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तीन दिन में करें दाखिला, भ्रमित करने की न करें कोशिश
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तीन दिन में करें दाखिला, भ्रमित करने की न करें कोशिश
गाजियाबाद। शिक्षा के अधिकार के तहत गरीब बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला नहीं देने पर 34 स्कूलों पर मान्यता रद्द करने की तलवार लटक गई है। नोटिस जारी होने के बाद शुक्रवार को सिटी मजिस्ट्रेट गंभीर सिंह ने इन स्कूलों के प्रतिनिधियों और प्रधानाचार्यों को तलब किया। बैठक में मौजूद डीएपीएस मेरठ रोड द्वार कोई दाखिला नहीं किए जाने पर सिटी मजिस्ट्रेट ने फटकार लगाते हुए तीन दिन के अंदर आरटीई के तहत दाखिला करने की चेतावनी दी। वहीं देहरादून पब्लिक स्कूल गोविंदपुरम और संजय नगर द्वारा नर्सरी, केजी में दाखिला नहीं करने पर कहा कि वे प्रशासन को भ्रमित न करें, दाखिला नहीं लेते हैं तो कार्रवाई को तैयार रहें।
करीब एक घंटे तक चली वार्ता में सिटी मजिस्ट्रेट ने स्कूलों को स्पष्ट किया कि आरटीई के तहत दाखिला नहीं करने पर मान्यता रद्द कराई जाएगी। बैठक में शिक्षा विभाग की ओर से खंड शिक्षा अधिकारी हेमेंद्र सिंह, भूपेश दिनकर, जमुना प्रसाद और दीपक कुमार मौजूद रहे। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन की ओर से आए प्रतिनिधियों के सवालों के जवाब दिए। स्कूलों की ओर से आश्वासन दिया गया कि जो भी जरूरतमंद हैं उन्हें दाखिला दिया जाएगा।
स्कूल प्रबंधन का कहना था कि कुछ लोग संपन्न होने के बाद भी फर्जी कागज तैयार कर आरटीई के तहत बच्चों को दाखिला दिलाने पहुंच जाते हैं। मना करने पर उन्हें धमकी दी जाती है। इस पर सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि जो लोग पात्रता की श्रेणी में नहीं आते हैं और गलत तरह से दाखिला कराना चाहते हैं उनकी शिकायत की जाए। ऐसे लोगों के बच्चों का दाखिला रोका जाए और एफआईआर कराई जाए लेकिन जो पात्र हैं, उन्हें लाभ मिलना चाहिए। कुछ स्कूलों के प्रतिनिधि अनुपस्थित रहे, जिनको नोटिस भेजकर जवाब मांगा जाएगा।
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54 स्कूलों को भेजे गए थे नोटिस
शिक्षा विभाग ने आरटीई के तहत गरीब परिवारों के बच्चों के दाखिले न करने पर जिले के 54 स्कूलों को नोटिस भेजे गए थे। 20 स्कूलों ने बच्चों को प्रवेश दे दिए लेकिन 34 स्कूलों ने नोटिस के बाद भी दाखिले की जहमत नहीं उठाई। इन 34 स्कूलों में ज्यादातर नामचीन स्कूल शामिल हैं।
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गाजियाबाद। शिक्षा के अधिकार के तहत गरीब बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला नहीं देने पर 34 स्कूलों पर मान्यता रद्द करने की तलवार लटक गई है। नोटिस जारी होने के बाद शुक्रवार को सिटी मजिस्ट्रेट गंभीर सिंह ने इन स्कूलों के प्रतिनिधियों और प्रधानाचार्यों को तलब किया। बैठक में मौजूद डीएपीएस मेरठ रोड द्वार कोई दाखिला नहीं किए जाने पर सिटी मजिस्ट्रेट ने फटकार लगाते हुए तीन दिन के अंदर आरटीई के तहत दाखिला करने की चेतावनी दी। वहीं देहरादून पब्लिक स्कूल गोविंदपुरम और संजय नगर द्वारा नर्सरी, केजी में दाखिला नहीं करने पर कहा कि वे प्रशासन को भ्रमित न करें, दाखिला नहीं लेते हैं तो कार्रवाई को तैयार रहें।
करीब एक घंटे तक चली वार्ता में सिटी मजिस्ट्रेट ने स्कूलों को स्पष्ट किया कि आरटीई के तहत दाखिला नहीं करने पर मान्यता रद्द कराई जाएगी। बैठक में शिक्षा विभाग की ओर से खंड शिक्षा अधिकारी हेमेंद्र सिंह, भूपेश दिनकर, जमुना प्रसाद और दीपक कुमार मौजूद रहे। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन की ओर से आए प्रतिनिधियों के सवालों के जवाब दिए। स्कूलों की ओर से आश्वासन दिया गया कि जो भी जरूरतमंद हैं उन्हें दाखिला दिया जाएगा।
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स्कूल प्रबंधन का कहना था कि कुछ लोग संपन्न होने के बाद भी फर्जी कागज तैयार कर आरटीई के तहत बच्चों को दाखिला दिलाने पहुंच जाते हैं। मना करने पर उन्हें धमकी दी जाती है। इस पर सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि जो लोग पात्रता की श्रेणी में नहीं आते हैं और गलत तरह से दाखिला कराना चाहते हैं उनकी शिकायत की जाए। ऐसे लोगों के बच्चों का दाखिला रोका जाए और एफआईआर कराई जाए लेकिन जो पात्र हैं, उन्हें लाभ मिलना चाहिए। कुछ स्कूलों के प्रतिनिधि अनुपस्थित रहे, जिनको नोटिस भेजकर जवाब मांगा जाएगा।
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54 स्कूलों को भेजे गए थे नोटिस
शिक्षा विभाग ने आरटीई के तहत गरीब परिवारों के बच्चों के दाखिले न करने पर जिले के 54 स्कूलों को नोटिस भेजे गए थे। 20 स्कूलों ने बच्चों को प्रवेश दे दिए लेकिन 34 स्कूलों ने नोटिस के बाद भी दाखिले की जहमत नहीं उठाई। इन 34 स्कूलों में ज्यादातर नामचीन स्कूल शामिल हैं।