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एक महीने स्कूल नहीं जा सकेगा पिटबुल के हमले में घायल कुश
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एक महीने स्कूल नहीं जा सकेगा पिटबुल के हमले में घायल कुश
गाजियाबाद। पिटबुल के हमले से घायल हुए दस साल के कुश त्यागी को पूरी तरह से ठीक होने में एक महीने का समय लग जाएगा। तब तक वह स्कूल नहीं जा सकेगा। वह केडीबी स्कूल में पांचवीं का छात्र है। 12 सितंबर के उसकी छमाही परीक्षा है। उसका इलाज करने वाले प्लास्टिक सर्जन डॉ. अनुज जैन का कहना है कि यदि जरूरत पड़ी तो छह महीने के बाद उसके चेहरे की प्लास्टिक सर्जरी की जाएगी। इसमें 50 हजार से ढाई लाख का खर्च आता है।
फिलहाल उसे सुबह शाम एंटीबायोटिक इंजेक्शन दिए जा रहे हैं। अभी रोजाना करीब तीन से चार हजार रुपये दवाओं पर खर्च हो रहे हैं। चेहरे पर करीब डेढ़ सौ टांके लगने और सर्जरी के बाद कुश को बोलने से मना किया गया है। वह इशारों में बात कर रहा है। उसके पिता सचिन त्यागी ने बताया कि डॉक्टरों ने सलाह दी है कि घाव ठीक होने तक उसे सिर्फ पेय पदार्थ दिए जाएं। हर तीसरे दिन पट्टी बदलवाने (ड्रेसिंग) के लिए अस्पताल जाना पड़ रहा है। बुधवार को ड्रेसिंग के दौरान पता चला कि संक्रमण हो गया है। इसकी अलग से दवाएं देनी पड़ रही हैं।
नगर निगम भेजा भेजा संशोधित नोटिस
नगर निगम की टीम ने बृहस्पतिवार को कुत्ता मालिक ललित त्यागी की जगह उनके स्वर्गीय पिता सुभाष त्यागी के नाम से जुर्माने की नोटिस जारी कर दिया था। पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. आशीष त्रिपाठी ने बताया कि मौके पर गए कर्मियों ने गेट पर लिखे सुभाष त्यागी की नेम प्लेट देखकर परिवार वालों के सामने ही नोटिस दे दी, जिसे परिजनों ने रिसीव कर लिया। परिजनों ने कोई आपत्ति नहीं की।
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पैसे की किल्लत... ख्वाहिश के कान की नहीं हो पा रही सर्जरी
लोनी। पिटबुल के हमले में घायल लोनी की मासूम ख्वाहिश के कान की प्लास्टिक सर्जरी नहीं हो पा रही है। डॉक्टरों ने चार से छह लाख का खर्च बताया है जबकि पिता प्रेम कुमार के पास इतनी रकम का इंतजाम नहीं है। टेंपो चालक प्रेम कुमार ने बताया कि डॉक्टरों ने तीन बार में सर्जरी पूरी होने की बात कही है। वह तमाम प्रयास कर चुके लेकिन सर्जरी के लिए रकम का इंतजाम नहीं हो पाया है। कुत्ते के मालिक ने पहले कहा था कि वह इलाज का पूरा खर्च उठाएगा, लेकिन बाद में मुकर गया। कुत्ता ने ख्वाहिश के कान का बड़ा हिस्सा काटकर अलग कर दिया था। डॉक्टरों ने बताया है कि सर्जरी के जरिये कान फिर से बनाया जाएगा। फिलहाल जख्म में संक्रमण बढ़ा हुआ आया है। उसके उपचार में काफी पैसा खर्च हो रहा है।
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गाजियाबाद। पिटबुल के हमले से घायल हुए दस साल के कुश त्यागी को पूरी तरह से ठीक होने में एक महीने का समय लग जाएगा। तब तक वह स्कूल नहीं जा सकेगा। वह केडीबी स्कूल में पांचवीं का छात्र है। 12 सितंबर के उसकी छमाही परीक्षा है। उसका इलाज करने वाले प्लास्टिक सर्जन डॉ. अनुज जैन का कहना है कि यदि जरूरत पड़ी तो छह महीने के बाद उसके चेहरे की प्लास्टिक सर्जरी की जाएगी। इसमें 50 हजार से ढाई लाख का खर्च आता है।
फिलहाल उसे सुबह शाम एंटीबायोटिक इंजेक्शन दिए जा रहे हैं। अभी रोजाना करीब तीन से चार हजार रुपये दवाओं पर खर्च हो रहे हैं। चेहरे पर करीब डेढ़ सौ टांके लगने और सर्जरी के बाद कुश को बोलने से मना किया गया है। वह इशारों में बात कर रहा है। उसके पिता सचिन त्यागी ने बताया कि डॉक्टरों ने सलाह दी है कि घाव ठीक होने तक उसे सिर्फ पेय पदार्थ दिए जाएं। हर तीसरे दिन पट्टी बदलवाने (ड्रेसिंग) के लिए अस्पताल जाना पड़ रहा है। बुधवार को ड्रेसिंग के दौरान पता चला कि संक्रमण हो गया है। इसकी अलग से दवाएं देनी पड़ रही हैं।
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नगर निगम भेजा भेजा संशोधित नोटिस
नगर निगम की टीम ने बृहस्पतिवार को कुत्ता मालिक ललित त्यागी की जगह उनके स्वर्गीय पिता सुभाष त्यागी के नाम से जुर्माने की नोटिस जारी कर दिया था। पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. आशीष त्रिपाठी ने बताया कि मौके पर गए कर्मियों ने गेट पर लिखे सुभाष त्यागी की नेम प्लेट देखकर परिवार वालों के सामने ही नोटिस दे दी, जिसे परिजनों ने रिसीव कर लिया। परिजनों ने कोई आपत्ति नहीं की।
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पैसे की किल्लत... ख्वाहिश के कान की नहीं हो पा रही सर्जरी
लोनी। पिटबुल के हमले में घायल लोनी की मासूम ख्वाहिश के कान की प्लास्टिक सर्जरी नहीं हो पा रही है। डॉक्टरों ने चार से छह लाख का खर्च बताया है जबकि पिता प्रेम कुमार के पास इतनी रकम का इंतजाम नहीं है। टेंपो चालक प्रेम कुमार ने बताया कि डॉक्टरों ने तीन बार में सर्जरी पूरी होने की बात कही है। वह तमाम प्रयास कर चुके लेकिन सर्जरी के लिए रकम का इंतजाम नहीं हो पाया है। कुत्ते के मालिक ने पहले कहा था कि वह इलाज का पूरा खर्च उठाएगा, लेकिन बाद में मुकर गया। कुत्ता ने ख्वाहिश के कान का बड़ा हिस्सा काटकर अलग कर दिया था। डॉक्टरों ने बताया है कि सर्जरी के जरिये कान फिर से बनाया जाएगा। फिलहाल जख्म में संक्रमण बढ़ा हुआ आया है। उसके उपचार में काफी पैसा खर्च हो रहा है।