{"_id":"6a99c4bb9224c31bfb060987","slug":"gda-team-inspected-the-layout-of-aditya-world-city-ghaziabad-news-c-30-gbd1013-968773-2026-09-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghaziabad News: आदित्य वर्ल्ड सिटी के लेआउट की जीडीए टीम ने की जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghaziabad News: आदित्य वर्ल्ड सिटी के लेआउट की जीडीए टीम ने की जांच
विज्ञापन
विज्ञापन
गाजियाबाद। आदित्य वर्ल्ड सिटी परिसर में बुधवार को जीडीए की टीम ने विकासकर्ता, रखरखाव कंपनी, आरडब्ल्यूए सेक्टर 1, 2, 3 एवं 4 के सदस्यों और स्थानीय निवासियों की मौजूदगी में परिसर का निरीक्षण किया। इसमें विकास कार्यों, स्वीकृत लेआउट और प्रस्तावित सार्वजनिक सुविधाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
आरडब्ल्यूए सेक्टर-1, 2, 3, 4 के अध्यक्ष डॉ. शिव कुमार के अनुसार निरीक्षण के दौरान वर्ष 2014 में स्वीकृत लेआउट और बाद में जारी किए गए कथित संशोधित लेआउट के बीच कई महत्वपूर्ण अंतर सामने आए हैं। आरटीआई से 13 सितंबर 2023 को जारी किए नए लेआउट की जानकारी सामने आई है, लेकिन उसकी प्रति अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई है। आरडब्ल्यूए ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
डॉ. शिव कुमार ने बताया कि करीब 185 एकड़ के परिसर में स्वीकृत योजना के तहत आठ जलाशयों का प्रावधान था, जबकि वर्तमान लेआउट में केवल एक जलाशय है। इसी तरह सेक्टर-1 में 135 वर्ग मीटर के प्रस्तावित कूड़ाघर के स्थान पर मंदिर, सेक्टर-5 में 11, 215.25 वर्ग मीटर के नर्सरी स्कूल के स्थान पर इंटर कॉलेज दर्शाए जाने तथा सेक्टर-3 में रेलवे रिजर्वेशन काउंटर और आंगनबाड़ी के स्थानों में बदलाव किए जाने पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने परिसर के बाहर 30 मीटर चौड़ी मास्टर प्लान ग्रीन बेल्ट और 45 मीटर चौड़ी मास्टर प्लान सड़क पर सवाल उठाए हैं।
विज्ञापन
डीपीआर में भी बदलाव पर सवाल
वेव सिटी निवासी जीवन पंत ने कहा कि जीडीए की 161वीं बोर्ड बैठक अगस्त 2023 में हुई थी। उसमें से केवल एक ग्रुप हाउसिंग प्लॉट से संबंधित विषय पर चर्चा हुई थी, पूरे डीपीआर पर नहीं। पंत ने कहा कि यदि जांच में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार विकासकर्ता और संबंधित अधिकारियों की भूमिका भी निर्धारित की जानी चाहिए व उन आपराधिक मामले दर्ज किए जाएं।
आरडब्ल्यूए सेक्टर-1, 2, 3, 4 के अध्यक्ष डॉ. शिव कुमार के अनुसार निरीक्षण के दौरान वर्ष 2014 में स्वीकृत लेआउट और बाद में जारी किए गए कथित संशोधित लेआउट के बीच कई महत्वपूर्ण अंतर सामने आए हैं। आरटीआई से 13 सितंबर 2023 को जारी किए नए लेआउट की जानकारी सामने आई है, लेकिन उसकी प्रति अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई है। आरडब्ल्यूए ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
विज्ञापन
डॉ. शिव कुमार ने बताया कि करीब 185 एकड़ के परिसर में स्वीकृत योजना के तहत आठ जलाशयों का प्रावधान था, जबकि वर्तमान लेआउट में केवल एक जलाशय है। इसी तरह सेक्टर-1 में 135 वर्ग मीटर के प्रस्तावित कूड़ाघर के स्थान पर मंदिर, सेक्टर-5 में 11, 215.25 वर्ग मीटर के नर्सरी स्कूल के स्थान पर इंटर कॉलेज दर्शाए जाने तथा सेक्टर-3 में रेलवे रिजर्वेशन काउंटर और आंगनबाड़ी के स्थानों में बदलाव किए जाने पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने परिसर के बाहर 30 मीटर चौड़ी मास्टर प्लान ग्रीन बेल्ट और 45 मीटर चौड़ी मास्टर प्लान सड़क पर सवाल उठाए हैं।
विज्ञापन
डीपीआर में भी बदलाव पर सवाल
वेव सिटी निवासी जीवन पंत ने कहा कि जीडीए की 161वीं बोर्ड बैठक अगस्त 2023 में हुई थी। उसमें से केवल एक ग्रुप हाउसिंग प्लॉट से संबंधित विषय पर चर्चा हुई थी, पूरे डीपीआर पर नहीं। पंत ने कहा कि यदि जांच में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार विकासकर्ता और संबंधित अधिकारियों की भूमिका भी निर्धारित की जानी चाहिए व उन आपराधिक मामले दर्ज किए जाएं।