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छात्रा का अपहरण, परिजनों को बनाया बंधक
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छात्रा का अपहरण, परिजनों को बनाया बंधक
गाजियाबाद। कविनगर थानाक्षेत्र में रहने वाली नाबालिग छात्रा को पड़ोसी युवक अगवा कर लिया गया। पीड़ित परिजनों का आरोप है कि वह जिला रामपुर स्थित आरोपी केग्राम नया गांव गए तो वहां उन्हें आरोपी के परिजनों और ग्रामीणों ने बंधक बना लिया। इसके बाद ग्राम प्रधान के साले ने तमंचे की नोंक पर उनसे खाली कागज पर हस्ताक्षर करा लिए। वह रामपुर के थाने में गए तो पुलिस ने गाजियाबाद का मामला बताकर उन्हें भगा दिया। इसके बाद उन्होंने गाजियाबाद के अधिकारियों से गुहार लगाई। कविनगर पुलिस ने आरोपी युवक, उसकेपरिजनों व ग्राम प्रधान के साले के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
कविनगर क्षेत्र निवासी व्यक्ति का कहना है कि वह मेहनत-मजदूरी कर परिवार की आजीविका चलाता है। चार बेटियों में से तीन अविवाहित हैं। सबसे छोटी बेटी नाबालिग है और ग्यारहवीं कक्षा की छात्रा है। मूलरूप से रामपुर के गांव नया गांव टांडा निवासी विकास उनकेपड़ोस में रहता था। वह गत 24 मई को उनकी बेटी को अगवा करके ले गया। इतना ही नहीं, विकास ने उनकी बेटी से घर में रखे 50 हजार रुपये भी मंगवा लिए। उन्होंने विकास को फोन किया तो उसने उन्हें अपने गांव बुलाया। वह वहां पहुंचे तो वहां विकास के परिजनों ने ग्राम प्रधान व अन्य ग्रामीणों के साथ मिलकर उन्हें बंधक बना लिया। पीड़ित का कहना है कि आरोपियों ने उन्हें व उनके भाई को धमकाना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस तो क्या राष्ट्रपति भी उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकते।
खाली कागज पर हस्ताक्षर कराकर भगा दिया
छात्रा के परिजनों का कहना है कि आरोपियों ने उन्हें उनकी बेटी से नहीं मिलवाया। साथ ही ग्राम प्रधान के साले ने तमंचे से आतंकित कर उनसे खाली कागज पर हस्ताक्षर करा लिए। पीड़ित का कहना है कि उन्होंने रामपुर पुलिस से गुहार लगाई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद गाजियाबाद आकर पुलिस से शिकायत की। एसएचओ कविनगर अजय कुमार सिंह का कहना है कि तहरीर के आधार पर विकास, उसके माता-पिता तथा ग्राम प्रधान के साले के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
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गाजियाबाद। कविनगर थानाक्षेत्र में रहने वाली नाबालिग छात्रा को पड़ोसी युवक अगवा कर लिया गया। पीड़ित परिजनों का आरोप है कि वह जिला रामपुर स्थित आरोपी केग्राम नया गांव गए तो वहां उन्हें आरोपी के परिजनों और ग्रामीणों ने बंधक बना लिया। इसके बाद ग्राम प्रधान के साले ने तमंचे की नोंक पर उनसे खाली कागज पर हस्ताक्षर करा लिए। वह रामपुर के थाने में गए तो पुलिस ने गाजियाबाद का मामला बताकर उन्हें भगा दिया। इसके बाद उन्होंने गाजियाबाद के अधिकारियों से गुहार लगाई। कविनगर पुलिस ने आरोपी युवक, उसकेपरिजनों व ग्राम प्रधान के साले के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
कविनगर क्षेत्र निवासी व्यक्ति का कहना है कि वह मेहनत-मजदूरी कर परिवार की आजीविका चलाता है। चार बेटियों में से तीन अविवाहित हैं। सबसे छोटी बेटी नाबालिग है और ग्यारहवीं कक्षा की छात्रा है। मूलरूप से रामपुर के गांव नया गांव टांडा निवासी विकास उनकेपड़ोस में रहता था। वह गत 24 मई को उनकी बेटी को अगवा करके ले गया। इतना ही नहीं, विकास ने उनकी बेटी से घर में रखे 50 हजार रुपये भी मंगवा लिए। उन्होंने विकास को फोन किया तो उसने उन्हें अपने गांव बुलाया। वह वहां पहुंचे तो वहां विकास के परिजनों ने ग्राम प्रधान व अन्य ग्रामीणों के साथ मिलकर उन्हें बंधक बना लिया। पीड़ित का कहना है कि आरोपियों ने उन्हें व उनके भाई को धमकाना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस तो क्या राष्ट्रपति भी उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकते।
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खाली कागज पर हस्ताक्षर कराकर भगा दिया
छात्रा के परिजनों का कहना है कि आरोपियों ने उन्हें उनकी बेटी से नहीं मिलवाया। साथ ही ग्राम प्रधान के साले ने तमंचे से आतंकित कर उनसे खाली कागज पर हस्ताक्षर करा लिए। पीड़ित का कहना है कि उन्होंने रामपुर पुलिस से गुहार लगाई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद गाजियाबाद आकर पुलिस से शिकायत की। एसएचओ कविनगर अजय कुमार सिंह का कहना है कि तहरीर के आधार पर विकास, उसके माता-पिता तथा ग्राम प्रधान के साले के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
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