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गांव में आने वाले सांसद-विधायक को खाना खिलाकर किसान पूछेंगे सवाल : राकेश टिकैत
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आंदोलन की रणनीति तय करते राकेश टिकैत।
- फोटो : GHAZIABAD City
गांव में आने वाले सांसद-विधायक को खाना खिलाकर किसान पूछेंगे सवाल : राकेश टिकैत
साहिबाबाद। कृषि कानूनों को समझाने के लिए सांसद और विधायकों को गांव भेजने की सरकार की योजना पर भाकियू ने भी अब रणनीति बनाई है। राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि गांव में जिसके भी घर पर नेता आएंगे। उस घर के किसान को नेता के साथ आने वाले स्टाफ व अन्य सौ लोगों को भी खाना खिलाना होगा। उसके बाद नेताओं से सवाल पूछे जाएंगे। तीनों कानूनों के विरोध में इसे किसानों का सांकेतिक विरोध माना जा रहा है। वहीं बिजनौर के किसान द्वारा फसल जोतने पर राकेश टिकैत ने इसे सभी का नुकसान बताया और किसानों से ऐसा न करने की अपील की।
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि सुबह पांच बजे महाराष्ट्र जाने के लिए वह एयरपोर्ट पहुंच गए थे। लेकिन सात बजे की फ्लाइट कई घंटे लेट हो गई। इसी बीच वहां कोरोना से लॉकडाउन भी घोषित हो गया। जिस कारण उन्होंने महाराष्ट्र जाने का दौरा रद्द कर दिया। इसके बाद उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट पर ही उनके पास किसी का फोन आया, उस कॉलर ने अपने आप को एसएसपी बताया और महाराष्ट्र जाने पर क्वारंटीन होने की बात कही। मगर बाद में जांच कराने पर पता चला कि यह किसी अधिकारी का फोन नहीं था।
फसल बर्बाद न करें किसाल
शनिवार सुबह एक वीडियो वायरल हुई कि बिजनौर का एक किसान अपने ट्रैक्टर से खेत में तैयार फसल को जोत रहा था। इससे काफी फसल बेकार हो गई। किसानों के बीच इस बात को लेकर चर्चा तेज हो गई। जिस पर राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि ऐसे काम से अपना ही नुकसान होता है। यह देश का अन्न है, किसानों की रोजी-रोटी है। उन्होंने अपील की कि कोई भी किसान ऐसा काम बिल्कुल न करे। इस बीच उन्होंने यह भी कहा कि जब एमएसपी नहीं मिल रही तो किसान कहां पर फसल को डालेगा। उसका परिवार कैसे चलेगा। राकेश टिकैत ने यह भी कहा कि जब किसी खेत में पैदावार ज्यादा होती है फिर उसमें फसल बेकार होने का डर रहता है तो फिर सरकारें ज्यादा जमीन को खाली छोड़ देती है और उसके लिए एक मुआवजा दिया जाता है। लेकिन यह सब प्रक्रिया सरकारों की तरफ से बंद हैं। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि भाकियू ने निर्णय लिया है कि जो भी किसान आंदोलन स्थल पर रहेगा। उसके खेत की कटाई गांव में कमेटी करेगी।
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यूपी गेट पर होगा समारोह
राकेश टिकैत ने बताया कि यूपी गेट पर एक मीडिया सेंटर बनाया गया है। इसके पास ही आगामी 2 मार्च को एक जोड़े की रिंग सेरेमनी आयोजित होगी। इस तरह कार्यक्रम में बचने वाले पैसे को रिलीफ फंड में 51-51 हजार रुपये का चेक लड़के व लड़की पक्ष की तरफ से डीएम के माध्यम से जमा कराया जाएगा। यह किसानों की तरफ से सहायता राशि होगी जिससे अन्य किसानों का भला होगा।
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साहिबाबाद। कृषि कानूनों को समझाने के लिए सांसद और विधायकों को गांव भेजने की सरकार की योजना पर भाकियू ने भी अब रणनीति बनाई है। राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि गांव में जिसके भी घर पर नेता आएंगे। उस घर के किसान को नेता के साथ आने वाले स्टाफ व अन्य सौ लोगों को भी खाना खिलाना होगा। उसके बाद नेताओं से सवाल पूछे जाएंगे। तीनों कानूनों के विरोध में इसे किसानों का सांकेतिक विरोध माना जा रहा है। वहीं बिजनौर के किसान द्वारा फसल जोतने पर राकेश टिकैत ने इसे सभी का नुकसान बताया और किसानों से ऐसा न करने की अपील की।
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि सुबह पांच बजे महाराष्ट्र जाने के लिए वह एयरपोर्ट पहुंच गए थे। लेकिन सात बजे की फ्लाइट कई घंटे लेट हो गई। इसी बीच वहां कोरोना से लॉकडाउन भी घोषित हो गया। जिस कारण उन्होंने महाराष्ट्र जाने का दौरा रद्द कर दिया। इसके बाद उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट पर ही उनके पास किसी का फोन आया, उस कॉलर ने अपने आप को एसएसपी बताया और महाराष्ट्र जाने पर क्वारंटीन होने की बात कही। मगर बाद में जांच कराने पर पता चला कि यह किसी अधिकारी का फोन नहीं था।
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फसल बर्बाद न करें किसाल
शनिवार सुबह एक वीडियो वायरल हुई कि बिजनौर का एक किसान अपने ट्रैक्टर से खेत में तैयार फसल को जोत रहा था। इससे काफी फसल बेकार हो गई। किसानों के बीच इस बात को लेकर चर्चा तेज हो गई। जिस पर राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि ऐसे काम से अपना ही नुकसान होता है। यह देश का अन्न है, किसानों की रोजी-रोटी है। उन्होंने अपील की कि कोई भी किसान ऐसा काम बिल्कुल न करे। इस बीच उन्होंने यह भी कहा कि जब एमएसपी नहीं मिल रही तो किसान कहां पर फसल को डालेगा। उसका परिवार कैसे चलेगा। राकेश टिकैत ने यह भी कहा कि जब किसी खेत में पैदावार ज्यादा होती है फिर उसमें फसल बेकार होने का डर रहता है तो फिर सरकारें ज्यादा जमीन को खाली छोड़ देती है और उसके लिए एक मुआवजा दिया जाता है। लेकिन यह सब प्रक्रिया सरकारों की तरफ से बंद हैं। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि भाकियू ने निर्णय लिया है कि जो भी किसान आंदोलन स्थल पर रहेगा। उसके खेत की कटाई गांव में कमेटी करेगी।
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यूपी गेट पर होगा समारोह
राकेश टिकैत ने बताया कि यूपी गेट पर एक मीडिया सेंटर बनाया गया है। इसके पास ही आगामी 2 मार्च को एक जोड़े की रिंग सेरेमनी आयोजित होगी। इस तरह कार्यक्रम में बचने वाले पैसे को रिलीफ फंड में 51-51 हजार रुपये का चेक लड़के व लड़की पक्ष की तरफ से डीएम के माध्यम से जमा कराया जाएगा। यह किसानों की तरफ से सहायता राशि होगी जिससे अन्य किसानों का भला होगा।