{"_id":"634c5a921904ab5fce3014ac","slug":"ghaziabad-ghaziabad-news-gbd2461900155","type":"story","status":"publish","title_hn":"रोशनी के त्योहार पर गलियों में छाया अंधेरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रोशनी के त्योहार पर गलियों में छाया अंधेरा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रोशनी के त्योहार पर गलियों में छाया अंधेरा
गाजियाबाद। रोशनी के त्योहार पर गलियों में अंधेरा पसरा है। नगर निगम में रोजाना 45 से 50 शिकायतें आ रही हैं। पिछले 30 दिन की बात करें तो पांच हजार से अधिक शिकायतें स्ट्रीट लाइटों के खराब होने की शिकायत की गई है। अधिकांश शिकायतों का कागजों पर ही निस्तारण किया जा रहा है।
अब जब रोशनी का त्योहार दीपावली करीब आ गया है तो मेयर ने भी निगम अधिकारियों को छह दिन के अंदर लाइटों को हर हाल में ठीक करने के निर्देश दिए हैं। मेयर आशा शर्मा ने स्पष्ट कर दिया है कि 22 अक्तूबर तक शहर के हर खंभे पर लाइट जल जानी चाहिए। छह दिनों में पांच हजार लाइटों को ठीक करना निगम के पथ प्रकाश विभाग के लिए चुनौती से कम नहीं है। शहर में करीब 65 हजार स्ट्रीट लाइटों के खंभे हैं।
जोनवार लाइटों की स्थिति
विजय नगर 1800
सिटी जोन 950
कविनगर 1500
मोहननगर 1158
वसुंधरा 1200
वार्ड लाइट बंद
वार्ड 67 400 150
वार्ड 07 450 249
वार्ड 95 500 215
वार्ड 25 300 60
दो महीने बाद भी ठीक नहीं हुई 30 लाइटें
वार्ड 25 से पार्षद अमित पंथ ने बताया कि उनके 30 लाइटें दो महीने पहले खराब हो गई थीं। अभी तक वापस ठीक करके नहीं दिया।
125 खंभों पर लाइटें ही नहीं लगाईं
वार्ड नंबर सात से पार्षद नरेश जाटव का कहना है कि पथ प्रकाश विभाग को कई बार शिकायत की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। वार्ड में 125 खंभे ऐसे हैं जिन पर लाइटें ही नहीं हैं।
विज्ञापन
पॉश इलाके भी अंधेरे में
वार्ड नंबर 67 में पॉश कालोनियां आती हैं। एनडीआरएफ कालोनी, सीबीआई अकादमी, संयुक्त जिला अस्पताल रोड, संजय नगर, गोविंदपुरम समेत आसपास की कालोनियों में लगी करीब 1200 स्ट्रीट लाइटें खराब हैं। पार्षद अजय शर्मा का कहना है कि शिकायतों पर केवल आश्वासन मिलता है।
त्योहारों पर रात तक सड़कों पर रहते हैं लोग
वार्ड 95 से पार्षद जाकिर सैफी का कहना है कि स्ट्रीट लाइटों की गुणवत्ता खराब होने की वजह से अक्सर दिक्कत होती है। त्योहार पर सड़कों पर लोग देर रात रहते हैं। ऐसे में अंधेरा होने पर दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है।
167 कर्मियों का है स्टाफ
नगर निगम के पथ प्रकाश विभाग में 167 कर्मियों की टीम है। पथ प्रकाश विभाग के प्रभारी अधिशासी अभियंता योगेंद्र यादव ने बताया कि 20 टीमों को लगाया गया है। 400 लाइटों को ठीक कर दिया गया है। ढाई हजार ड्राइवर बदलने के लिए कर्मियों को मुहैया करा दिया गया है। तीन शिफ्ट में काम किया जा रहा है। तीन दिन के अंदर लाइटों को ठीक कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
गाजियाबाद। रोशनी के त्योहार पर गलियों में अंधेरा पसरा है। नगर निगम में रोजाना 45 से 50 शिकायतें आ रही हैं। पिछले 30 दिन की बात करें तो पांच हजार से अधिक शिकायतें स्ट्रीट लाइटों के खराब होने की शिकायत की गई है। अधिकांश शिकायतों का कागजों पर ही निस्तारण किया जा रहा है।
अब जब रोशनी का त्योहार दीपावली करीब आ गया है तो मेयर ने भी निगम अधिकारियों को छह दिन के अंदर लाइटों को हर हाल में ठीक करने के निर्देश दिए हैं। मेयर आशा शर्मा ने स्पष्ट कर दिया है कि 22 अक्तूबर तक शहर के हर खंभे पर लाइट जल जानी चाहिए। छह दिनों में पांच हजार लाइटों को ठीक करना निगम के पथ प्रकाश विभाग के लिए चुनौती से कम नहीं है। शहर में करीब 65 हजार स्ट्रीट लाइटों के खंभे हैं।
विज्ञापन
जोनवार लाइटों की स्थिति
विजय नगर 1800
सिटी जोन 950
कविनगर 1500
मोहननगर 1158
वसुंधरा 1200
वार्ड लाइट बंद
वार्ड 67 400 150
वार्ड 07 450 249
वार्ड 95 500 215
वार्ड 25 300 60
दो महीने बाद भी ठीक नहीं हुई 30 लाइटें
वार्ड 25 से पार्षद अमित पंथ ने बताया कि उनके 30 लाइटें दो महीने पहले खराब हो गई थीं। अभी तक वापस ठीक करके नहीं दिया।
125 खंभों पर लाइटें ही नहीं लगाईं
वार्ड नंबर सात से पार्षद नरेश जाटव का कहना है कि पथ प्रकाश विभाग को कई बार शिकायत की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। वार्ड में 125 खंभे ऐसे हैं जिन पर लाइटें ही नहीं हैं।
विज्ञापन
पॉश इलाके भी अंधेरे में
वार्ड नंबर 67 में पॉश कालोनियां आती हैं। एनडीआरएफ कालोनी, सीबीआई अकादमी, संयुक्त जिला अस्पताल रोड, संजय नगर, गोविंदपुरम समेत आसपास की कालोनियों में लगी करीब 1200 स्ट्रीट लाइटें खराब हैं। पार्षद अजय शर्मा का कहना है कि शिकायतों पर केवल आश्वासन मिलता है।
त्योहारों पर रात तक सड़कों पर रहते हैं लोग
वार्ड 95 से पार्षद जाकिर सैफी का कहना है कि स्ट्रीट लाइटों की गुणवत्ता खराब होने की वजह से अक्सर दिक्कत होती है। त्योहार पर सड़कों पर लोग देर रात रहते हैं। ऐसे में अंधेरा होने पर दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है।
167 कर्मियों का है स्टाफ
नगर निगम के पथ प्रकाश विभाग में 167 कर्मियों की टीम है। पथ प्रकाश विभाग के प्रभारी अधिशासी अभियंता योगेंद्र यादव ने बताया कि 20 टीमों को लगाया गया है। 400 लाइटों को ठीक कर दिया गया है। ढाई हजार ड्राइवर बदलने के लिए कर्मियों को मुहैया करा दिया गया है। तीन शिफ्ट में काम किया जा रहा है। तीन दिन के अंदर लाइटों को ठीक कर दिया जाएगा।