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गैंग की महिलाओं ने एक माह पूर्व चिरंजीव विहार में की थी रेकी
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गैंग की महिलाओं ने एक माह पूर्व चिरंजीव विहार में की थी रेकी
गाजियाबाद। कविनगर थाना क्षेत्र में किसान भोपाल शर्मा के घर 28 जुलाई को पड़ी डकैती के मामले में पुलिस ने एक और डकैत को सोमवार को गिरफ्तार किया। डकैत गैंग की महिलाओं ने करीब एक माह पूर्व चिरंजीव विहार में भोपाल शर्मा के घर की रेकी की थी। इस डकैती की योजना करीब छह माह पहले बनी थी। डकैती में 12 बदमाश शामिल थे। छह बदमाश भोपाल शर्मा के घर के अंदर और छह बाहर खड़े हुए थे। बताया गया कि बांग्लादेश के रहने वाले इन डकैतों के दिल्ली में फर्जी तरीके से प्रमाण पत्र बनाए गए। इनके पास से कई संदिग्ध कागजात भी मिले हैं, जिसका लिंक पाकिस्तान से होना बताया जा रहा है। पुलिस जांच कर रही है।
एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि कविनगर थाना क्षेत्र में 28 जुलाई की रात भोपाल शर्मा पुत्र डालचंद शर्मा निवासी जी-14 सेक्टर 8 चिरंजीव विहार के घर डकैती की पड़ी थी। रविवार रात लाल कुआं के पास डकैतों के गैंग की पुलिस से मुठभेड़ हो गई। पुलिस ने रविवार रात आलम निवासी विजय बिहार रोहिणी दिल्ली, रज्जाक पैतृक पता गांव बोरोई खली थाना मोरेल गोन्स जिला बाखर हाट ढाका बांग्लादेश हाल पता सर्फाबाद नोएडा, रुबेल शेख पैतृक पता बोरोई खली थाना मोरेल गोन्स जिला बाखर हॉट ढाका बांग्लादेश हाल पता अमन गार्डन लोनी, सोनिया निवासी 88 रिठाला थाना विजय विहार रोहिणी दिल्ली, नजमा निवासी 167 हरिजन कैंप थाना मंडावली फाजलपुर दिल्ली, मुक्ता पत्नी रुबेल शेख निवासी अमन गार्डन लोनी को पकड़ा। जबकि सोमवार को पुलिस ने रईश उर्फ रहीश को गिरफ्तार किया। बाकी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। आरोपियों पिस्टल, तमंचा, चाकू, टेंपो, स्कूटी, कारतूस, 70 हजार रुपये, दो बाली, तीन अंगूठी, दो जोड़ी पाजेब, कुंडल, दो जोड़ी टॉप्स, पासबुक और आधार कार्ड बरामद हुए हैं।
जेल में बनाई गई थी योजना
भोपाल शर्मा के यहां डकैती डालने की योजना छह माह पहले बना ली गई थी। गैंग का सरगना आलम है। जेल में इस परिवार के बारे पूरी जानकारी दे दी गई थी। बताया गया कि वह भोपाल के घर में महिलाएं ज्यादा रहती हैं। पैसे में भी वह ठीक हैं, वहां डाका डाला जा सकता है। जेल से निकलने के बाद आलम ने महिलाओं से एक माह पहले रेकी कराई। डकैती के दौरान आलम, रईस और अनवर के पास असलाह थे। लड़कियां अपने रिश्तेदार को जीजा कहकर बोल रही थीं। बदमाश भी उन्हें रिश्तेदार बुलाने लगे, जिससे परिवार के लोग गुमराह गए।
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पलवल में तैयार हुआ गैंग
पुलिस ने बताया कि इस गैंग की शुरूआत पलवल से हुई है। उसके बाद उन्होंने दिल्ली और एनसीआर के विभिन्न जिलों में अपना वर्चस्व कायम कर लिया। गई जगह लूट और डकैती की घटनाओं को अंजाम दिया। दिल्ली में सबसे ज्यादा घटनाएं की है।
प्रमाणपत्र बनवाने में दिल्ली में कुछ लोगों ने की मदद
पुलिस ने बताया कि बांग्लादेश के रहने वाले लोगों के दिल्ली में प्रमाणपत्र तैयार किए गए। इसमें वहां के कुछ लोगों ने सहयोग किया है। पुलिस इस मामले की भी जांच कर रही है कि बदमाश अभी यहां आए हैं या इनके दादा पहले ही बांग्लादेश से यहां आकर रहने लगे थे। प्रमाण पत्र बनवाने में किन लोगों ने मदद की है।
सीसीटीवी फुटेज से पकड़ में आया गैंग
एसएसपी ने बताया कि घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे में बदमाश कैद हो गए थे। उनके फुटेज कुछ लोगों को दिखाई गई। उन्होंने बांग्लादेशी गैंग होने की बात स्वीकार की। उसके बाद गैंग को पकड़ा जा सका। आरोपी एनसीआर में जगह बदल कर रहते हैं। इस कारण यह आसानी से पकड़ में भी नहीं आते हैं। हर दो-तीन माह में घर बदल देते हैं, जिससे किसी को इस पर शक भी नहीं होता है। बदमाश घटनास्थल के समय सिम का प्रयोग करते हैं। उसके बाद उस सिम को फेंक देते हैं, जिससे पकड़ में न आ सके।
परिजन बोले-पुलिस ने फर्जी खोली घटना
भोपाल शर्मा और उनके भतीजे रोहित शर्मा ने फर्जी घटना खोलने की बात कही है। उन्होंने कहा कि जो हमारा माल पुलिस ने बरामद किया है, वह अभी तक दिखाया नहीं गया है। कदकाठी के हिसाब से जो बदमाश दिखाए गए हैं, वह यह बदमाश नहीं लग रहे हैं। कहा कि मुठभेड़ में घायल हुए बदमाश से थोड़ा संतुष्ट हैं। पुलिस माल दिखाएगी, उसके बाद सही जानकारी हो पाएगी।
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गाजियाबाद। कविनगर थाना क्षेत्र में किसान भोपाल शर्मा के घर 28 जुलाई को पड़ी डकैती के मामले में पुलिस ने एक और डकैत को सोमवार को गिरफ्तार किया। डकैत गैंग की महिलाओं ने करीब एक माह पूर्व चिरंजीव विहार में भोपाल शर्मा के घर की रेकी की थी। इस डकैती की योजना करीब छह माह पहले बनी थी। डकैती में 12 बदमाश शामिल थे। छह बदमाश भोपाल शर्मा के घर के अंदर और छह बाहर खड़े हुए थे। बताया गया कि बांग्लादेश के रहने वाले इन डकैतों के दिल्ली में फर्जी तरीके से प्रमाण पत्र बनाए गए। इनके पास से कई संदिग्ध कागजात भी मिले हैं, जिसका लिंक पाकिस्तान से होना बताया जा रहा है। पुलिस जांच कर रही है।
एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि कविनगर थाना क्षेत्र में 28 जुलाई की रात भोपाल शर्मा पुत्र डालचंद शर्मा निवासी जी-14 सेक्टर 8 चिरंजीव विहार के घर डकैती की पड़ी थी। रविवार रात लाल कुआं के पास डकैतों के गैंग की पुलिस से मुठभेड़ हो गई। पुलिस ने रविवार रात आलम निवासी विजय बिहार रोहिणी दिल्ली, रज्जाक पैतृक पता गांव बोरोई खली थाना मोरेल गोन्स जिला बाखर हाट ढाका बांग्लादेश हाल पता सर्फाबाद नोएडा, रुबेल शेख पैतृक पता बोरोई खली थाना मोरेल गोन्स जिला बाखर हॉट ढाका बांग्लादेश हाल पता अमन गार्डन लोनी, सोनिया निवासी 88 रिठाला थाना विजय विहार रोहिणी दिल्ली, नजमा निवासी 167 हरिजन कैंप थाना मंडावली फाजलपुर दिल्ली, मुक्ता पत्नी रुबेल शेख निवासी अमन गार्डन लोनी को पकड़ा। जबकि सोमवार को पुलिस ने रईश उर्फ रहीश को गिरफ्तार किया। बाकी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। आरोपियों पिस्टल, तमंचा, चाकू, टेंपो, स्कूटी, कारतूस, 70 हजार रुपये, दो बाली, तीन अंगूठी, दो जोड़ी पाजेब, कुंडल, दो जोड़ी टॉप्स, पासबुक और आधार कार्ड बरामद हुए हैं।
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जेल में बनाई गई थी योजना
भोपाल शर्मा के यहां डकैती डालने की योजना छह माह पहले बना ली गई थी। गैंग का सरगना आलम है। जेल में इस परिवार के बारे पूरी जानकारी दे दी गई थी। बताया गया कि वह भोपाल के घर में महिलाएं ज्यादा रहती हैं। पैसे में भी वह ठीक हैं, वहां डाका डाला जा सकता है। जेल से निकलने के बाद आलम ने महिलाओं से एक माह पहले रेकी कराई। डकैती के दौरान आलम, रईस और अनवर के पास असलाह थे। लड़कियां अपने रिश्तेदार को जीजा कहकर बोल रही थीं। बदमाश भी उन्हें रिश्तेदार बुलाने लगे, जिससे परिवार के लोग गुमराह गए।
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पलवल में तैयार हुआ गैंग
पुलिस ने बताया कि इस गैंग की शुरूआत पलवल से हुई है। उसके बाद उन्होंने दिल्ली और एनसीआर के विभिन्न जिलों में अपना वर्चस्व कायम कर लिया। गई जगह लूट और डकैती की घटनाओं को अंजाम दिया। दिल्ली में सबसे ज्यादा घटनाएं की है।
प्रमाणपत्र बनवाने में दिल्ली में कुछ लोगों ने की मदद
पुलिस ने बताया कि बांग्लादेश के रहने वाले लोगों के दिल्ली में प्रमाणपत्र तैयार किए गए। इसमें वहां के कुछ लोगों ने सहयोग किया है। पुलिस इस मामले की भी जांच कर रही है कि बदमाश अभी यहां आए हैं या इनके दादा पहले ही बांग्लादेश से यहां आकर रहने लगे थे। प्रमाण पत्र बनवाने में किन लोगों ने मदद की है।
सीसीटीवी फुटेज से पकड़ में आया गैंग
एसएसपी ने बताया कि घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे में बदमाश कैद हो गए थे। उनके फुटेज कुछ लोगों को दिखाई गई। उन्होंने बांग्लादेशी गैंग होने की बात स्वीकार की। उसके बाद गैंग को पकड़ा जा सका। आरोपी एनसीआर में जगह बदल कर रहते हैं। इस कारण यह आसानी से पकड़ में भी नहीं आते हैं। हर दो-तीन माह में घर बदल देते हैं, जिससे किसी को इस पर शक भी नहीं होता है। बदमाश घटनास्थल के समय सिम का प्रयोग करते हैं। उसके बाद उस सिम को फेंक देते हैं, जिससे पकड़ में न आ सके।
परिजन बोले-पुलिस ने फर्जी खोली घटना
भोपाल शर्मा और उनके भतीजे रोहित शर्मा ने फर्जी घटना खोलने की बात कही है। उन्होंने कहा कि जो हमारा माल पुलिस ने बरामद किया है, वह अभी तक दिखाया नहीं गया है। कदकाठी के हिसाब से जो बदमाश दिखाए गए हैं, वह यह बदमाश नहीं लग रहे हैं। कहा कि मुठभेड़ में घायल हुए बदमाश से थोड़ा संतुष्ट हैं। पुलिस माल दिखाएगी, उसके बाद सही जानकारी हो पाएगी।