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विद्युत निगम के 1200 अधिकारी-कर्मचारी हड़ताल पर, प्रशासन अलर्ट
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विद्युत निगम के 1200 अधिकारी-कर्मचारी हड़ताल पर, प्रशासन अलर्ट
गाजियाबाद। पूर्वांचल में विभाग के निजीकरण के प्रस्ताव का विरोध कर रहे विद्युत निगम के कर्मचारी सोमवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे। जिले में कार्यरत करीब 1200 अधिकारी व कर्मचारियों के एक साथ हड़ताल पर जाने से विद्युत आपूर्ति बाधित होने की आशंका है। हड़ताल को देखते हुए जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है। पूरे जिले को छह जोन में बांटकर अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। स्थिति पर नजर रखने के लिए मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) को नोडल प्रभारी बनाया गया है। उधर, शासन की तरफ से उन फर्मों के नाम भी जिलों को उपलब्ध कराएं गए हैं जो पूर्व में मेंटेनेंस का काम देखती रही हैं। आपात स्थिति में प्रशासन की तरफ से विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए इन फर्मों की मदद ली जाएगी।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले पिछले 10 दिनों से विद्युत कर्मी आंदोलन कर रहे हैं। तीन घंटे कार्य बहिष्कार के बाद अब सोमवार से पूरे दिन कार्य का बहिष्कार होगा, जिससे उपभोक्ताओं की मुश्किल भी बढ़ सकती है। समिति के पदाधिकारियों ने निजीकरण के मुद्दे पर आरपार की लड़ाई का एलान किया है। विद्युत मजदूर संगठन भी संघर्ष समिति के बैनर से अलग कार्य का बहिष्कार कर रहा है। ऐसी स्थिति में शासन ने सभी जिलाधिकारी को निर्देश दिया है कि वह अपने स्तर से पुख्ता इंतजाम करें और विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराएं। हड़ताल के मद्देनजर उपद्रव होने की भी आशंका है, जिसको देखते हुए पुलिस को भी अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील इलाकों में पुलिस टीमों की अतिरिक्त मौजूदगी रहेगी।
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जोन में बांटा जिला, सब स्टेशनों पर रहेगी नजर
149 सब स्टेशन और 22 पारेषणों पर अधिकारियों की 24 घंटे ड्यूटी रहेगी। जिले को छह जोन में बांटकर उप जिलाधिकारी स्तर के अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में सब स्टेशनों और पारेषणों पर निगाह रखेंगे। इनके साथ एक-एक तकनीकी अधिकारी की ड्यूटी भी लगाई गई है। अपर जिलाधिकारी प्रशासन को ग्रामीण और अपर जिलाधिकारी नगर को शहरी क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा आईटीआई पास लोगों को भी समस्या के निस्तारण के लिए लगाया गया है।
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कंट्रोल रूम किए स्थापित:
अपर जिलाधिकारी नगर के कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाया गया है। आपूर्ति बाधित होने पर 0120-2828411 पर कॉल कर सकते हैं। इसके साथ ही तकनीकी कंट्रोल रूम भी बनाया गया है, जिसका प्रभारी सुरक्षा अधिकारी रमेश चंद को बनाया गया है। तकनीकी समस्याओं के लिए 6390004126 पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा जिले में अन्य कंट्रोल रूम भी बनाए गए हैं।
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प्रस्तावित हड़ताल को देखते हुए संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार बैठक की गई। सभी व्यवस्थाएं जिला प्रशासन ने की हैं। पुलिस को भी निर्देश दिए गए हैं। जिले को छह जोन में बांटा गया है, जिनकी निगरानी के लिए सीडीओ को नोडल ऑफिसर बनाया गया है। - अजय शंकर पांडेय, जिलाधिकारी
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हड़ताल से बढ़ेंगी उपभोक्ताओं की मुश्किलें:
भले ही प्रशासन ने विद्युत निगम की हड़ताल को देखते हुए व्यवस्थाएं की हों लेकिन इसका असर उपभोक्ताओं पर पड़ने वाला है। बिजली ठीक करने से लेकर कनेक्शन लेने तक का कार्य ठप रहेगा। इसके अलावा विभाग को मिलने वाला राजस्व भी प्रभावित होगा।
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गाजियाबाद। पूर्वांचल में विभाग के निजीकरण के प्रस्ताव का विरोध कर रहे विद्युत निगम के कर्मचारी सोमवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे। जिले में कार्यरत करीब 1200 अधिकारी व कर्मचारियों के एक साथ हड़ताल पर जाने से विद्युत आपूर्ति बाधित होने की आशंका है। हड़ताल को देखते हुए जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है। पूरे जिले को छह जोन में बांटकर अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। स्थिति पर नजर रखने के लिए मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) को नोडल प्रभारी बनाया गया है। उधर, शासन की तरफ से उन फर्मों के नाम भी जिलों को उपलब्ध कराएं गए हैं जो पूर्व में मेंटेनेंस का काम देखती रही हैं। आपात स्थिति में प्रशासन की तरफ से विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए इन फर्मों की मदद ली जाएगी।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले पिछले 10 दिनों से विद्युत कर्मी आंदोलन कर रहे हैं। तीन घंटे कार्य बहिष्कार के बाद अब सोमवार से पूरे दिन कार्य का बहिष्कार होगा, जिससे उपभोक्ताओं की मुश्किल भी बढ़ सकती है। समिति के पदाधिकारियों ने निजीकरण के मुद्दे पर आरपार की लड़ाई का एलान किया है। विद्युत मजदूर संगठन भी संघर्ष समिति के बैनर से अलग कार्य का बहिष्कार कर रहा है। ऐसी स्थिति में शासन ने सभी जिलाधिकारी को निर्देश दिया है कि वह अपने स्तर से पुख्ता इंतजाम करें और विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराएं। हड़ताल के मद्देनजर उपद्रव होने की भी आशंका है, जिसको देखते हुए पुलिस को भी अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील इलाकों में पुलिस टीमों की अतिरिक्त मौजूदगी रहेगी।
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जोन में बांटा जिला, सब स्टेशनों पर रहेगी नजर
149 सब स्टेशन और 22 पारेषणों पर अधिकारियों की 24 घंटे ड्यूटी रहेगी। जिले को छह जोन में बांटकर उप जिलाधिकारी स्तर के अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में सब स्टेशनों और पारेषणों पर निगाह रखेंगे। इनके साथ एक-एक तकनीकी अधिकारी की ड्यूटी भी लगाई गई है। अपर जिलाधिकारी प्रशासन को ग्रामीण और अपर जिलाधिकारी नगर को शहरी क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा आईटीआई पास लोगों को भी समस्या के निस्तारण के लिए लगाया गया है।
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कंट्रोल रूम किए स्थापित:
अपर जिलाधिकारी नगर के कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाया गया है। आपूर्ति बाधित होने पर 0120-2828411 पर कॉल कर सकते हैं। इसके साथ ही तकनीकी कंट्रोल रूम भी बनाया गया है, जिसका प्रभारी सुरक्षा अधिकारी रमेश चंद को बनाया गया है। तकनीकी समस्याओं के लिए 6390004126 पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा जिले में अन्य कंट्रोल रूम भी बनाए गए हैं।
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प्रस्तावित हड़ताल को देखते हुए संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार बैठक की गई। सभी व्यवस्थाएं जिला प्रशासन ने की हैं। पुलिस को भी निर्देश दिए गए हैं। जिले को छह जोन में बांटा गया है, जिनकी निगरानी के लिए सीडीओ को नोडल ऑफिसर बनाया गया है। - अजय शंकर पांडेय, जिलाधिकारी
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हड़ताल से बढ़ेंगी उपभोक्ताओं की मुश्किलें:
भले ही प्रशासन ने विद्युत निगम की हड़ताल को देखते हुए व्यवस्थाएं की हों लेकिन इसका असर उपभोक्ताओं पर पड़ने वाला है। बिजली ठीक करने से लेकर कनेक्शन लेने तक का कार्य ठप रहेगा। इसके अलावा विभाग को मिलने वाला राजस्व भी प्रभावित होगा।