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वेव सिटी में दोहरे हत्याकांड में तीन पर रिपोर्ट दर्ज, ठिकानों पर दबिश
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वेव सिटी में दोहरे हत्याकांड में तीन पर रिपोर्ट दर्ज, ठिकानों पर दबिश
गाजियाबाद। वेव सिटी सेक्टर-चार में बुधवार रात गोली मारकर की गई दो युवकों की हत्या के मामले में पुरानी रंजिश सामने आ रही है। मामले में मृतक जितेंद्र की पत्नी ने तीन आरोपियों विनोद नागर, अनिल नागर और बिल्लू के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। तीनों गौतमबुद्धनगर के दुजाना गांव के रहने वाले हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पांच टीमें गठित की गई हैं।
मृतक की पत्नी प्रीति का कहना है कि विनोद और अनिल ने उनके पति को फोन कर छपरौला स्थित एक ऑफिस पर बुलाया था। बुधवार शाम करीब चार बजे उनके पति बाइक से विनोद, अनिल और बिल्लू से मिलने गए। उनके पति घबराए हुए थे तो उन्होंने साथ चलने की बात कही। इस बात पर उनके पति ने हरेंद्र के साथ जाने को कहा। प्रीति का कहना है कि काफी देर तक वापस नहीं आने पर उन्होंने जितेंद्र को फोन मिलाया तो उन्होंने कहा कि वह विनोद व अनिल के ऑफिस पर बैठे हैं और हरेंद्र भी यहां आने वाला है। हरेंद्र के आने पर मैं घर के लिए निकलूंगा। रात आठ बजे तक भी जब उनके पति नहीं लौटे तो उन्होंने फिर से फोन मिलाया तो जितेंद्र ने कहा कि वह कुछ देर में आ जाएंगे। इसके बाद प्रीति ने जितेंद्र को कई बार फोन किया और वीडियो कॉल भी की लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। रात को पुलिस से जितेंद्र और हरेंद्र की हत्या के बारे में सूचना मिली।
एसपी सिटी निपुण अग्रवाल ने बताया कि बृहस्पतिवार को दोनों के शवों का पोस्टमार्टम कराया गया हैं। तहरीर के आधार पर तीन आरोपियों को नामजद कर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। गिरफ्तारी के लिए गठित की गई टीमें उनके ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
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गृह मंत्रालय में कार्यरत था हरेंद्र
मृतक हरेंद्र के भाई सतेंद्र के अनुसार हरेंद्र गृह मंत्रालय में एमटीएस (मल्टी टास्किंग स्टाफ) में कार्यरत था। वह पिछले चार साल से नौकरी कर रहा था। वहीं मृतक जितेंद्र के भाई रवि के अनुसार जितेंद्र ने हाल ही में बिजली मैकेनिक का काम शुरू किया था। इनका किसी से किसी बात को लेकर कोई विवाद नहीं चल रहा था।
आरोपियों को जितेंद्र पर था हत्या का शक
मृतक जितेंद्र की पत्नी प्रीति का कहना है कि विनोद नागर के भाई अरुण नागर की कुछ साल पहले हत्या हो गई थी। इस मामले में आरोपी जेल भी जा चुके थे। प्रीति का कहना इसके बाद भी विनोद और अनिल उनके पति पर दबाव बनाकर अरुण की हत्या के मामले में पूछताछ करते रहते थे और जितेंद्र के शामिल होने की भी बात कहते थे। आरोप है कि इसी संबंध में बिल्लू जेल से भी उनके पति को अलग-अलग नंबर से व्हॉट्सएप कॉल करके धमकी देता रहता था।
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गाजियाबाद। वेव सिटी सेक्टर-चार में बुधवार रात गोली मारकर की गई दो युवकों की हत्या के मामले में पुरानी रंजिश सामने आ रही है। मामले में मृतक जितेंद्र की पत्नी ने तीन आरोपियों विनोद नागर, अनिल नागर और बिल्लू के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। तीनों गौतमबुद्धनगर के दुजाना गांव के रहने वाले हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पांच टीमें गठित की गई हैं।
मृतक की पत्नी प्रीति का कहना है कि विनोद और अनिल ने उनके पति को फोन कर छपरौला स्थित एक ऑफिस पर बुलाया था। बुधवार शाम करीब चार बजे उनके पति बाइक से विनोद, अनिल और बिल्लू से मिलने गए। उनके पति घबराए हुए थे तो उन्होंने साथ चलने की बात कही। इस बात पर उनके पति ने हरेंद्र के साथ जाने को कहा। प्रीति का कहना है कि काफी देर तक वापस नहीं आने पर उन्होंने जितेंद्र को फोन मिलाया तो उन्होंने कहा कि वह विनोद व अनिल के ऑफिस पर बैठे हैं और हरेंद्र भी यहां आने वाला है। हरेंद्र के आने पर मैं घर के लिए निकलूंगा। रात आठ बजे तक भी जब उनके पति नहीं लौटे तो उन्होंने फिर से फोन मिलाया तो जितेंद्र ने कहा कि वह कुछ देर में आ जाएंगे। इसके बाद प्रीति ने जितेंद्र को कई बार फोन किया और वीडियो कॉल भी की लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। रात को पुलिस से जितेंद्र और हरेंद्र की हत्या के बारे में सूचना मिली।
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एसपी सिटी निपुण अग्रवाल ने बताया कि बृहस्पतिवार को दोनों के शवों का पोस्टमार्टम कराया गया हैं। तहरीर के आधार पर तीन आरोपियों को नामजद कर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। गिरफ्तारी के लिए गठित की गई टीमें उनके ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
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गृह मंत्रालय में कार्यरत था हरेंद्र
मृतक हरेंद्र के भाई सतेंद्र के अनुसार हरेंद्र गृह मंत्रालय में एमटीएस (मल्टी टास्किंग स्टाफ) में कार्यरत था। वह पिछले चार साल से नौकरी कर रहा था। वहीं मृतक जितेंद्र के भाई रवि के अनुसार जितेंद्र ने हाल ही में बिजली मैकेनिक का काम शुरू किया था। इनका किसी से किसी बात को लेकर कोई विवाद नहीं चल रहा था।
आरोपियों को जितेंद्र पर था हत्या का शक
मृतक जितेंद्र की पत्नी प्रीति का कहना है कि विनोद नागर के भाई अरुण नागर की कुछ साल पहले हत्या हो गई थी। इस मामले में आरोपी जेल भी जा चुके थे। प्रीति का कहना इसके बाद भी विनोद और अनिल उनके पति पर दबाव बनाकर अरुण की हत्या के मामले में पूछताछ करते रहते थे और जितेंद्र के शामिल होने की भी बात कहते थे। आरोप है कि इसी संबंध में बिल्लू जेल से भी उनके पति को अलग-अलग नंबर से व्हॉट्सएप कॉल करके धमकी देता रहता था।