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50 लाख का बांड दाखिल कर रिहा हुए कारोबारी
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50 लाख का बांड दाखिल कर रिहा हुए कारोबारी
गाजियाबाद। सेंट्रल जीएसटी विभाग द्वारा सोमवार को गिरफ्तार किए गए कारोबारियों को मेरठ में स्पेशल सीजेएम कोर्ट से 50 लाख का बांड भरकर रिहा कर दिया गया। इस मामले में आरोपी के अधिवक्ता अनुज शर्मा ने बताया कि हिरदेश राघव की सीजीएसटी से संबंधित मामले में उच्च न्यायालय इलाहाबाद में अग्रिम जमानत लंबित है और उसमें गिरफ्तारी स्टे का आदेश किया हुआ है। इसके बावजूद भी सीजीएसटी के अधिकारियों ने दो अगस्त को आरोपी के घर पर गिरफ्तारी के लिए टीम भेजी। अस्पताल से स्वास्थ्य जांच सर्टिफिकेट मिलने के बाद टीम ने हिरदेश को गिरफ्तार किया जबकि उनके साथी अरुण कुमार सोम को भी नेहरूनगर से गिरफ्तार किया गया।
मंगलवार को अदालत में रिमांड के लिए पेश किया। आरोपी के अधिवक्ता ने रिमांड का विरोध किया और कहा की जब उच्च न्यायालय ने गिरफ्तारी पर स्टे का आदेश दिया हुआ है तो ऐसे में अधिकारियों द्वारा गिरफ्तार करना कोर्ट की अवमानना की श्रेणी में आता है। जिस पर अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद 50 लाख के बांड दाखिल कर रिहा करने के आदेश दिए है। इस मामले में हिरदेश के भाई अनिल राघव ने बताया कि हिरदेश ब्लड प्रेशर की दिक्कत है। सोमवार को बीपी हाई होने पर उनको अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
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स्वस्थ होने पर ही कराई गई गिरफ्तारी
सेंट्रल जीएसटी के आयुक्त आलोक झा ने बताया कि हिरदेश की गिरफ्तारी के लिए टीम सुबह साढ़े छह बजे रवाना हुई थी। अस्पताल में भर्ती होने के बाद जब चिकित्सकों ने उनको स्वस्थ घोषित कर दिया तब जाकर देर शाम को गिरफ्तारी कराई गई।
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गाजियाबाद। सेंट्रल जीएसटी विभाग द्वारा सोमवार को गिरफ्तार किए गए कारोबारियों को मेरठ में स्पेशल सीजेएम कोर्ट से 50 लाख का बांड भरकर रिहा कर दिया गया। इस मामले में आरोपी के अधिवक्ता अनुज शर्मा ने बताया कि हिरदेश राघव की सीजीएसटी से संबंधित मामले में उच्च न्यायालय इलाहाबाद में अग्रिम जमानत लंबित है और उसमें गिरफ्तारी स्टे का आदेश किया हुआ है। इसके बावजूद भी सीजीएसटी के अधिकारियों ने दो अगस्त को आरोपी के घर पर गिरफ्तारी के लिए टीम भेजी। अस्पताल से स्वास्थ्य जांच सर्टिफिकेट मिलने के बाद टीम ने हिरदेश को गिरफ्तार किया जबकि उनके साथी अरुण कुमार सोम को भी नेहरूनगर से गिरफ्तार किया गया।
मंगलवार को अदालत में रिमांड के लिए पेश किया। आरोपी के अधिवक्ता ने रिमांड का विरोध किया और कहा की जब उच्च न्यायालय ने गिरफ्तारी पर स्टे का आदेश दिया हुआ है तो ऐसे में अधिकारियों द्वारा गिरफ्तार करना कोर्ट की अवमानना की श्रेणी में आता है। जिस पर अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद 50 लाख के बांड दाखिल कर रिहा करने के आदेश दिए है। इस मामले में हिरदेश के भाई अनिल राघव ने बताया कि हिरदेश ब्लड प्रेशर की दिक्कत है। सोमवार को बीपी हाई होने पर उनको अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
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स्वस्थ होने पर ही कराई गई गिरफ्तारी
सेंट्रल जीएसटी के आयुक्त आलोक झा ने बताया कि हिरदेश की गिरफ्तारी के लिए टीम सुबह साढ़े छह बजे रवाना हुई थी। अस्पताल में भर्ती होने के बाद जब चिकित्सकों ने उनको स्वस्थ घोषित कर दिया तब जाकर देर शाम को गिरफ्तारी कराई गई।
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