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रिटायर्ड एसआई के खाते से दो दिन में उड़ाए साढ़े 17 लाख
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रिटायर्ड एसआई के खाते से दो दिन में उड़ाए साढ़े 17 लाख
गाजियाबाद। नंदग्राम निवासी रिटायर्ड एसआई के खाते से साइबर ठगों ने साढ़े 17 लाख रुपये साफ कर दिए। ठगों ने पहले एसआई का एटीएम ब्लॉक कराया और फिर बैंक में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर बदलवा दिया। इसके बाद दो दिन में ही कई इंटरनेट बैंकिंग और एटीएम के जरिये खाते से रकम साफ कर दी। परिचित को दिया चेक कैश न होने पर बैंक जाने पर घटना का पता चला। पीड़ित की तहरीर पर नंदग्राम पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नंदग्राम निवासी विकास कुमार का कहना है कि उनके पिता देवेंद्र सिंह बालियान यूपी पुलिस के रिटायर्ड एसआई हैं। उनका सैलरी अकाउंट कलक्ट्रेट परिसर स्थित एसबीआई शाखा में है। बीते 13 जून को उनके मोबाइल पर मैसेज आया, जिसमें एटीएम कार्ड ब्लॉक होने का जिक्र था। उनके पिता उसी दिन पैसे निकालने के लिए एटीएम पर पहुंचे, लेकिन रकम नहीं निकली। उसी दिन वह बैंक भी गए, लेकिन भीड़भाड़ होने के कारण वहां से लौट आए। विकास का कहना है कि उनके पिता ने एक परिचित को डेढ़ लाख रुपये का चेक दिया था। परिचित ने फोन कर कैश न होने की शिकायत की। इस पर वह 14 जून को बैंक गए और जानकारी ली तो पैरों तले जमीन खिसक गई।
एटीएम ब्लॉक और मोबाइल नंबर बदला मिला
विकास के मुताबिक बैंक कर्मियों ने पिता को बताया कि उनका एटीएम ब्लॉक हो गया है और बैंक में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर भी बदल दिया गया है। साथ ही पता चला कि 13 पर 14 जून को कई ट्रांजैक्शन में 17 लाख 40 हजार रुपये भी निकाले गए हैं। सारी रकम नेट बैंकिंग और पेटीएम के जरिये निकाली गई है। इसके बाद उन्होंने नंदग्राम थाने जाकर रिपोर्ट दर्ज कराई।
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आज तक नहीं इस्तेमाल की इंटरनेट बैंकिंग
विकास कुमार ने पिता के खाते से साढ़े 17 लाख रुपये निकलने के पीछे बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत बताई है। उनका कहना है कि किसी उपभोक्ता का एटीएम ब्लॉक कर दिया गया और उसका रजिस्टर्ड नंबर बदल दिया गया, लेकिन उपभोक्ता को बताया तक नहीं। इसके अलावा दो दिन में मोटी रकम खाते से निकल गई, लेकिन बैंक ने पीड़ित को सूचना तक नहीं दी। साथ ही आज तक उनके पिता ने इंटरनेट बैंकिंग इस्तेमाल नहीं की। इसके बावजूद खाते से रकम उड़ गई।
कोट.....
एटीएम ब्लॉक कराकर व रजिस्टर्ड नंबर बदलकर खाते से साढ़े 17 लाख रुपये निकाल लेना गंभीर मामला है। केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। बैंक कर्मियों की भूमिका की जांच भी की जाएगी। घटना के खुलासे में साइबर सेल की मदद भी ली जा रही है।
- अवनीश कुमार, सीओ द्वितीय
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गाजियाबाद। नंदग्राम निवासी रिटायर्ड एसआई के खाते से साइबर ठगों ने साढ़े 17 लाख रुपये साफ कर दिए। ठगों ने पहले एसआई का एटीएम ब्लॉक कराया और फिर बैंक में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर बदलवा दिया। इसके बाद दो दिन में ही कई इंटरनेट बैंकिंग और एटीएम के जरिये खाते से रकम साफ कर दी। परिचित को दिया चेक कैश न होने पर बैंक जाने पर घटना का पता चला। पीड़ित की तहरीर पर नंदग्राम पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नंदग्राम निवासी विकास कुमार का कहना है कि उनके पिता देवेंद्र सिंह बालियान यूपी पुलिस के रिटायर्ड एसआई हैं। उनका सैलरी अकाउंट कलक्ट्रेट परिसर स्थित एसबीआई शाखा में है। बीते 13 जून को उनके मोबाइल पर मैसेज आया, जिसमें एटीएम कार्ड ब्लॉक होने का जिक्र था। उनके पिता उसी दिन पैसे निकालने के लिए एटीएम पर पहुंचे, लेकिन रकम नहीं निकली। उसी दिन वह बैंक भी गए, लेकिन भीड़भाड़ होने के कारण वहां से लौट आए। विकास का कहना है कि उनके पिता ने एक परिचित को डेढ़ लाख रुपये का चेक दिया था। परिचित ने फोन कर कैश न होने की शिकायत की। इस पर वह 14 जून को बैंक गए और जानकारी ली तो पैरों तले जमीन खिसक गई।
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एटीएम ब्लॉक और मोबाइल नंबर बदला मिला
विकास के मुताबिक बैंक कर्मियों ने पिता को बताया कि उनका एटीएम ब्लॉक हो गया है और बैंक में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर भी बदल दिया गया है। साथ ही पता चला कि 13 पर 14 जून को कई ट्रांजैक्शन में 17 लाख 40 हजार रुपये भी निकाले गए हैं। सारी रकम नेट बैंकिंग और पेटीएम के जरिये निकाली गई है। इसके बाद उन्होंने नंदग्राम थाने जाकर रिपोर्ट दर्ज कराई।
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आज तक नहीं इस्तेमाल की इंटरनेट बैंकिंग
विकास कुमार ने पिता के खाते से साढ़े 17 लाख रुपये निकलने के पीछे बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत बताई है। उनका कहना है कि किसी उपभोक्ता का एटीएम ब्लॉक कर दिया गया और उसका रजिस्टर्ड नंबर बदल दिया गया, लेकिन उपभोक्ता को बताया तक नहीं। इसके अलावा दो दिन में मोटी रकम खाते से निकल गई, लेकिन बैंक ने पीड़ित को सूचना तक नहीं दी। साथ ही आज तक उनके पिता ने इंटरनेट बैंकिंग इस्तेमाल नहीं की। इसके बावजूद खाते से रकम उड़ गई।
कोट.....
एटीएम ब्लॉक कराकर व रजिस्टर्ड नंबर बदलकर खाते से साढ़े 17 लाख रुपये निकाल लेना गंभीर मामला है। केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। बैंक कर्मियों की भूमिका की जांच भी की जाएगी। घटना के खुलासे में साइबर सेल की मदद भी ली जा रही है।
- अवनीश कुमार, सीओ द्वितीय