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फीस नहीं लाने पर शिक्षक ने भगाया तो छात्र ने फंदा लगाया
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फीस नहीं लाने पर शिक्षक ने भगाया तो छात्र ने फंदा लगाया
गाजियाबाद। शिब्बनपुरा के पब्लिक हैप्पी मॉडल स्कूल के आठवीं के छात्र प्रिंस कुमार (15) ने शिक्षिका की डांट से आहत होकर बृहस्पतिवार सुबह घर में पंखे से फंदा लगाकर जान दे दी। परिजनों का आरोप है कि पांच माह की फीस नहीं जमा होने से शिक्षिका बच्चे को दो दिन से डांटकर घर भेज दे रही थीं, जिससे आहत होकर छात्र ने यह कदम उठाया है। छात्र की मौत के बाद परिजन मोहल्ले के लोगों के साथ सुबह 11 बजे स्कूल पहुंचे और तीन बजे तक हंगामा किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को शांत कराया। वहीं, स्कूल प्रबंधन ने फीस जमा नहीं करने पर डांटने की बात को निराधार बताया है।
रविदासनगर निवासी हीरालाल ने बताया कि वह दूध बेचकर परिवार का पालन पोषण करते हैं। उनके तीन बच्चे, दो बेटे एक बेटी पब्लिक हैप्पी मॉडल स्कूल में पढ़ते हैं। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने की वजह से वह पिछले कुछ महीने से फीस नहीं जमा कर पा रहे थे। स्कूल प्रबंधन को कुछ समय में फीस जमा करने की बात कही थी। शुक्रवार सुबह 10.30 बजे प्रिंस स्कूल से घर आया और सीढ़ी के नीचे बैग और जूते रखकर अपने कमरे में चला गया। काफी देर तक कमरे से कोई आवाज नहीं आने पर मां कमरे में गईं तो प्रिंस फंदे पर लटका मिला। उन्होंने शोर मचाया तो पड़ोसी एकत्र हो गए। घटना के बाद परिजन स्कूल पहुंचे तो प्रिंस के भाई अनुज और बहन प्रिया ने उन्हें बताया कि मैडम ने प्रिंस को फीस लाने के लिए डांटकर घर भगा दिया था। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया लेकिन परिजन शिक्षिका की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। वहीं, हंगामा होते देख स्कूल प्रबंधन ने स्कूल बंद कर दिया और सभी बच्चों को घर भेज दिया।
परीक्षा भी नहीं दिलाने का आरोप
प्रिंस के पिता हीरालाल ने बताया कि पिछले साल उन्होंने तीनों बच्चों की फीस एक साथ पूरे साल की जमा कर दी थी। इस साल काम ठीक नहीं चला तो वह फीस जमा नहीं कर पाए। आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने उनके बच्चों की परीक्षा भी नहीं दिलाई। परीक्षा खत्म होने के बाद उन्होंने फीस जमा करने की बात कही तब जाकर बच्चों को क्लास में बैठाया।
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क्लास टीचर और कोऑर्डिनेटर के खिलाफ दी तहरीर
हीरालाल ने कोआर्डिनेटर और प्रिंस की क्लास टीचर के खिलाफ तहरीर दी है। सिहानी गेट थाना प्रभारी नरेश कुमार शर्मा ने बताया कि परिजनों से तहरीर लेकर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस कोआर्डिनेटर को ले गई थाने
परिजनों के गुस्से को देखते हुए मौके पर पहुंची पुलिस कोऑर्डिनेटर को ले जाने लगी तो परिजनों ने हंगामा कर दिया। पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं माने। पुलिस लोगों को समझाकर कोऑर्डिनेटर को थाने ले गई।
दो बच्चों में हुआ था झगड़ा, परिजनों को था बुलाया
स्कूल कोऑर्डिनेटर कुसुम ने बताया कि मंगलवार को प्रिंस और दूसरे छात्र अनुराग के बीच सीट पर बैठने के लिए झगड़ा हो गया था। क्लास टीचर ने दोनों को अलग-अलग बैठा दिया था और घर से परिजनों को लाने की बात कही थी। बुधवार को अनुराग के परिजन तो स्कूल आ गए थे लेकिन प्रिंस के परिजन नहीं आए। ऐसे में बुधवार को प्रिंस को घर से परिजनों को लाने के लिए भेजा था। बुधवार को परिजन नहीं आए तो बृहस्पतिवार प्रिंस को परिजनों को लाने के लिए भेजा था। फीस जमा होने न होने से कोई संबंध नहीं है। फीस तो स्कूल में और भी कई बच्चों की जमा नहीं है।
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गाजियाबाद। शिब्बनपुरा के पब्लिक हैप्पी मॉडल स्कूल के आठवीं के छात्र प्रिंस कुमार (15) ने शिक्षिका की डांट से आहत होकर बृहस्पतिवार सुबह घर में पंखे से फंदा लगाकर जान दे दी। परिजनों का आरोप है कि पांच माह की फीस नहीं जमा होने से शिक्षिका बच्चे को दो दिन से डांटकर घर भेज दे रही थीं, जिससे आहत होकर छात्र ने यह कदम उठाया है। छात्र की मौत के बाद परिजन मोहल्ले के लोगों के साथ सुबह 11 बजे स्कूल पहुंचे और तीन बजे तक हंगामा किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को शांत कराया। वहीं, स्कूल प्रबंधन ने फीस जमा नहीं करने पर डांटने की बात को निराधार बताया है।
रविदासनगर निवासी हीरालाल ने बताया कि वह दूध बेचकर परिवार का पालन पोषण करते हैं। उनके तीन बच्चे, दो बेटे एक बेटी पब्लिक हैप्पी मॉडल स्कूल में पढ़ते हैं। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने की वजह से वह पिछले कुछ महीने से फीस नहीं जमा कर पा रहे थे। स्कूल प्रबंधन को कुछ समय में फीस जमा करने की बात कही थी। शुक्रवार सुबह 10.30 बजे प्रिंस स्कूल से घर आया और सीढ़ी के नीचे बैग और जूते रखकर अपने कमरे में चला गया। काफी देर तक कमरे से कोई आवाज नहीं आने पर मां कमरे में गईं तो प्रिंस फंदे पर लटका मिला। उन्होंने शोर मचाया तो पड़ोसी एकत्र हो गए। घटना के बाद परिजन स्कूल पहुंचे तो प्रिंस के भाई अनुज और बहन प्रिया ने उन्हें बताया कि मैडम ने प्रिंस को फीस लाने के लिए डांटकर घर भगा दिया था। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया लेकिन परिजन शिक्षिका की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। वहीं, हंगामा होते देख स्कूल प्रबंधन ने स्कूल बंद कर दिया और सभी बच्चों को घर भेज दिया।
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परीक्षा भी नहीं दिलाने का आरोप
प्रिंस के पिता हीरालाल ने बताया कि पिछले साल उन्होंने तीनों बच्चों की फीस एक साथ पूरे साल की जमा कर दी थी। इस साल काम ठीक नहीं चला तो वह फीस जमा नहीं कर पाए। आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने उनके बच्चों की परीक्षा भी नहीं दिलाई। परीक्षा खत्म होने के बाद उन्होंने फीस जमा करने की बात कही तब जाकर बच्चों को क्लास में बैठाया।
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क्लास टीचर और कोऑर्डिनेटर के खिलाफ दी तहरीर
हीरालाल ने कोआर्डिनेटर और प्रिंस की क्लास टीचर के खिलाफ तहरीर दी है। सिहानी गेट थाना प्रभारी नरेश कुमार शर्मा ने बताया कि परिजनों से तहरीर लेकर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस कोआर्डिनेटर को ले गई थाने
परिजनों के गुस्से को देखते हुए मौके पर पहुंची पुलिस कोऑर्डिनेटर को ले जाने लगी तो परिजनों ने हंगामा कर दिया। पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं माने। पुलिस लोगों को समझाकर कोऑर्डिनेटर को थाने ले गई।
दो बच्चों में हुआ था झगड़ा, परिजनों को था बुलाया
स्कूल कोऑर्डिनेटर कुसुम ने बताया कि मंगलवार को प्रिंस और दूसरे छात्र अनुराग के बीच सीट पर बैठने के लिए झगड़ा हो गया था। क्लास टीचर ने दोनों को अलग-अलग बैठा दिया था और घर से परिजनों को लाने की बात कही थी। बुधवार को अनुराग के परिजन तो स्कूल आ गए थे लेकिन प्रिंस के परिजन नहीं आए। ऐसे में बुधवार को प्रिंस को घर से परिजनों को लाने के लिए भेजा था। बुधवार को परिजन नहीं आए तो बृहस्पतिवार प्रिंस को परिजनों को लाने के लिए भेजा था। फीस जमा होने न होने से कोई संबंध नहीं है। फीस तो स्कूल में और भी कई बच्चों की जमा नहीं है।