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१९ घंटे से दो हजार घरों में अंधेरा, सुबह -शाम पानी को तरस
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19 घंटे से दो हजार घर अंधेरे में, पेयजल आपूर्ति और मोबाइल हुए ठप
गाजियाबाद। गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली संकट भी गहराता बढ़ा दिया है बृहस्पतिवार रात करीब 10 बजे लाइनपार क्षेत्र के आदर्श कॉलोनी में फुंका ट्रांसफार्मर 19 घंटे बाद भी बदला नहीं जा सका है। लोगों को रात जागकर गुजारनी पड़ी तो शुक्रवार की सुबह और शाम को पानी की दिक्कत का सामना करना पड़ा। घरों में लगे इन्वर्टर भी जवाब दे गए और मोबाइल भी डिस्चार्ज हो गए हैं।
कॉलोनी में करीब दो हजार मकान हैं इनमें दस हजार लोग रहते हैं। कॉलोनी में 400 केवीए का ट्रांसफार्मर बृहस्पतिवार रात करीब 10 बजे ओवरलोड होने से फुंक गया। इससे पूरी कालोनी अंधेर में डूब गई। लोगों ने बिजली विभाग के इंजीनियरों से संपर्क किया तो कोई जवाब नहीं मिला। पूरी रात लोग बिजली का इंतजार करते रहे। बिजली नहीं आने से सुबह लोगों को पानी नहीं मिल सका। मजबूरी में लोगों को बाजार से पानी की बोतल खरीदकर काम चलाना पड़ा। स्कूल और काम पर जाने वाले लोगों को बिना नहाए ही ऑफिस जाना पड़ा। दोपहर तक इन्वर्टर और मोबाइल ठप पड़ गए। गर्मी में बिजली नहीं रहने से पंखे और कूलर भी बंद हो गए। गर्मी से राहत पाने के लिए पूरे दिन घर के बाहर व बालकनी में बैठे रहे। प्रमोद कुमार कॉलोनी में दुकान चलाते हैं। उन्होंने बताया कि बिजली नहीं आने से फ्रिज बंद है, उसमें रखा दूध व खाद्य सामग्री खराब हो गई। सुबह पानी की भी दिक्कत हुई। रात पंखा झलकर बितानी पड़ी। गृहिणी प्रेमवती ने बताया कि गर्मी बढ़ने के बाद रोजाना तीन से चार घंटे की विद्युत कटौती हो रही है। बृहस्पतिवार रात गुल हुई बिजली शुक्रवार रात तक नहीं आई। लोगों ने बिजली दफ्तर में शिकायत की गई लेकिन कोई कर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। प्रेम कुमार प्राइवेट कंपनी में जॉब करते हैं। उन्होंने बताया कि रात में करीब दस बजे जब वह काम से घर पहुंचे तो पता चला कि बिजली नहीं है। पूरी रात जागते हुए बीती। सुबह पानी नहीं आया तो बिना नहाए ही दफ्तर जाना पड़ा। रामकुमार का कहना है कि बिजली का बिल पूरा दे रहे हैं लेकिन आपूर्ति ठीक नहीं हो रही है। बच्चों की परीक्षा चल रही है, बिजली नहीं रहने से तैयारी ठीक से नहीं हो पा रही है। अहमद का कहना है कि इन दिनों रोजा चल रहा है। सुबह उठना पड़ता है। बिजली नहीं रहने बहुत दिक्कत हो रही है। बिजली विभाग दावा करता है कि 24 घंटे बिजली दी जा रही है लेकिन सच्चाई यह है कि रोजाना तीन से चार घंटे की अघोषित कटौती हो रही है।
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अवर अभियंता संतोष कुशवाहा का कहना है कि ट्रांसफार्मर बदला जा रहा है। लगाने के पहले चार्ज किया जा रहा है। रात तक ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली आपूर्ति सुचारू कर दी जाएगी।
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नई बस्ती में चार घंटे गुल रही बिजली
नई बस्ती में चार रात 12 बजे से चार बजे के बीच आधे आधे घंटे के लिए तीन बार बिजली गुल रही। शुक्रवार को सुबह भी बिजली की कटौती हुई। विजय नगर सेक्टर 9 और 11 में भी तीन से चार घंटे की बिजली कटौती हो रही है।
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20 फीसदी बढ़ गई मांग
विद्युत वितरण निगम के मुख्य अभियंता एसके पुरवार ने बताया कि गर्मी बढ़ने के साथ ढाई सौ मेगावाट डिमांड बढ़ गई है। आम दिनों में 900 मेगावाट तक मांग रहती है लेकिन गर्मी बढ़ने के बाद यह मांग 1150 मेगावाट तक पहुंच गई है। शाम के समय अचानक लोड बढ़ने से लोकल फॉल्ट होने की संभावना बनी रहती है। स्थानीय स्तर से कोई कटौती नहीं की जा रही है, जो भी दिक्कत है वह लोकल फॉल्ट से है। समय से फाल्ट ठीक करने के लिए टीमें लगाई गई हैं।
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गाजियाबाद। गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली संकट भी गहराता बढ़ा दिया है बृहस्पतिवार रात करीब 10 बजे लाइनपार क्षेत्र के आदर्श कॉलोनी में फुंका ट्रांसफार्मर 19 घंटे बाद भी बदला नहीं जा सका है। लोगों को रात जागकर गुजारनी पड़ी तो शुक्रवार की सुबह और शाम को पानी की दिक्कत का सामना करना पड़ा। घरों में लगे इन्वर्टर भी जवाब दे गए और मोबाइल भी डिस्चार्ज हो गए हैं।
कॉलोनी में करीब दो हजार मकान हैं इनमें दस हजार लोग रहते हैं। कॉलोनी में 400 केवीए का ट्रांसफार्मर बृहस्पतिवार रात करीब 10 बजे ओवरलोड होने से फुंक गया। इससे पूरी कालोनी अंधेर में डूब गई। लोगों ने बिजली विभाग के इंजीनियरों से संपर्क किया तो कोई जवाब नहीं मिला। पूरी रात लोग बिजली का इंतजार करते रहे। बिजली नहीं आने से सुबह लोगों को पानी नहीं मिल सका। मजबूरी में लोगों को बाजार से पानी की बोतल खरीदकर काम चलाना पड़ा। स्कूल और काम पर जाने वाले लोगों को बिना नहाए ही ऑफिस जाना पड़ा। दोपहर तक इन्वर्टर और मोबाइल ठप पड़ गए। गर्मी में बिजली नहीं रहने से पंखे और कूलर भी बंद हो गए। गर्मी से राहत पाने के लिए पूरे दिन घर के बाहर व बालकनी में बैठे रहे। प्रमोद कुमार कॉलोनी में दुकान चलाते हैं। उन्होंने बताया कि बिजली नहीं आने से फ्रिज बंद है, उसमें रखा दूध व खाद्य सामग्री खराब हो गई। सुबह पानी की भी दिक्कत हुई। रात पंखा झलकर बितानी पड़ी। गृहिणी प्रेमवती ने बताया कि गर्मी बढ़ने के बाद रोजाना तीन से चार घंटे की विद्युत कटौती हो रही है। बृहस्पतिवार रात गुल हुई बिजली शुक्रवार रात तक नहीं आई। लोगों ने बिजली दफ्तर में शिकायत की गई लेकिन कोई कर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। प्रेम कुमार प्राइवेट कंपनी में जॉब करते हैं। उन्होंने बताया कि रात में करीब दस बजे जब वह काम से घर पहुंचे तो पता चला कि बिजली नहीं है। पूरी रात जागते हुए बीती। सुबह पानी नहीं आया तो बिना नहाए ही दफ्तर जाना पड़ा। रामकुमार का कहना है कि बिजली का बिल पूरा दे रहे हैं लेकिन आपूर्ति ठीक नहीं हो रही है। बच्चों की परीक्षा चल रही है, बिजली नहीं रहने से तैयारी ठीक से नहीं हो पा रही है। अहमद का कहना है कि इन दिनों रोजा चल रहा है। सुबह उठना पड़ता है। बिजली नहीं रहने बहुत दिक्कत हो रही है। बिजली विभाग दावा करता है कि 24 घंटे बिजली दी जा रही है लेकिन सच्चाई यह है कि रोजाना तीन से चार घंटे की अघोषित कटौती हो रही है।
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अवर अभियंता संतोष कुशवाहा का कहना है कि ट्रांसफार्मर बदला जा रहा है। लगाने के पहले चार्ज किया जा रहा है। रात तक ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली आपूर्ति सुचारू कर दी जाएगी।
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नई बस्ती में चार घंटे गुल रही बिजली
नई बस्ती में चार रात 12 बजे से चार बजे के बीच आधे आधे घंटे के लिए तीन बार बिजली गुल रही। शुक्रवार को सुबह भी बिजली की कटौती हुई। विजय नगर सेक्टर 9 और 11 में भी तीन से चार घंटे की बिजली कटौती हो रही है।
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20 फीसदी बढ़ गई मांग
विद्युत वितरण निगम के मुख्य अभियंता एसके पुरवार ने बताया कि गर्मी बढ़ने के साथ ढाई सौ मेगावाट डिमांड बढ़ गई है। आम दिनों में 900 मेगावाट तक मांग रहती है लेकिन गर्मी बढ़ने के बाद यह मांग 1150 मेगावाट तक पहुंच गई है। शाम के समय अचानक लोड बढ़ने से लोकल फॉल्ट होने की संभावना बनी रहती है। स्थानीय स्तर से कोई कटौती नहीं की जा रही है, जो भी दिक्कत है वह लोकल फॉल्ट से है। समय से फाल्ट ठीक करने के लिए टीमें लगाई गई हैं।
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