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बिना छात्राओं के कस्तूरबा विद्यालय में खर्च कर दिए १८ लाख

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 30 May 2021 01:13 AM IST
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बिना छात्राओं के कस्तूरबा विद्यालयों में खर्च कर दिए 18 लाख
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गाजियाबाद। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में 18 लाख रुपये की गड़बड़ी का मामला सामने आया है। विभागीय अधिकारियों ने छात्राओं की अनुपस्थिति के बाद भी भोजन, स्टेशनरी और मेडिकल मद में 18 लाख रुपये की धनराशि खर्च कर दी है। चार विद्यालयों की 400 छात्राओं पर यह खर्च दिखाकर रुपये निकाले गए हैं। राज्य परियोजना निदेशक बेसिक शिक्षा ने विभाग के अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने कहा है कि जब छात्राएं विद्यालय में उपस्थित ही नहीं रहीं तो इतनी मोटी रकम किस आधार पर खर्च की गई है।
जिले में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय रजापुर, मुरादनगर, मुकीमपुर और लोनी में संचालित किए जा रहे हैं। इन विद्यालयों में 400 छात्राएं पंजीकृत हैं। सभी का खाने से लेकर पहनने और रहने तक का खर्च सरकार उठाती है। विभिन्न मदों में लाखों रुपये आते हैं। जो छात्राओं केभोजन, सब्जी, स्वास्थ्य, स्टेशनरी पर खर्च होता है। सरकार ने कस्तूरबा विद्यालयों में गड़बड़ी को रोकने के लिए मिशन प्रेरणा के तहत छात्राओं की आनलाइन हाजिरी लगाने की प्रक्रिया शुरू की। साथ ही उनके फोटो भी एप पर अपलोड करने थे, लेकिन गाजियाबाद जिले से न तो छात्राओं की ऑनलाइन हाजिरी भरी गई और न ही उनके फोटो अपलोड किए गए। बिना छात्राओं की उपस्थिति के ही करीब 18 लाख रुपये से अधिक की धनराशि को जनवरी से मार्च 2020-21 के बीच निकाल लिया गया। इस धनराशि को खर्च भी कर दिया गया।
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- उपस्थिति कि आधार पर ही खर्च कर सकते हैं राशि
प्रेरणा पोर्टल पर छात्राओं की प्रतिदिन की उपस्थिति के आधार पर ही अवमुक्त धनराशि का भुगतान सुनिश्चित किया जा सकता है। इसके लिए वार्डन, जिला समन्वयक बालिका शिक्षा, सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी होंगे। राज्य परियोजना निदेशक बेसिक शिक्षा विजय किरण आनंद ने जारी कि आदेश में लिखा है कि छात्राओं की उपस्थिति प्रेरणा पोर्टल पर दर्ज न होने के बावजूद भोजन मद, मेडिकल केयर, स्टेशनरी एवं शिक्षा सामग्री मद में लगभग शतप्रतिशत धनराशि का भुगतान किया गया है। वित्तीय अनियमित्ता का घोतक है।
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- शासन ने इन बिंदुओं पर मांगा विवरण
प्रेरणा पोर्टल पर छात्राओं की उपस्थिति की संख्या दोपहर और शाम को भोजन के समय, वार्डन द्वारा प्रस्तुत मांग पत्र की प्रति, बीएसए द्वारा निर्गत आदेश की कॉपी, क्रियादेश के सापेक्ष आपूर्ति सामग्री का विवरण, जनपदीय कमेटी की सत्यापन आख्या, दूध सब्जियां, मौसमी फल आदि बिना टेंडर से क्रय की गुणवत्ता एवं मात्रा की जांच विद्यालय स्तर पर चार सदस्यीय कमेटी की सत्यापन रिपोर्ट दी जाए। साथ ही भुगतान की धनराशि की नोटशीट की छाया प्रति यदि भुगतान 1 लाख रुपये से अधिक है तो उस पर सीडीओ एवं जिलाधिकारी का अनुमोदन, स्टाक पंजिका की छायाप्रति, छात्राओं को दैनिक उपभोग की सामग्री एवं स्टेशनरी वितरण प्राप्ति की प्रति प्रस्तुत 15 जून तक राज्य परियोजना कार्यालय को उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं।

तकनीकी कारणों से प्रेरणा पोर्टल पर छात्राओं की उपस्थिति और फोटो अपलोड नहीं हो पाए थे। उस दौरान सभी छात्राएं उपस्थित रहीं थी। जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने निरीक्षण भी किया था। सीसीटीवी कैमरे की सभी रिकार्डिंग हैं। हमारे स्तर से कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। सभी बिंदुओं पर रिपोर्ट उपलब्ध कराई जा रही है।
गौरव त्यागी, जिला समन्वयक बालिका शिक्ष्रा
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