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आचार संहिता के बीच बोर्ड बैठक कराने का मामला पहुंचा चुनाव आयोग
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आचार संहिता के बीच बोर्ड बैठक कराने का मामला पहुंचा चुनाव आयोग
गाजियाबाद। जीडीए की आगामी बोर्ड बैठक को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। भाजपा के वरिष्ठ पार्षद राजेंद्र त्यागी ने चुनाव आचार संहिता के बीच बोर्ड बैठक आयोजित कराने की मुख्य निर्वाचन आयुक्त और यूपी निर्वाचन आयुक्त से शिकायत की है। उन्होंने शिकायत में जीडीए नियोजन अनुभाग के अधिकारी पर नियमों को ताक पर रखकर भू-उपयोग परिवर्तन संबंधी प्रस्तावों और मास्टर प्लान-2031 को पास करवाने के प्रयास का आरोप लगाया है।
उन्होंने शिकायत में जीडीए अधिकारियों और बिल्डरों के बीच सांठगांठ का गंभीर आरोप भी लगाया है। उन्होंने जीडीए बोर्ड के सभी प्रस्तावों को 10 बिंदुओं में शामिल कर बोर्ड बैठक को अनुमति नहीं दिए जाने की मांग की है। इससे पहले भी भाजपा पार्षद ने बोर्ड बैठक के एजेंडा में भू-उपयोग परिवर्तन संबंधी प्रस्तावों की शिकायत मुख्यमंत्री से की थी। इस पर मंडलायुक्त ने प्राधिकरण अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा था। भाजपा पार्षद राजेंद्र त्यागी का कहना है कि नियोजन अनुभाग के एक अधिकारी मार्च 2022 में सेवानिवृत्त होने वाले हैं। ऐसे में बिल्डरों से मिलीभगत कर नियम विरुद्ध भू-उपयोग के प्रस्ताव को पास कराने केलिए आदर्श आचार संहिता के बीच बोर्ड बैठक कराने की जल्दी की जा रही है। ऐसे में आचार संहिता हटने तक बोर्ड बैठक को अनुमति नहीं दिए जाने की मांग की है।
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गाजियाबाद। जीडीए की आगामी बोर्ड बैठक को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। भाजपा के वरिष्ठ पार्षद राजेंद्र त्यागी ने चुनाव आचार संहिता के बीच बोर्ड बैठक आयोजित कराने की मुख्य निर्वाचन आयुक्त और यूपी निर्वाचन आयुक्त से शिकायत की है। उन्होंने शिकायत में जीडीए नियोजन अनुभाग के अधिकारी पर नियमों को ताक पर रखकर भू-उपयोग परिवर्तन संबंधी प्रस्तावों और मास्टर प्लान-2031 को पास करवाने के प्रयास का आरोप लगाया है।
उन्होंने शिकायत में जीडीए अधिकारियों और बिल्डरों के बीच सांठगांठ का गंभीर आरोप भी लगाया है। उन्होंने जीडीए बोर्ड के सभी प्रस्तावों को 10 बिंदुओं में शामिल कर बोर्ड बैठक को अनुमति नहीं दिए जाने की मांग की है। इससे पहले भी भाजपा पार्षद ने बोर्ड बैठक के एजेंडा में भू-उपयोग परिवर्तन संबंधी प्रस्तावों की शिकायत मुख्यमंत्री से की थी। इस पर मंडलायुक्त ने प्राधिकरण अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा था। भाजपा पार्षद राजेंद्र त्यागी का कहना है कि नियोजन अनुभाग के एक अधिकारी मार्च 2022 में सेवानिवृत्त होने वाले हैं। ऐसे में बिल्डरों से मिलीभगत कर नियम विरुद्ध भू-उपयोग के प्रस्ताव को पास कराने केलिए आदर्श आचार संहिता के बीच बोर्ड बैठक कराने की जल्दी की जा रही है। ऐसे में आचार संहिता हटने तक बोर्ड बैठक को अनुमति नहीं दिए जाने की मांग की है।
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