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बीकानेर वाला के पैकेट पर नहीं मिला एमआरपी
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बीकानेर वाला के पैकेट पर नहीं मिला एमआरपी
गाजियाबाद। उत्पादों पर एमआरपी (मैक्सिमम रिटेल प्राइज) छपा होना आवश्यक होने के बावजूद कई नामी कंपनियां नियम की अनदेखी कर रहीं हैं। बाट-माप विभाग के औचक निरीक्षण में राजनगर एक्सटेंशन स्थित बीकानेर वाला के पैकेट पर एमआरपी नहीं पाई गई, वहीं रिलायंस स्मार्ट में भी रखे एक उत्पाद पर एमआरपी मिसप्रिंट पाई गई। इन दोनों को नोटिस देकर जुर्माना लगाने के लिए रिपोर्ट मेरठ भेज दी गई है।
बाट-माप विभाग के अधिकारियों ने पिछले दो महीने में 495 दुकानों का निरीक्षण किया। इनमें से 42 दुकानों और प्रतिष्ठानों पर तराजुओं का नवीनीकरण कराए बिना वजन को तौला जा रहा था। नौ कबाड़ विक्रेताओं, दो आटा चक्की, दो मिठाई की दुकानों, दो धर्मकांटा, पांच गल्ला-किराना, एक फल-सब्जी विक्रेता व एक पोस्ट ऑफिस के साथ 12 अन्य दुकानों के तराजू बिना नवीनीकरण प्रमाण पत्र के पाए गए। इन सब पर दो लाख 93 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
वरिष्ठ निरीक्षक राजेंद्र चौरसिया ने बताया कि लोगों को जागरूक करने और घटतौली पर शिकंजा कसने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उत्पादों में वजन कम पाए जाने या तराजू में कमी पाए जाने पर उपभोक्ता विभाग में शिकायत कर सकते हैं। उक्त दुकानदार के खिलाफ जरूरी कार्रवाई की जाएगी।
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गाजियाबाद। उत्पादों पर एमआरपी (मैक्सिमम रिटेल प्राइज) छपा होना आवश्यक होने के बावजूद कई नामी कंपनियां नियम की अनदेखी कर रहीं हैं। बाट-माप विभाग के औचक निरीक्षण में राजनगर एक्सटेंशन स्थित बीकानेर वाला के पैकेट पर एमआरपी नहीं पाई गई, वहीं रिलायंस स्मार्ट में भी रखे एक उत्पाद पर एमआरपी मिसप्रिंट पाई गई। इन दोनों को नोटिस देकर जुर्माना लगाने के लिए रिपोर्ट मेरठ भेज दी गई है।
बाट-माप विभाग के अधिकारियों ने पिछले दो महीने में 495 दुकानों का निरीक्षण किया। इनमें से 42 दुकानों और प्रतिष्ठानों पर तराजुओं का नवीनीकरण कराए बिना वजन को तौला जा रहा था। नौ कबाड़ विक्रेताओं, दो आटा चक्की, दो मिठाई की दुकानों, दो धर्मकांटा, पांच गल्ला-किराना, एक फल-सब्जी विक्रेता व एक पोस्ट ऑफिस के साथ 12 अन्य दुकानों के तराजू बिना नवीनीकरण प्रमाण पत्र के पाए गए। इन सब पर दो लाख 93 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
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वरिष्ठ निरीक्षक राजेंद्र चौरसिया ने बताया कि लोगों को जागरूक करने और घटतौली पर शिकंजा कसने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उत्पादों में वजन कम पाए जाने या तराजू में कमी पाए जाने पर उपभोक्ता विभाग में शिकायत कर सकते हैं। उक्त दुकानदार के खिलाफ जरूरी कार्रवाई की जाएगी।
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