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भाई की हत्या में शामिल होने के संदेह पर दोहरे हत्याकांड को दिया था अंजाम
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भाई की हत्या में शामिल होने के संदेह पर दोहरे हत्याकांड को दिया था अंजाम
गाजियाबाद। वेव सिटी में डबल मर्डर के एक आरोपी अनिल नागर को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस पूछताछ में अनिल नागर ने बताया कि उसने चचेरे भाई बिल्लू गैंगस्टर के भाई अरुण की हत्या में शामिल होने के संदेह पर हरेंद्र और जितेंद्र की हत्या की थी। 2017 में अरुण नागर की हत्या की गई थी। जिसके बाद से ही बिल्लू जितेंद्र और हरेंद्र की हत्या की योजना बना रहा था। 21 अप्रैल को आरोपियों ने वेवसिटी में दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि हत्या की वारदात में शामिल होने के लिए डेढ़ लाख रुपये लिए थे। घटना में तीन अभियुक्त शामिल थे, जो चचेरे भाई हैं। घटना के बारे में आरोपी के चचेरे भाई विनोद नागर को भी मामले की जानकारी थी।
डायमंड फ्लाईओवर के पास मुठभेड़ के बाद किया गिरफ्तार
एसपी सिटी निपुण अग्रवाल ने बताया कि शनिवार रात सूचना मिली कि अनिल नागर अपने गांव खेड़ा दुजाना जा रहा है। पुलिस की टीमों ने घेराबंदी करते हुए चेकिंग शुरू कर दी। इस दौरान एक बाइक सवार वापस भागने लगा। शक होने पर पुलिस की एक टीम ने पीछा किया। अनिल ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। वह हरेंद्र की बाइक से ही अपने गांव जा रहा था। पुलिस ने आरोपी के पास से बाइक के साथ एक पिस्टल और दो कारतूस बरामद किए हैं।
पेरोल पर बाहर आया था अनिल नागर
जितेंद्र व हरेंद्र और तीनों अभियुक्तों की आपस में जान-पहचान थी। अरुण नागर की हत्या के बाद ही बिल्लू गैंगस्टेर हरेंद्र और जितेंद्र से रंजिश मानने लगा था। इस बीच अनिल नागर को गाजीपुर थाने में दर्ज एक मामले में जेल हो गई। मार्च 2021 में अनिल नागर के पेरोल पर बाहर आने पर बिल्लू ने वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई। बिल्लू गैंगस्टेर ने ही अनिल और एक अन्य को पिस्टल दी थी। 21 अप्रैल की देर शाम को हरेंद्र और जितेंद्र दुजाना गांव के पास बने मंदिर पर बाइक पर मिलने आए। यहां बाइक को खड़ी कर बिल्लू, अनिल, हरेंद्र, जितेंद्र और एक अज्ञात कार में सवार होकर वेवसिटी पहुंचे। यहां पर तीनों ने गोली मारकर हरेंद्र और जितेंद्र की हत्या कर दी।
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हत्या के बाद दिल्ली भाग गए थे आरोपी
हत्या के बाद बाइक को गायब कर बिल्लू ने अपने पास रख लिया। तीनों अभियुक्त घटना के बाद दिल्ली गए, यहां से अलग-अलग होकर दिल्ली के आस-पास के इलाकों में जगह बदल-बदल कर रहने लगे। पुलिस से बचने के लिए मोबाइल का उपयोग नहीं कर रहे थे। इस बीच अनिल नागर गांव आने के कारण पुलिस की गिरफ्त में आ गया।
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गाजियाबाद। वेव सिटी में डबल मर्डर के एक आरोपी अनिल नागर को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस पूछताछ में अनिल नागर ने बताया कि उसने चचेरे भाई बिल्लू गैंगस्टर के भाई अरुण की हत्या में शामिल होने के संदेह पर हरेंद्र और जितेंद्र की हत्या की थी। 2017 में अरुण नागर की हत्या की गई थी। जिसके बाद से ही बिल्लू जितेंद्र और हरेंद्र की हत्या की योजना बना रहा था। 21 अप्रैल को आरोपियों ने वेवसिटी में दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि हत्या की वारदात में शामिल होने के लिए डेढ़ लाख रुपये लिए थे। घटना में तीन अभियुक्त शामिल थे, जो चचेरे भाई हैं। घटना के बारे में आरोपी के चचेरे भाई विनोद नागर को भी मामले की जानकारी थी।
डायमंड फ्लाईओवर के पास मुठभेड़ के बाद किया गिरफ्तार
एसपी सिटी निपुण अग्रवाल ने बताया कि शनिवार रात सूचना मिली कि अनिल नागर अपने गांव खेड़ा दुजाना जा रहा है। पुलिस की टीमों ने घेराबंदी करते हुए चेकिंग शुरू कर दी। इस दौरान एक बाइक सवार वापस भागने लगा। शक होने पर पुलिस की एक टीम ने पीछा किया। अनिल ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। वह हरेंद्र की बाइक से ही अपने गांव जा रहा था। पुलिस ने आरोपी के पास से बाइक के साथ एक पिस्टल और दो कारतूस बरामद किए हैं।
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पेरोल पर बाहर आया था अनिल नागर
जितेंद्र व हरेंद्र और तीनों अभियुक्तों की आपस में जान-पहचान थी। अरुण नागर की हत्या के बाद ही बिल्लू गैंगस्टेर हरेंद्र और जितेंद्र से रंजिश मानने लगा था। इस बीच अनिल नागर को गाजीपुर थाने में दर्ज एक मामले में जेल हो गई। मार्च 2021 में अनिल नागर के पेरोल पर बाहर आने पर बिल्लू ने वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई। बिल्लू गैंगस्टेर ने ही अनिल और एक अन्य को पिस्टल दी थी। 21 अप्रैल की देर शाम को हरेंद्र और जितेंद्र दुजाना गांव के पास बने मंदिर पर बाइक पर मिलने आए। यहां बाइक को खड़ी कर बिल्लू, अनिल, हरेंद्र, जितेंद्र और एक अज्ञात कार में सवार होकर वेवसिटी पहुंचे। यहां पर तीनों ने गोली मारकर हरेंद्र और जितेंद्र की हत्या कर दी।
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हत्या के बाद दिल्ली भाग गए थे आरोपी
हत्या के बाद बाइक को गायब कर बिल्लू ने अपने पास रख लिया। तीनों अभियुक्त घटना के बाद दिल्ली गए, यहां से अलग-अलग होकर दिल्ली के आस-पास के इलाकों में जगह बदल-बदल कर रहने लगे। पुलिस से बचने के लिए मोबाइल का उपयोग नहीं कर रहे थे। इस बीच अनिल नागर गांव आने के कारण पुलिस की गिरफ्त में आ गया।