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रैपिड रेल के तीन स्टेशनों की जमीन का मुआवजा हुआ तय
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रैपिड रेल के तीन स्टेशनों की जमीन का मुआवजा हुआ तय
गाजियाबाद। रैपिड रेल कॉरिडोर के मेरठ रोड तिराहा, गुलधर और दुहाई में बने तीन प्रमुख स्टेशनों के प्रवेश व निकासद्वार के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो गई है। मंडलायुक्त की स्वीकृति के बाद मुआवजे की दर तय कर दी गई हैं। इनके लिए 10 हजार से लेकर 51 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से जमीन का बाजार मूल्य तय किया गया है। जिला प्रशासन ने अधिग्रहीत की गई जमीन के मालिकों को मुआवजा उठाने के लिए नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जल्द ही मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
जिला प्रशासन ने मेरठ रोड तिराहे पर बने स्टेशन के प्रवेश व निकास के लिए बौंझा की 0.1587 हेक्टेयर जमीन, राजनगर एक्सटेंशन चौक के पास बने स्टेशन के लिए 1.0636 हेक्टेयर और दुहाई में 1.9190 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया था। 18 खसरा नंबरों की कुल 3.7137 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया है। इन जमीनों पर काबिज लोगों का सर्वे करने के बाद अधिग्रहण की प्रक्रिया को पूरा करके एडीएम भू-अर्जन श्याम अवध चौहान ने अवार्ड घोषित करने के लिए मंडलायुक्त के पास पत्रावली भेजी थी। इन पत्रावलियों पर अब मंडलायुक्त की स्वीकृति मिल गई है। बौंझा के संबंधित छह खसरा नंबरों का बाजार मूल्य 51 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर, ढरगल के एक खसरा नंबर की दर 16 हजार रुपये और तीन अन्य खसरा नंबरों की दर 40065 रुपये प्रति वर्गमीटर, दुहाई के एक खसरा नंबर का बाजार मूल्य 10 हजार रुपये व सात अन्य खसरा नंबरों की दर 40870 रुपये प्रति वर्गमीटर तय किया गया है।
मुआवजा लेने से पहले पेश करने होंगे मालिक होने के दस्तावेज
मुआवजा बांटने के लिए जिला प्रशासन ने खतौनी में दर्ज मालिकानों और मकानों के मालिकों को नोटिस जारी करने शुरू कर दिए हैं। नोटिस मिलने पर इन लोगों को संबंधित जमीन का मालिक होने के दस्तावेज के साथ-साथ अपना आधार कार्ड भी जमा कराना होगा। जिला प्रशासन तहसील के माध्यम से इनका सत्यापन कराएगा और मालिकों को मुआवजा वितरण किया जाएगा।
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एडीएम भू-अर्जन श्याम अवध चौहान का कहना है कि मुआवजा वितरण से पहले नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके बाद तहसील से सत्यापन रिपोर्ट मिलते ही मुआवजे की रकम का वितरण शुरू कर दिया जाएगा। मुआवजा जमीन के मालिक के खाते में भेजा जाएगा।
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गाजियाबाद। रैपिड रेल कॉरिडोर के मेरठ रोड तिराहा, गुलधर और दुहाई में बने तीन प्रमुख स्टेशनों के प्रवेश व निकासद्वार के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो गई है। मंडलायुक्त की स्वीकृति के बाद मुआवजे की दर तय कर दी गई हैं। इनके लिए 10 हजार से लेकर 51 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से जमीन का बाजार मूल्य तय किया गया है। जिला प्रशासन ने अधिग्रहीत की गई जमीन के मालिकों को मुआवजा उठाने के लिए नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जल्द ही मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
जिला प्रशासन ने मेरठ रोड तिराहे पर बने स्टेशन के प्रवेश व निकास के लिए बौंझा की 0.1587 हेक्टेयर जमीन, राजनगर एक्सटेंशन चौक के पास बने स्टेशन के लिए 1.0636 हेक्टेयर और दुहाई में 1.9190 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया था। 18 खसरा नंबरों की कुल 3.7137 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया है। इन जमीनों पर काबिज लोगों का सर्वे करने के बाद अधिग्रहण की प्रक्रिया को पूरा करके एडीएम भू-अर्जन श्याम अवध चौहान ने अवार्ड घोषित करने के लिए मंडलायुक्त के पास पत्रावली भेजी थी। इन पत्रावलियों पर अब मंडलायुक्त की स्वीकृति मिल गई है। बौंझा के संबंधित छह खसरा नंबरों का बाजार मूल्य 51 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर, ढरगल के एक खसरा नंबर की दर 16 हजार रुपये और तीन अन्य खसरा नंबरों की दर 40065 रुपये प्रति वर्गमीटर, दुहाई के एक खसरा नंबर का बाजार मूल्य 10 हजार रुपये व सात अन्य खसरा नंबरों की दर 40870 रुपये प्रति वर्गमीटर तय किया गया है।
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मुआवजा लेने से पहले पेश करने होंगे मालिक होने के दस्तावेज
मुआवजा बांटने के लिए जिला प्रशासन ने खतौनी में दर्ज मालिकानों और मकानों के मालिकों को नोटिस जारी करने शुरू कर दिए हैं। नोटिस मिलने पर इन लोगों को संबंधित जमीन का मालिक होने के दस्तावेज के साथ-साथ अपना आधार कार्ड भी जमा कराना होगा। जिला प्रशासन तहसील के माध्यम से इनका सत्यापन कराएगा और मालिकों को मुआवजा वितरण किया जाएगा।
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एडीएम भू-अर्जन श्याम अवध चौहान का कहना है कि मुआवजा वितरण से पहले नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके बाद तहसील से सत्यापन रिपोर्ट मिलते ही मुआवजे की रकम का वितरण शुरू कर दिया जाएगा। मुआवजा जमीन के मालिक के खाते में भेजा जाएगा।