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गाजियाबाद ब्लास्ट: अचानक खामोश हो गईं मलबे से आ रहीं चीखें, लोग बोले- हम आ गए हैं, तुम्हें बचा लेंगे, लेकिन...
Sun, 24 Sep 2023 01:20 PM IST
शाहरुख खान
रिची कुमार, अमर उजाला, लोनी/गाजियाबाद
रिची कुमार, अमर उजाला, लोनी/गाजियाबाद
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 24 Sep 2023 01:20 PM IST
सार
गाजियाबाद के लोनी के रूपनगर की जिस पटाखा फैक्टरी में शनिवार सुबह विस्फोट हो जाने से दो बहनों समेत तीन की मौत हुई, वह घनी आबादी के बीच सालभर से चल रही थी।
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पटाखा फैक्टरी में धमाका
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गाजियाबाद के लोनी के रूपनगर में धमाके के बाद चारों तरफ धुआं और धूल उड़ने लगी। आसपास के लोग अपने घरों से बाहर आए तो उन्हें कुछ नहीं दिखा। कुछ महिलाएं और बच्चों के चिल्लाने की आवाज आ रही थीं, जो कुछ देर में शांत हो गईं। मदद के लिए खड़े लोग समझ नहीं पा रहे थे कि कहां से आवाज आ रही हैं।
पड़ोस में रहने वाले सुरेंद्र ने देखा कि घर के पास एक मकान के मलबे के अंदर से कुछ आवाज आ रही हैं। वह अन्य लोगों के साथ मौके पर पहुंचे। मलबे के अंदर से बच्चे और महिलाओं की रोने की आवाज आ रही थीं। अंदर से मदद की गुहार लगाई जा रही थी।
बाहर से वह आवाज लगाने लगे कि हम आ गए हैं, तुम्हें बचा लेंगें। लोगों ने अपने हाथों से मलबे को हटाने लगे। करीब पांच मिनट तक चीख-पुकार मचती रही फिर चीख धीरे-धीरे शांत होने लगीं। उन्होंने पहले दो बच्चों को बाहर निकाला, बच्चे बुरी तरह घायल हो चुके थे। एक-एक कर दो महिलाओं और चार बच्चों को बाहर निकाल लिया था।
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आसपास के लोग घायलों को लिटाने के लिए अपने घरों से खाट लाए। घायलों को खाट पर लिटाया गया। कुछ लोगों ने एंबुलेंस को फोन किया, लेकिन कॉल नहीं लगी। गली में कुछ ऑटो चालक रहते थे। वह अपने ऑटो को लाए और पुलिस की मदद से घायलों को दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया। लोगों का कहना है कि जब महिलाओं को और बच्चों को बाहर निकाला तो उनकी सांसें चल रही थीं। वहीं दो घंटे बाद मलबे से निकाले गए इमरान अचेत थे।
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पड़ोस में रहने वाले सुरेंद्र ने देखा कि घर के पास एक मकान के मलबे के अंदर से कुछ आवाज आ रही हैं। वह अन्य लोगों के साथ मौके पर पहुंचे। मलबे के अंदर से बच्चे और महिलाओं की रोने की आवाज आ रही थीं। अंदर से मदद की गुहार लगाई जा रही थी।
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बाहर से वह आवाज लगाने लगे कि हम आ गए हैं, तुम्हें बचा लेंगें। लोगों ने अपने हाथों से मलबे को हटाने लगे। करीब पांच मिनट तक चीख-पुकार मचती रही फिर चीख धीरे-धीरे शांत होने लगीं। उन्होंने पहले दो बच्चों को बाहर निकाला, बच्चे बुरी तरह घायल हो चुके थे। एक-एक कर दो महिलाओं और चार बच्चों को बाहर निकाल लिया था।
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आसपास के लोग घायलों को लिटाने के लिए अपने घरों से खाट लाए। घायलों को खाट पर लिटाया गया। कुछ लोगों ने एंबुलेंस को फोन किया, लेकिन कॉल नहीं लगी। गली में कुछ ऑटो चालक रहते थे। वह अपने ऑटो को लाए और पुलिस की मदद से घायलों को दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया। लोगों का कहना है कि जब महिलाओं को और बच्चों को बाहर निकाला तो उनकी सांसें चल रही थीं। वहीं दो घंटे बाद मलबे से निकाले गए इमरान अचेत थे।
लोगों ने दिखाई संवेदना
रूपनगर कॉलोनी में ज्यादातर लोग मजदूर हैं। जब यह घटना हुई, तो लोग मदद के लिए दौड़े। इस दौरान लोगों ने घटना को मोबाइल में कैद करने की बजाय लोगों को जल्द से जल्द बचाने को प्राथमिकता दी और अपनी संवेदना दिखाई। आसपास के लोग जल्द से जल्द सभी को सुरक्षित बाहर निकालना चाहते थे। मलबे से निकलने वाली महिलाओं के कपड़े जल गए थे। घायल महिलाओं को ढकने के लिए आसपास की अन्य महिलाओं कपड़े लाईं और उन पर डाले।
घटनास्थल पर पहुंचे विधायक
घटना के बाद लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि घटना दुखद है। पीड़ितों की मदद की जा रही है। पुलिस और प्रशासन के लोगों के साथ साथ आम लोगों ने भी घायलों को बचाने के लिए बहुत मेहनत की है।
घटना के बाद लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि घटना दुखद है। पीड़ितों की मदद की जा रही है। पुलिस और प्रशासन के लोगों के साथ साथ आम लोगों ने भी घायलों को बचाने के लिए बहुत मेहनत की है।
दर्दनाक हादसे का समय
सुबह करीब साढ़े 9 बजे फैक्टरी में धमाका हुआ
10:31 मिनट पर दो मंजिला इमारत पूरी तरह गिर कर मलबे में तबदील हो गई
10:35 पर धुएं और धूल का गुब्बारा खत्म हुआ
10:36 पर लोगों ने खुद रेस्क्यू कर लोगों को निकालना शुरू किया
10:44 पर फरदीन को बाहर निकाला
10:50 पर दो महिलाओं को बाहर निकाला
11 बजे पुलिस को सूचना मिली
12 बजे तक सात महिलाओं और बच्चों को बाहर निकाला
2 बजे इमरान को मलबे से बाहर निकाला
2:10 पर एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची
2:30 बजे बचाव कार्य समाप्त हुआ
सुबह करीब साढ़े 9 बजे फैक्टरी में धमाका हुआ
10:31 मिनट पर दो मंजिला इमारत पूरी तरह गिर कर मलबे में तबदील हो गई
10:35 पर धुएं और धूल का गुब्बारा खत्म हुआ
10:36 पर लोगों ने खुद रेस्क्यू कर लोगों को निकालना शुरू किया
10:44 पर फरदीन को बाहर निकाला
10:50 पर दो महिलाओं को बाहर निकाला
11 बजे पुलिस को सूचना मिली
12 बजे तक सात महिलाओं और बच्चों को बाहर निकाला
2 बजे इमरान को मलबे से बाहर निकाला
2:10 पर एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची
2:30 बजे बचाव कार्य समाप्त हुआ
पहले भी हुए हैं धमाके
- 05 जुलाई 2020 को मोदीनगर के पटाखा फैक्टरी में विस्फोट होने से सात लोगों की मौत व चार घायल हुए।
- 15 जून 2019 में गाजियाबाद में पटाखा फैक्टरी में विस्फोट से एक की मौत व एक घायल
-27 अक्तूबर 2018 को लोनी के गढ़ी में पटाखा गोदाम में लगी भीषण आग पर दस दमकल गाड़ियों ने काबू पाया।
- 28 अप्रैल 2017 में फर्रुखनगर में पटाखा फैक्टरी के गोदाम में विस्फोट से चार लोगों की मौत।
- 28 अक्तूबर 2016 को फर्रुखनगर में पटाखा फैक्टरी में आग लगने से एक की मौत व दो घायल
- 15 जून 2019 में गाजियाबाद में पटाखा फैक्टरी में विस्फोट से एक की मौत व एक घायल
-27 अक्तूबर 2018 को लोनी के गढ़ी में पटाखा गोदाम में लगी भीषण आग पर दस दमकल गाड़ियों ने काबू पाया।
- 28 अप्रैल 2017 में फर्रुखनगर में पटाखा फैक्टरी के गोदाम में विस्फोट से चार लोगों की मौत।
- 28 अक्तूबर 2016 को फर्रुखनगर में पटाखा फैक्टरी में आग लगने से एक की मौत व दो घायल