराजपुर गांव के सामने सड़क दोनों तरफ से टूट गई है। वसुंधरा में मिहिर भोज चौक का हाल बेहद खराब है। यहां पर गोल चक्कर के आसपास सड़क पूरी तरह से टूट गई है। साहिबाबाद अंडरपास और अर्थला अंडरपास पर भी सड़कों में गहरे गड्ढे हो जाने से वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 15 दिनों में ग्रैैप भी लागू हो जाएगा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से नगर निगम और जीडीए को सितंबर अंत तक सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए कहा गया था, लेकिन इनकी मरम्मत नहीं की गई है। ऐसे में अब ग्रैप लागू होने से पहले सड़कों को ठीक करना चुनौती होगी।
नगर निगम को सितंबर के अंत तक सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए कहा गया था, लेकिन अधिकारियों ने 15 अक्तूबर तक सड़कों को गड्ढामुक्त करने का आश्वासन दिया है।
- उत्सव शर्मा, पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी
मौसम साफ होते ही बनने लगेंगी डेंस की सड़कें : मुख्य अभियंता
गड्ढों को गिट्टियों से भरना शुरू कर दिया है, ताकि दुर्घटना न हो। मौसम साफ होते ही डेंस (तारकोल) की सड़कों का निर्माण और पैचवर्क का काम शुरू हो जाएगा। अक्तूबर में यह काम पूरा करा लिया जाएगा।

- नरेंद्र कुमार चौधरी, मुख्य अभियंता, नगर निगम
सड़कों को संवारने पर 64 करोड़ खर्च करेगा निगम
निगम ने शहर की सड़कों को संवारने के लिए पांच जोन में सर्वे करा लिया है। शनिवार को नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता नरेंद्र कुमार चौधरी के साथ शहर की सड़कों का निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के बाद सड़कों के पुनर्निर्माण और पैचवर्क पर निर्णय होगा। प्रारंभिक तौर पर नगर निगम ने मुख्य मार्गों के पुनर्निर्माण (री-सरफेसिंग) पर 53 करोड़ और पैचवर्क पर करीब 11 करोड़ खर्च करने का निर्णय लिया है।
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