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जीडीए ने चिह्नित की कब्जे वाली जमीन, अब चलेगा बुलडोजर
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जीडीए की 255 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा, जल्द चलेगा बुलडोजर
गाजियाबाद। एंटी भू-माफिया अभियान के तहत जीडीए अवैध कब्जे वाली भूमि को खाली कराएगा। जीडीए की सभी आठ जोन में करीब 255 एकड़ भूमि अवैध कब्जे में है। जीडीए ने जोनवार सर्वे कर ऐसी जमीन को चिह्नित किया है। अब जीडीए इंद्रप्रस्थ योजना, प्रताप विहार, नंदग्राम, गोविंदपुरम में चिह्नित की गई जमीन को खाली कराएगा। अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलेगा।
दूसरी ओर, प्राधिकरण के प्रवर्तन अनुभाग ने ऐसी जमीन भी चिह्नित की है, जहां न तो कोई कानूनी विवाद है, लेकिन पैसा लेकर जमीन को अब तक छोड़ा नही गया है। ऐसी जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त किया जाएगा। वहीं, कानूनी मामलों में जो जमीन फंसी हैं, उसकी गंभीरता से कोर्ट में पैरवी करने के जीडीए उपाध्यक्ष ने निर्देश दिए हैं। जल्द इन जमीनों पर कब्जा लिया जाएगा। शासन की कड़ाई के बाद जीडीए उपाध्यक्ष ने सभी जोनल प्रभारियों को डेढ़ सप्ताह में जमीन चिह्नित करने के निर्देश दिए थे। जमीन को तीन श्रेणियों में विभाजित कर अभियान की रूपरेखा बनाई है। पहली श्रेणी में ऐसी जमीन है, जहां आबादी अब बस चुकी है। ऐसी जमीन पर कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखकर अनुमति मांगी जाएगी। दूसरी श्रेणी में ऐसी जमीन है, जहां कानूनी विवाद चल रहा है। इन जमीनों को कब्जे से मुक्त कराने के लिए पैरवी की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। तीसरी श्रेणी में कब्जा मुक्त कराई जा सकने वाली जमीन को शामिल हैं। पहले चरण में इंद्रप्रस्थ, प्रताप विहार, नंदग्राम, गोविंदपुरम में चिह्नित की गई जमीन को कब्जे से मुक्त कराया जाएगा।
अवैध कब्जे का भाजपा पार्षद ने उठाया था मुद्दा
भाजपा पार्षद राजेंद्र त्यागी ने जीडीए की जमीन पर अवैध कब्जा होने का बीते साल मामला उठाया था। उन्होंने नेहरूनगर के ई-ब्लॉक पार्क में 16 सालों से अवैध कब्जा होने की बात कही थी। पार्क में अवैध कब्जे पर 2002 में जीडीए की ओर से नोटिस जारी करने और फिर अधिकारियों के हाथ पर हाथ धरे बैठे रहने का आरोप लगाया। उन्होंने शासन की ओर से गठित की एंटी भू-माफिया टॉस्क फोर्स के सही से काम नहीं करने की बात कहते हुए महानगर में जीडीए के साथ नगर निगम की कई हेक्टेयर जमीन पर अवैध कब्जा होने की बात कही थी।
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एंटी भू-माफिया अभियान के तहत विभिन्न क्षेत्रों में कब्जे वाली जमीन चिह्नित की गई है। इन जमीनों पर कोई कानूनी अड़चन न होने से इन्हें जल्द खाली कराया जाएगा। कानूनी मामलों में फंसी जमीन पर कब्जा लेने के लिए पैरवी की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा। - कंचन वर्मा, उपाध्यक्ष, जीडीए
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गाजियाबाद। एंटी भू-माफिया अभियान के तहत जीडीए अवैध कब्जे वाली भूमि को खाली कराएगा। जीडीए की सभी आठ जोन में करीब 255 एकड़ भूमि अवैध कब्जे में है। जीडीए ने जोनवार सर्वे कर ऐसी जमीन को चिह्नित किया है। अब जीडीए इंद्रप्रस्थ योजना, प्रताप विहार, नंदग्राम, गोविंदपुरम में चिह्नित की गई जमीन को खाली कराएगा। अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलेगा।
दूसरी ओर, प्राधिकरण के प्रवर्तन अनुभाग ने ऐसी जमीन भी चिह्नित की है, जहां न तो कोई कानूनी विवाद है, लेकिन पैसा लेकर जमीन को अब तक छोड़ा नही गया है। ऐसी जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त किया जाएगा। वहीं, कानूनी मामलों में जो जमीन फंसी हैं, उसकी गंभीरता से कोर्ट में पैरवी करने के जीडीए उपाध्यक्ष ने निर्देश दिए हैं। जल्द इन जमीनों पर कब्जा लिया जाएगा। शासन की कड़ाई के बाद जीडीए उपाध्यक्ष ने सभी जोनल प्रभारियों को डेढ़ सप्ताह में जमीन चिह्नित करने के निर्देश दिए थे। जमीन को तीन श्रेणियों में विभाजित कर अभियान की रूपरेखा बनाई है। पहली श्रेणी में ऐसी जमीन है, जहां आबादी अब बस चुकी है। ऐसी जमीन पर कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखकर अनुमति मांगी जाएगी। दूसरी श्रेणी में ऐसी जमीन है, जहां कानूनी विवाद चल रहा है। इन जमीनों को कब्जे से मुक्त कराने के लिए पैरवी की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। तीसरी श्रेणी में कब्जा मुक्त कराई जा सकने वाली जमीन को शामिल हैं। पहले चरण में इंद्रप्रस्थ, प्रताप विहार, नंदग्राम, गोविंदपुरम में चिह्नित की गई जमीन को कब्जे से मुक्त कराया जाएगा।
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अवैध कब्जे का भाजपा पार्षद ने उठाया था मुद्दा
भाजपा पार्षद राजेंद्र त्यागी ने जीडीए की जमीन पर अवैध कब्जा होने का बीते साल मामला उठाया था। उन्होंने नेहरूनगर के ई-ब्लॉक पार्क में 16 सालों से अवैध कब्जा होने की बात कही थी। पार्क में अवैध कब्जे पर 2002 में जीडीए की ओर से नोटिस जारी करने और फिर अधिकारियों के हाथ पर हाथ धरे बैठे रहने का आरोप लगाया। उन्होंने शासन की ओर से गठित की एंटी भू-माफिया टॉस्क फोर्स के सही से काम नहीं करने की बात कहते हुए महानगर में जीडीए के साथ नगर निगम की कई हेक्टेयर जमीन पर अवैध कब्जा होने की बात कही थी।
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एंटी भू-माफिया अभियान के तहत विभिन्न क्षेत्रों में कब्जे वाली जमीन चिह्नित की गई है। इन जमीनों पर कोई कानूनी अड़चन न होने से इन्हें जल्द खाली कराया जाएगा। कानूनी मामलों में फंसी जमीन पर कब्जा लेने के लिए पैरवी की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा। - कंचन वर्मा, उपाध्यक्ष, जीडीए