धार्मिक स्थल में पानी पीने घुसे किशोर को पीटा, वीडियो बनाकर किया वायरल
डासना स्थित धार्मिक स्थल में पानी पीने घुसे दूसरे समुदाय के किशोर को सेवादार व उसके एक साथी ने बेरहमी से पीटा। आरोपियों ने किशोर की पीटते हुए वीडियो बनाई और बाद में उसे खुद ही सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। घटना शुक्रवार शाम पांच बजे की बताई जा रही है। रात में वीडियो वायरल होने केबाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
मसूरी थाना क्षेत्र के डासना कस्बे के एक मोहल्ले में रहने वाला एक किशोर कबाड़ी का काम करता है। शुक्रवार शाम करीब पांच बजे वह कबाड़ लेकर घर लौट रहा था। उसे काफी तेज प्यास लग रही थी, लेकिन रास्ते में कहीं नल नहीं मिला। पास में धार्मिक स्थल दिखाई दिया तो वह पानी पीने के लिए अंदर चला गया। पुलिस के मुताबिक किशोर पानी पीकर चला ही था कि धार्मिक स्थल के सेवादार श्रींगी नंदन यादव व शिवानंद सरस्वती ने उसे पकड़ लिया।
पहले श्रींगी नंदन यादव ने किशोर का नाम पूछा और उसके बाद अपने साथी शिवांग कपूर को आवाज दी और उससे वीडियो बनाने के लिए कहा। साथ ही बोला कि दोनों के चेहरे साफ आने चाहिए। वीडियो में दिख रहा है कि आरोपी ने कैमरे के सामने किशोर से फिर नाम और धार्मिक स्थल में घुसने का उद्देश्य पूछा। अपना नाम और पिता का नाम बताते ही आरोपी श्रींगी नंदन यादव ने किशोर को लात-घूसों से पीटना शुरू कर दिया।
पुलिस ने बताया कि शुक्रवार रात को आरोपी के साथी शिवानंद सरस्वती ने मारपीट की वीडियो को इंस्टाग्राम पर अपलोड कर दिया। बाद में लोगों ने यह ट्विटर पर भी डाल दी गई। वीडियो अपलोड होने के बाद कई देशों में रहने वाले लोगों ने इसमें ट्वीट करना शुरू कर दिया। यह वीडियो ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले एक व्यक्ति ने भी सोशल साइट पर अपलोड कर दिया। सऊदी अरब, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका में रहने वाले विभिन्न समुदाय के लोगों ने इस वीडियो को ट्वीट किया।
वीडियो वायरल होने के बाद जागी पुलिस, दबोचे आरोपी...
कई लोगों ने यह वीडियो गाजियाबाद पुलिस, यूपी पुलिस और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को टैग करके ट्वीट कर दिया। बताया गया कि लखनऊ से भी इस वीडियो का उच्चाधिकारियों ने संज्ञान लिया। उसके बाद मसूरी थाना पुलिस की नींद खुली। पुलिस ने शुक्रवार देर रात ही आरोपी श्रींगी नंदन यादव को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, शनिवार दोपहर उसके साथी शिवानंद सरस्वती को भी पुलिस ने पकड़ लिया।
बीटेक कर यूपीएससी की तैयारी कर रहा आरोपी...
पुलिस ने बताया कि श्रींगी नंदन यादव मूलरूप से बिहार के भागलपुर संवरा गांव का रहने वाला है। वह सिविल इंजीनियरिंग कर निजी कंपनी में नौकरी कर चुका है। कुछ समय नौकरी करने के बाद आरोपी डासना आकर धार्मिक पद्घति सीख रहा है। साथ में वह यूपीएससी की तैयारी भी कर रहा है।
आरोपी बोला कोई पछतावा नहीं
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसे किशोर को पीटने का पछतावा नहीं है। अगर, वह फिर से धार्मिक स्थल में आएगा तो और बुरी तरह से पिटेगा। आरोपी ने पुलिस से कहा कि उसे धार्मिक स्थल में आना ही नहीं चाहिए था।
वीडियो वायरल नहीं होता तो बच जाता आरोपी...
किशोर को पीटने के बाद मामला शांत हो गया था। किशोर केपरिवार केलोगों ने भी कोई विरोध नहीं किया था। क्योंकि वह गरीब और कमजोर व्यक्ति हैं। पीड़ित ने कहा कि बेटे के बताने के बाद शांत होकर घर बैठ गए थे। रात में एक दरोगा और पुलिस के अन्य कर्मचारी जानकारी करने आए। उन्होंने कहा कि वह तो डर के कारण कोई कार्रवाई कराना ही नहीं चाहते थे। क्योंकि उनकी कोई सुनवाई नहीं करता और दबंग लोग उन्हें जीने नहीं देते।
डर केकारण रिक्शा छोड़ घर चला गया किशोर...
पीड़ित किशोर के पिता ने बताया कि पिटाई के बाद वह घर पहुंचा और रिक्शा खड़ा करके गायब हो गया। जब वह काफी देर तक घर पर नहीं आया तो उसकी तलाश की गई। काफी देर तलाशने के बाद वह मिला। उससे पूछा गया तो उसने बताया कि वह पानी पीने के लिए एक धार्मिक स्थल में गया था। वहां उसे बुरी तरह से पीटा गया। उसने बताया कि कहीं वह लोग घर पर आकर पिटाई न करने लगें, इसलिए वह घर छोड़कर चला गया। पिता ने कहा कि डर के कारण हम लोगों ने भी कहीं कोई शिकायत नहीं की। पिता ने बताया कि उनके पांच बेेटे हैं। यह चौथे नंबर का बेटा है। सभी मेहनत मजदूरी करके पालन-पोषण कर रहे हैं। किसी से उनका कोई विवाद भी नहीं है।
लोगों में गुस्सा...
किशोर को बेरहमी से पीटने की वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में गुस्सा है। उनका कहना है कि लोग प्याऊ लगाकर पुण्य कमाते हैं, लेकिन यह तो क्रूरता है। इस तरह के लोगों को कठिन से कठिन दंड मिलना चाहिए।
सोशल मीडिया पर मसूरी थाना क्षेत्र की एक वीडियो वायरल हुई है जिसमें एक युवक बच्चे को पीट रहा है। आरोपी व उसकेसहयोगी को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस तरह की अराजक गतिविधि में कोई संलिप्त होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।- कलानिधि नैथानी, एसएसपी