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Ghaziabad News: बिना बिक्री लिया आईटीसी क्लेम, विभाग ने पीडब्ल्यूडी से जमा कराए 32 करोड़
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गाजियाबाद। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) से जुड़ा एक बड़ा वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। इसमें विभाग की ओर से बिना बिक्री दिखाए ही करीब 32 करोड़ रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) क्लेम ले लिया गया। राज्य कर विभाग की जांच में यह गड़बड़ी पकड़ी गई, जिसके बाद पूरी राशि सरकार के खाते में जमा करा दी गई है।
राज्य कर विभाग के अपर आयुक्त (ग्रेड-1) जोन प्रथम रामकेश्वर के मुताबिक, मैसर्स एक्जीक्यूटिव इंजीनियर कंस्ट्रक्शन डिवीजन-2 पीडब्ल्यूडी की जांच जीएसटी पोर्टल पर प्राप्त विसंगतियों के आधार पर की गई। इसमें सामने आया कि फर्म ने लगातार भारी मात्रा में खरीद दिखाई, लेकिन उसके मुकाबले कोई बिक्री दर्ज नहीं की।
जांच में यह भी सामने आया कि फर्म पिछले करीब दो वर्षों से बिना बिक्री के ही आईटीसी क्लेम कर रही थी। इसकी कुल राशि लगभग 32 करोड़ रुपये पहुंच गई।
मामले का खुलासा होते ही सोमवार को जीएसटी की विशेष अनुसंधान शाखा की टीम मौके पर पहुंची। टीम में संयुक्त आयुक्त सुजाता सिंह, डिप्टी कमिश्नर राकेश सिंह, असिस्टेंट कमिश्नर रवींद्र नाथ सिंह और स्टेट टैक्स ऑफिसर रियाजुद्दीन अंसारी शामिल रहे। जांच के बाद विभाग ने पूरी रकम सरकार के खाते में जमा कराई।
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राज्य कर विभाग के अपर आयुक्त (ग्रेड-1) जोन प्रथम रामकेश्वर के मुताबिक, मैसर्स एक्जीक्यूटिव इंजीनियर कंस्ट्रक्शन डिवीजन-2 पीडब्ल्यूडी की जांच जीएसटी पोर्टल पर प्राप्त विसंगतियों के आधार पर की गई। इसमें सामने आया कि फर्म ने लगातार भारी मात्रा में खरीद दिखाई, लेकिन उसके मुकाबले कोई बिक्री दर्ज नहीं की।
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जांच में यह भी सामने आया कि फर्म पिछले करीब दो वर्षों से बिना बिक्री के ही आईटीसी क्लेम कर रही थी। इसकी कुल राशि लगभग 32 करोड़ रुपये पहुंच गई।
मामले का खुलासा होते ही सोमवार को जीएसटी की विशेष अनुसंधान शाखा की टीम मौके पर पहुंची। टीम में संयुक्त आयुक्त सुजाता सिंह, डिप्टी कमिश्नर राकेश सिंह, असिस्टेंट कमिश्नर रवींद्र नाथ सिंह और स्टेट टैक्स ऑफिसर रियाजुद्दीन अंसारी शामिल रहे। जांच के बाद विभाग ने पूरी रकम सरकार के खाते में जमा कराई।
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