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इंदिरापुरम में आएगी तीन ग्रुप हाउसिंग योजना
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इंदिरापुरम में आएंगी तीन ग्रुप हाउसिंग योजनाएं
गाजियाबाद। जीडीए अब महीउद्दीनपुर कनावनी में इंदिरापुरम एक्सटेंशन योजना पर काम नहीं करेगा। प्राधिकरण की ओर से इंदिरापुरम योजना को ही आगे विस्तार दिया जाएगा। वर्तमान में जीडीए के पास क्षेत्र में करीब 35 एकड़ जमीन पर कब्जा है। यहां जीडीए के पास आठ ग्रुप हाउसिंग के भूखंड हैं। इनमें से तीन ग्रुप हाउसिंग योजना जल्द आएंगी। प्राधिकरण की ओर से करीब 3000 वर्ग मीटर के तीन भूखंडों की नीलामी प्रक्रिया शनिवार को आयोजित की जाएगी। इनके बाद बाकी ग्रुप हाउसिंग भूखंडों को आगामी नीलामी प्रक्रिया में शामिल किया जा सकता है।
प्राधिकरण की ओर से नए साल में इंदिरापुरम एक्सटेंशन की नई आवासीय योजना लाने का निर्णय लिया गया था। लेकिन आवासीय योजना के लिए भूखंड की एक साथ उपलब्धता सुनिश्चित नहीं होने के कारण इंदिरापुरम एक्सटेंशन योजना की जगह इंदिरापुरम योजना को ही विस्तार देने का प्लान बनाया गया है। ऐसे में ग्रुप हाउसिंग भूखंड़ों को इंदिरापुरम के सड़क, सीवर व पानी लाइन से जोड़ा जाएगा। बता दें कि जीडीए ने 2005 में इंदिरापुरम एक्सटेंशन योजना के लिए महीउद्दीनपुर कनावनी गांव में 280 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया था। बड़े मुआवजे की मांग को लेकर कई लोगों ने कोर्ट का रुख कर लिया। अधिक आर्थिक भार की संभावना के चलते जीडीए ने विवादित 220 एकड़ जमीन के डिनोटिफिकेशन का प्रस्ताव बोर्ड बैठक में पास करा शासन को भेज दिया है। अब जीडीए ने अपने पास करीब 60 एकड़ जमीन पर नई आवासीय योजना लाने की तैयारी की थी। लेकिन आवासीय योजना में एकल यूनिटों के भूखंडों के साथ मुख्य सड़क, पार्क, हरित पट्टियों आदि के सुनियोजित विकास के लिए एक साथ भूखंड की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं हो पाई है। ऐसे में जीडीए ने इंदिरापुरम योजना को ही विस्तार देने पर काम शुरू कर दिया है।
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ग्रुप हाउसिंग भूखंडों की कीमत एक नजर में
इंदिरापुरम एक्सटेंशन पर विराम लगने के बाद अब जीडीए ग्रुप हाउसिंग के भूखंडों की बिक्री की जाएगी। इंदिरापुरम योजना के तहत आवासीय भूखंड की कीमत 71 हजार प्रति वर्ग मीटर है। जबकि ग्रुप हाउसिंग के भूखंड की कीमत एक लाख रुपये प्रति वर्ग मीटर से अधिक रहेगी। शनिवार को होने वाली नीलामी प्रक्रिया में तीन ग्रुप हाउसिंग भूखंड को जगह दी जाएगी। इसमें जीडीए को करोड़ों की आय होने की उम्मीद जताई जा रही है। नीलामी की सफलता के बाद अगले माह अन्य ग्रुप हाउसिंग भूखंडों को जगह दी जाएगी।
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नोएडा-दिल्ली की मिनटों की दूरी, ग्रुप हाउसिंग होगी हिट
इंदिरापुरम योजना के नोएडा से सटे होने और दिल्ली से मिनटों की दूरी होने से ग्रुप हाउसिंग योजना को लोगों का अच्छा रुझान मिलेगा। इंदिरापुरम से लोग मिनटों में अपने ऑफिस और अन्य गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। योजना से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के सटा होने से भी लाभ मिलेगा। दूसरी ओर सालों बाद जीडीए की ओर से लाई जा रही योजना को लोगों के हाथोंहाथ लेने की उम्मीद है। जीडीए की मंशा बड़े ग्रुप हाउसिंग भूखंड बेचकर योजना को जल्द विकसित करने की है।
इंदिरापुरम योजना को ही विस्तार देते हुए पहले तीन ग्रुप हाउसिंग भूखंडों की नीलामी की जाएगी। - कंचन वर्मा, उपाध्यक्ष, जीडीए
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गाजियाबाद। जीडीए अब महीउद्दीनपुर कनावनी में इंदिरापुरम एक्सटेंशन योजना पर काम नहीं करेगा। प्राधिकरण की ओर से इंदिरापुरम योजना को ही आगे विस्तार दिया जाएगा। वर्तमान में जीडीए के पास क्षेत्र में करीब 35 एकड़ जमीन पर कब्जा है। यहां जीडीए के पास आठ ग्रुप हाउसिंग के भूखंड हैं। इनमें से तीन ग्रुप हाउसिंग योजना जल्द आएंगी। प्राधिकरण की ओर से करीब 3000 वर्ग मीटर के तीन भूखंडों की नीलामी प्रक्रिया शनिवार को आयोजित की जाएगी। इनके बाद बाकी ग्रुप हाउसिंग भूखंडों को आगामी नीलामी प्रक्रिया में शामिल किया जा सकता है।
प्राधिकरण की ओर से नए साल में इंदिरापुरम एक्सटेंशन की नई आवासीय योजना लाने का निर्णय लिया गया था। लेकिन आवासीय योजना के लिए भूखंड की एक साथ उपलब्धता सुनिश्चित नहीं होने के कारण इंदिरापुरम एक्सटेंशन योजना की जगह इंदिरापुरम योजना को ही विस्तार देने का प्लान बनाया गया है। ऐसे में ग्रुप हाउसिंग भूखंड़ों को इंदिरापुरम के सड़क, सीवर व पानी लाइन से जोड़ा जाएगा। बता दें कि जीडीए ने 2005 में इंदिरापुरम एक्सटेंशन योजना के लिए महीउद्दीनपुर कनावनी गांव में 280 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया था। बड़े मुआवजे की मांग को लेकर कई लोगों ने कोर्ट का रुख कर लिया। अधिक आर्थिक भार की संभावना के चलते जीडीए ने विवादित 220 एकड़ जमीन के डिनोटिफिकेशन का प्रस्ताव बोर्ड बैठक में पास करा शासन को भेज दिया है। अब जीडीए ने अपने पास करीब 60 एकड़ जमीन पर नई आवासीय योजना लाने की तैयारी की थी। लेकिन आवासीय योजना में एकल यूनिटों के भूखंडों के साथ मुख्य सड़क, पार्क, हरित पट्टियों आदि के सुनियोजित विकास के लिए एक साथ भूखंड की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं हो पाई है। ऐसे में जीडीए ने इंदिरापुरम योजना को ही विस्तार देने पर काम शुरू कर दिया है।
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ग्रुप हाउसिंग भूखंडों की कीमत एक नजर में
इंदिरापुरम एक्सटेंशन पर विराम लगने के बाद अब जीडीए ग्रुप हाउसिंग के भूखंडों की बिक्री की जाएगी। इंदिरापुरम योजना के तहत आवासीय भूखंड की कीमत 71 हजार प्रति वर्ग मीटर है। जबकि ग्रुप हाउसिंग के भूखंड की कीमत एक लाख रुपये प्रति वर्ग मीटर से अधिक रहेगी। शनिवार को होने वाली नीलामी प्रक्रिया में तीन ग्रुप हाउसिंग भूखंड को जगह दी जाएगी। इसमें जीडीए को करोड़ों की आय होने की उम्मीद जताई जा रही है। नीलामी की सफलता के बाद अगले माह अन्य ग्रुप हाउसिंग भूखंडों को जगह दी जाएगी।
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नोएडा-दिल्ली की मिनटों की दूरी, ग्रुप हाउसिंग होगी हिट
इंदिरापुरम योजना के नोएडा से सटे होने और दिल्ली से मिनटों की दूरी होने से ग्रुप हाउसिंग योजना को लोगों का अच्छा रुझान मिलेगा। इंदिरापुरम से लोग मिनटों में अपने ऑफिस और अन्य गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। योजना से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के सटा होने से भी लाभ मिलेगा। दूसरी ओर सालों बाद जीडीए की ओर से लाई जा रही योजना को लोगों के हाथोंहाथ लेने की उम्मीद है। जीडीए की मंशा बड़े ग्रुप हाउसिंग भूखंड बेचकर योजना को जल्द विकसित करने की है।
इंदिरापुरम योजना को ही विस्तार देते हुए पहले तीन ग्रुप हाउसिंग भूखंडों की नीलामी की जाएगी। - कंचन वर्मा, उपाध्यक्ष, जीडीए