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राजनीतिक साजिश के तहत हत्या के आरोप में फंसाया गया: अमरपाल शर्मा
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गाजियाबाद। भाजपा नेता गजेंद्र भाटी उर्फ गज्जी भाटी की हत्या के मामले में बरी होने के बाद साहिबाबाद के पूर्व विधायक अमरपाल शर्मा ने मंगलवार को इंदिरापुरम स्थित अपने कार्यालय पर प्रेसवार्ता की। उन्होंने कहा कि आज भी सच जिंदा है और न्याय के लिए न्यायालय का आभार जताया। वहीं, दूसरी ओर विपक्षियों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनको राजनीतिक साजिश के तहत झूठे मर्डर केस में फंसाया गया।
पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि राजनीति को खत्म करने के यह साजिश रची गई थी। आखिर कोर्ट ने उन्हें इंसाफ दिया। इस दौरान उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सवाल पर हामी भरते हुए कहा कि वह अब सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मिलेंगे। वहीं, गजेंद्र भाटी की पत्नी एवं पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष रीना भाटी ने हाईकोर्ट जाने की बात कही। गौरतलब है कि वर्ष 2017 में खोड़ा कॉलोनी निवासी गज्जी भाटी की हत्या के आरोप में पूर्व विधायक पंड़ित अमरपाल शर्मा पर हत्या का आरोप लगा था। हत्या व गुंडा एक्ट के आरोप में उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। लगभग 10 माह तक वह जेल में रहे। उच्च न्यायालय से उन्हें जमानत मिली। लगभग दस वर्षों तक यह मुकदमा गाजियाबाद की एमपी/एमएलए कोर्ट में चला और अब उन्हें बरी किया है।
पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि राजनीति को खत्म करने के यह साजिश रची गई थी। आखिर कोर्ट ने उन्हें इंसाफ दिया। इस दौरान उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सवाल पर हामी भरते हुए कहा कि वह अब सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मिलेंगे। वहीं, गजेंद्र भाटी की पत्नी एवं पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष रीना भाटी ने हाईकोर्ट जाने की बात कही। गौरतलब है कि वर्ष 2017 में खोड़ा कॉलोनी निवासी गज्जी भाटी की हत्या के आरोप में पूर्व विधायक पंड़ित अमरपाल शर्मा पर हत्या का आरोप लगा था। हत्या व गुंडा एक्ट के आरोप में उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। लगभग 10 माह तक वह जेल में रहे। उच्च न्यायालय से उन्हें जमानत मिली। लगभग दस वर्षों तक यह मुकदमा गाजियाबाद की एमपी/एमएलए कोर्ट में चला और अब उन्हें बरी किया है।
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