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बाबू सिंह कुशवाहा पर चलेगा मुकदमा
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पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा पर चलेगा मुकदमा
गाजियाबाद। सीबीआई की विशेष अदालत में सोमवार को एनआरएचएम घोटाले से जुड़े केस में सुनवाई हुई। विशेष न्यायाधीश अमित वीर सिंह की अदालत में पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा पर आरोप पत्र तय किए गए। अब उनके खिलाफ मुकदमा चलेगा। पिछली सुनवाई पर अदालत ने पूर्व मंत्री की ओर से दी गई डिस्चार्ज अर्जी को सुनवाई के बाद खारिज कर दिया था। केस की अगली सुनवाई 16 अक्तूबर को होगी।
सीबीआई के लोक अभियोजक बीके सिंह ने बताया कि वर्ष 2010-11 में एनआरएचएम के तहत प्रदेश के जनपदों के अस्पतालों के प्रचार-प्रसार के लिए होर्डिंग, बैनर समेत अन्य साम्रगी लगाई जानी थी। इसके के लिए प्रदेश सरकार ने करोड़ों रुपये दिए थे। आरोप है कि पूर्व डायरेक्टर अभय कुमार वाजपेयी, संजीव कुमार, अरुण दीक्षित, रजनी जैन और सौरभ जैन ने इसमें करीब चार करोड़ रुपये की हेराफेरी की थी। इस मामले में सूत्रों से सीबीआई को जानकारी हुई। इसके बाद सीबीआई ने मामले की जांच की और जांच पूरी होने के बाद अभय कुमार वाजपेयी समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट अदालत में पेश कर दी। इसके बाद सीबीआई ने इस मामले में एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट भी अदालत में पेश की, जिसमें सीबीआई ने पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा को आरोपी बनाया। इस मामले में कुशवाहा की ओर से डिस्चार्ज अर्जी अदालत में दी गई, जिसे अदालत ने खारिज कर आरोपी मंत्री के खिलाफ चार्जफ्रेम किए। अब आरोपी के खिलाफ अदालत में मुकदमा चलेगा। वहीं, अभय कुमार वाजपेयी से जुड़े एक केस में बाबू सिंह कुशवाहा पेश हुए, जबकि पूर्व प्रमुख सचिव प्रदीप शुक्ला गैरहाजिर रहे, जिनकी ओर से हाजिरी माफी पत्र अदालत में दिया गया। वहीं, गवाह के नहीं आने के कारण सुनवाई 16 अक्तूबर तक के लिए टल गई।
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गाजियाबाद। सीबीआई की विशेष अदालत में सोमवार को एनआरएचएम घोटाले से जुड़े केस में सुनवाई हुई। विशेष न्यायाधीश अमित वीर सिंह की अदालत में पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा पर आरोप पत्र तय किए गए। अब उनके खिलाफ मुकदमा चलेगा। पिछली सुनवाई पर अदालत ने पूर्व मंत्री की ओर से दी गई डिस्चार्ज अर्जी को सुनवाई के बाद खारिज कर दिया था। केस की अगली सुनवाई 16 अक्तूबर को होगी।
सीबीआई के लोक अभियोजक बीके सिंह ने बताया कि वर्ष 2010-11 में एनआरएचएम के तहत प्रदेश के जनपदों के अस्पतालों के प्रचार-प्रसार के लिए होर्डिंग, बैनर समेत अन्य साम्रगी लगाई जानी थी। इसके के लिए प्रदेश सरकार ने करोड़ों रुपये दिए थे। आरोप है कि पूर्व डायरेक्टर अभय कुमार वाजपेयी, संजीव कुमार, अरुण दीक्षित, रजनी जैन और सौरभ जैन ने इसमें करीब चार करोड़ रुपये की हेराफेरी की थी। इस मामले में सूत्रों से सीबीआई को जानकारी हुई। इसके बाद सीबीआई ने मामले की जांच की और जांच पूरी होने के बाद अभय कुमार वाजपेयी समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट अदालत में पेश कर दी। इसके बाद सीबीआई ने इस मामले में एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट भी अदालत में पेश की, जिसमें सीबीआई ने पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा को आरोपी बनाया। इस मामले में कुशवाहा की ओर से डिस्चार्ज अर्जी अदालत में दी गई, जिसे अदालत ने खारिज कर आरोपी मंत्री के खिलाफ चार्जफ्रेम किए। अब आरोपी के खिलाफ अदालत में मुकदमा चलेगा। वहीं, अभय कुमार वाजपेयी से जुड़े एक केस में बाबू सिंह कुशवाहा पेश हुए, जबकि पूर्व प्रमुख सचिव प्रदीप शुक्ला गैरहाजिर रहे, जिनकी ओर से हाजिरी माफी पत्र अदालत में दिया गया। वहीं, गवाह के नहीं आने के कारण सुनवाई 16 अक्तूबर तक के लिए टल गई।
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