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मिशन एडमिशनः प्रवेश प्रक्रिया पर ब्रेक, खाली रह गई 45 फीसदी सीटें
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परास्नातक की प्रवेश प्रक्रिया पर खत्म, खाली रह गई 45 फीसदी सीटें
गाजियाबाद। चौ. चरण सिंह विश्वविद्यालय के सत्र 2022-23 में परास्नातक , एलएलबी तीन वर्षीय पाठ्यक्रम और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश की प्रक्रिया पर सोमवार को विराम लग गया। दो माह तक चली दाखिला प्रक्रिया के बावजूद एमए के विभिन्न पाठ्यक्रमों में 45 फीसदी तक सीटें खाली रह गई हैं। कुछ विषय ऐसे भी हैं जहां प्रवेश का आंकड़ा 30 फीसदी को पार नहीं कर सका है।
विश्वविद्यालय स्तर से पीजी की दो सामान्य और दो ओपन मेरिट के बावजूद सीटें रिक्त रहने, और नवंबर समाप्त होने के करीब आने के कारण प्रवेश का अब मौका नहीं दिया जाएगा। पीजी में सर्वाधिक दाखिले एमएससी, एमकॉम और एमए राजनीति विज्ञान में हुए हैं। इसके बाद एलएलबी पाठ्यक्रमों में प्रवेश का आंकड़ा सबसे ज्यादा है। अधिकांश विधि कॉलेजों की 80 से 90 फीसदी तक सीटें भर चुकी हैं। कुछ कॉलेजों में तो दो दिन पहले ही नो एडमिशन का बोर्ड लग गया था। ऐसे में विधि पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों का रुझान लगातार बढ़ता जा रहा है।
एमए हिंदी, अर्थशास्त्र में सबसे ज्यादा सीटें रिक्त
परास्नातक पाठ्यक्रमों में सबसे ज्यादा सीटें एमए हिंदी, अर्थशास्त्र पाठ्यक्रम में खाली रह गई हैं। एमए अर्थशास्त्र में एमएमएच में 120 सीटों में से 57, जबकि बाकी एसडी में 60 सीटें में से 29, गिन्नी देवी में 60 में से 50, एलआर में 60 में से 60 व एमएम में नौ सीटें रिक्त रह गई हैं। एमए हिंदी में 60 सीटों में से एमएमएच में 20, एसडी में 43, वीएमएलजी में 43, एमएम में 32 सीटें खाली रह गई हैं। एमए अंग्रेजी में एमएमएच में 60 में से नौ, एसडी में 60 में से 17, वीएमएलजी में 60 में से 20 और एमएम कॉलेज में 60 में से 27 सीटें रिक्त हैं। एमए गणित में एमएमएच कॉलेज में 60 में से 45 और एमएम कॉलेज मोदीनगर में 60 में से 60 सीटें रिक्त हैं।
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एमए संस्कृत में एमएमएच में 60 में से 50, एमएम कॉलेज में 60 में से 39 और एलआर कॉलेज में 60 में से 57 सीटें रिक्त हैं। एमए राजनीति विज्ञान में एमएमएच में 60 में से 18, गिन्नी देवी में 60 में से 38 और वीएमएलजी में 60 में से 11 सीटें रिक्त हैं। एमए दर्शनशास्त्र में एमएमएच में 60 में से 34 सीटें खाली रह गई हैं। एमएससी गणित में एलआर कॉलेज में 60 में से 21, आरसीसीवी में 60 में से 34, एमएमएच में 60 में से दो और एमएम कॉलेज में 60 में से सात सीटें रिक्त हैं। एमएससी रसायन विज्ञान और भौतिक विज्ञान में लगभग सीटें भर गई हैं।
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गाजियाबाद। चौ. चरण सिंह विश्वविद्यालय के सत्र 2022-23 में परास्नातक , एलएलबी तीन वर्षीय पाठ्यक्रम और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश की प्रक्रिया पर सोमवार को विराम लग गया। दो माह तक चली दाखिला प्रक्रिया के बावजूद एमए के विभिन्न पाठ्यक्रमों में 45 फीसदी तक सीटें खाली रह गई हैं। कुछ विषय ऐसे भी हैं जहां प्रवेश का आंकड़ा 30 फीसदी को पार नहीं कर सका है।
विश्वविद्यालय स्तर से पीजी की दो सामान्य और दो ओपन मेरिट के बावजूद सीटें रिक्त रहने, और नवंबर समाप्त होने के करीब आने के कारण प्रवेश का अब मौका नहीं दिया जाएगा। पीजी में सर्वाधिक दाखिले एमएससी, एमकॉम और एमए राजनीति विज्ञान में हुए हैं। इसके बाद एलएलबी पाठ्यक्रमों में प्रवेश का आंकड़ा सबसे ज्यादा है। अधिकांश विधि कॉलेजों की 80 से 90 फीसदी तक सीटें भर चुकी हैं। कुछ कॉलेजों में तो दो दिन पहले ही नो एडमिशन का बोर्ड लग गया था। ऐसे में विधि पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों का रुझान लगातार बढ़ता जा रहा है।
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एमए हिंदी, अर्थशास्त्र में सबसे ज्यादा सीटें रिक्त
परास्नातक पाठ्यक्रमों में सबसे ज्यादा सीटें एमए हिंदी, अर्थशास्त्र पाठ्यक्रम में खाली रह गई हैं। एमए अर्थशास्त्र में एमएमएच में 120 सीटों में से 57, जबकि बाकी एसडी में 60 सीटें में से 29, गिन्नी देवी में 60 में से 50, एलआर में 60 में से 60 व एमएम में नौ सीटें रिक्त रह गई हैं। एमए हिंदी में 60 सीटों में से एमएमएच में 20, एसडी में 43, वीएमएलजी में 43, एमएम में 32 सीटें खाली रह गई हैं। एमए अंग्रेजी में एमएमएच में 60 में से नौ, एसडी में 60 में से 17, वीएमएलजी में 60 में से 20 और एमएम कॉलेज में 60 में से 27 सीटें रिक्त हैं। एमए गणित में एमएमएच कॉलेज में 60 में से 45 और एमएम कॉलेज मोदीनगर में 60 में से 60 सीटें रिक्त हैं।
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एमए संस्कृत में एमएमएच में 60 में से 50, एमएम कॉलेज में 60 में से 39 और एलआर कॉलेज में 60 में से 57 सीटें रिक्त हैं। एमए राजनीति विज्ञान में एमएमएच में 60 में से 18, गिन्नी देवी में 60 में से 38 और वीएमएलजी में 60 में से 11 सीटें रिक्त हैं। एमए दर्शनशास्त्र में एमएमएच में 60 में से 34 सीटें खाली रह गई हैं। एमएससी गणित में एलआर कॉलेज में 60 में से 21, आरसीसीवी में 60 में से 34, एमएमएच में 60 में से दो और एमएम कॉलेज में 60 में से सात सीटें रिक्त हैं। एमएससी रसायन विज्ञान और भौतिक विज्ञान में लगभग सीटें भर गई हैं।