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पिटबुल, रॉट विलर और डोगो अर्जेंटीनों समेत खतरनाक कुत्तों का नहीं होगा रजिस्ट्रेशन
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पिटबुल, रॉट विलर और डोगो अर्जेंटीनों समेत खतरनाक कुत्तों का नहीं होगा रजिस्ट्रेशन
गाजियाबाद। पिटबुल, रॉट विलर और डोगो अर्जेंटीनों जैसे खतरनाक कुत्तों को पालने पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी में नगर निगम जुट गया है। लगातार पालतू कुत्तों के हमले की घटनाओं के बढ़ने के बाद नई नियमावली बनाने की मांग लोगों ने तेज कर दी है। शनिवार को बोर्ड बैठक में कुत्ता पालकों के लिए नये नियमों के प्रस्ताव पर सदन की मुहर लग सकती है।
भाजपा पार्षद संजय सिंह ने भी नए नियम बनाने के लिए नगर निगम को सुझाव दिए हैं। पार्षद का कहना है कि खतरनाक कुत्तों के पालने, बिक्री पर शहर में रोक लगनी चाहिए। प्रस्ताव में जिन बिंदुओं को शामिल किया गया है उनमें अब खतरनाक कुत्तों का रजिस्ट्रेशन नहीं किया जाएगा। कोई भी एक फ्लैट में एरिया के हिसाब से एक या दो कुत्तों से अधिक नहीं पाल सकेगा। बिना रजिस्ट्रेशन कुत्ता पालने पर जुर्माना वसूला जाएगा। मौजूदा समय में बिना रजिस्ट्रेशन श्वान पालने की शिकायत मिलने पर पांच हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। पार्षद का कहना है कि यदि पालतू कुत्ता किसी पर हमला करता है और जख्मी करता है तो इलाज का पैसा कुत्ता पालकों से वसूला जाना चाहिए। सोसायटी में टहलाते समय कुत्ते के माउथ कवर लगा होना चाहिए। कुत्ते के लिए सर्विस लिफ्ट का ही इस्तेमाल किया जाए। सोसायटी में गंदगी करने पर पालक की जिम्मेदारी होगी कि वह सफाई करे। एओए और आरडब्ल्यूए सोसायटी में आवारा कुत्तों का ध्यान रखेगा। उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अनुज का कहना है कि प्रस्ताव तैयार कराया गया है। पार्षदों और लोगों की राय से नियमों में कुछ बदलाव किया गया है। भविष्य में खतरनाक कुत्तों का रजिस्ट्रेशन न करने का प्रस्ताव भी शामिल है। सदन की अनुमति के बाद ही नई नियमावली अंतिम मानी जाएगी।
पिछली बोर्ड बैठक में मेयर ने फाड़ दिया था प्रस्ताव
पिछली बोर्ड बैठक में वार्ड नंबर 100 के भाजपा पार्षद संजय सिंह ने मेयर को कुत्तों से संबंधित प्रस्ताव दिया था। इस दौरान कुछ पार्षदों से उनकी गरमा-गरमी हो गई। आरोप था कि इस पर मेयर ने प्रस्ताव को फाड़ दिया था। संजय सिंह का कहना है इस बार प्रस्ताव मेयर के माध्यम से लाया जाएगा।
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30 की जगह 10 प्रस्तावों पर ही हो पाई थी चर्चा
पिछली बोर्ड बैठक में हंगामे की वजह से 30 प्रस्तावों में से मात्र नौ प्रस्तावों पर चर्चा हो सकी थी। स्मार्ट पार्किंग, दुकानों के किराया वृद्धि, व्यवसायिक पार्किंग के ठेके, नगर निगम के डिजिटल टैक्स सर्वे पर घंटों हंगामा चला। इसके अलावा डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन व वार्ड में कूड़ा उठाने का कार्य प्राइवेट फर्म को देने पर चर्चा हुई। हंगामे की वजह से अन्य प्रस्तावों पर चर्चा नहीं हो सकी थी।
इन प्रमुख प्रस्तावों पर चर्चा
1. होटल लॉजिंग, गेस्ट हाउस, बरात घर, नर्सिंग होम समेत व्यवसायिक प्रतिष्ठानों, केंद्रों का लाइसेंस दो से तीन गुना करने।
2. नगर निगम की आय बढ़ाने
3. भूमि विनियमन
4. निर्माण कार्यों की मानिटरिंग करने के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट बनाने के संबंध में
5. डेयरियों के विरुद्ध कार्यवाही किए जाने के लिए प्रस्ताव पर चर्चा
अवैध डेयरियों पर 50 हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रस्ताव
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गाजियाबाद। पिटबुल, रॉट विलर और डोगो अर्जेंटीनों जैसे खतरनाक कुत्तों को पालने पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी में नगर निगम जुट गया है। लगातार पालतू कुत्तों के हमले की घटनाओं के बढ़ने के बाद नई नियमावली बनाने की मांग लोगों ने तेज कर दी है। शनिवार को बोर्ड बैठक में कुत्ता पालकों के लिए नये नियमों के प्रस्ताव पर सदन की मुहर लग सकती है।
भाजपा पार्षद संजय सिंह ने भी नए नियम बनाने के लिए नगर निगम को सुझाव दिए हैं। पार्षद का कहना है कि खतरनाक कुत्तों के पालने, बिक्री पर शहर में रोक लगनी चाहिए। प्रस्ताव में जिन बिंदुओं को शामिल किया गया है उनमें अब खतरनाक कुत्तों का रजिस्ट्रेशन नहीं किया जाएगा। कोई भी एक फ्लैट में एरिया के हिसाब से एक या दो कुत्तों से अधिक नहीं पाल सकेगा। बिना रजिस्ट्रेशन कुत्ता पालने पर जुर्माना वसूला जाएगा। मौजूदा समय में बिना रजिस्ट्रेशन श्वान पालने की शिकायत मिलने पर पांच हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। पार्षद का कहना है कि यदि पालतू कुत्ता किसी पर हमला करता है और जख्मी करता है तो इलाज का पैसा कुत्ता पालकों से वसूला जाना चाहिए। सोसायटी में टहलाते समय कुत्ते के माउथ कवर लगा होना चाहिए। कुत्ते के लिए सर्विस लिफ्ट का ही इस्तेमाल किया जाए। सोसायटी में गंदगी करने पर पालक की जिम्मेदारी होगी कि वह सफाई करे। एओए और आरडब्ल्यूए सोसायटी में आवारा कुत्तों का ध्यान रखेगा। उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अनुज का कहना है कि प्रस्ताव तैयार कराया गया है। पार्षदों और लोगों की राय से नियमों में कुछ बदलाव किया गया है। भविष्य में खतरनाक कुत्तों का रजिस्ट्रेशन न करने का प्रस्ताव भी शामिल है। सदन की अनुमति के बाद ही नई नियमावली अंतिम मानी जाएगी।
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पिछली बोर्ड बैठक में मेयर ने फाड़ दिया था प्रस्ताव
पिछली बोर्ड बैठक में वार्ड नंबर 100 के भाजपा पार्षद संजय सिंह ने मेयर को कुत्तों से संबंधित प्रस्ताव दिया था। इस दौरान कुछ पार्षदों से उनकी गरमा-गरमी हो गई। आरोप था कि इस पर मेयर ने प्रस्ताव को फाड़ दिया था। संजय सिंह का कहना है इस बार प्रस्ताव मेयर के माध्यम से लाया जाएगा।
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30 की जगह 10 प्रस्तावों पर ही हो पाई थी चर्चा
पिछली बोर्ड बैठक में हंगामे की वजह से 30 प्रस्तावों में से मात्र नौ प्रस्तावों पर चर्चा हो सकी थी। स्मार्ट पार्किंग, दुकानों के किराया वृद्धि, व्यवसायिक पार्किंग के ठेके, नगर निगम के डिजिटल टैक्स सर्वे पर घंटों हंगामा चला। इसके अलावा डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन व वार्ड में कूड़ा उठाने का कार्य प्राइवेट फर्म को देने पर चर्चा हुई। हंगामे की वजह से अन्य प्रस्तावों पर चर्चा नहीं हो सकी थी।
इन प्रमुख प्रस्तावों पर चर्चा
1. होटल लॉजिंग, गेस्ट हाउस, बरात घर, नर्सिंग होम समेत व्यवसायिक प्रतिष्ठानों, केंद्रों का लाइसेंस दो से तीन गुना करने।
2. नगर निगम की आय बढ़ाने
3. भूमि विनियमन
4. निर्माण कार्यों की मानिटरिंग करने के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट बनाने के संबंध में
5. डेयरियों के विरुद्ध कार्यवाही किए जाने के लिए प्रस्ताव पर चर्चा
अवैध डेयरियों पर 50 हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रस्ताव