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तीसरी मंजिल से गिरी निगम की ‘वीआईपी’ लिफ्ट, 9 लोग फंसे

Tue, 26 Apr 2016 01:32 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद Updated Tue, 26 Apr 2016 01:32 AM IST
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Fell from the third floor of the corporation 'VIP' lift, 9 people stranded
नगर निगम - फोटो : अमर उजाला
नगर निगम की ‘वीआईपी’ लिफ्ट सोमवार को तीसरी मंजिल से गिर गई। हादसे के वक्त लिफ्ट में चार निगम कर्मियों के साथ पांच अन्य लोग मौजूद थे। तीसरी मंजिल से लिफ्ट गिरते ही चीख-पुकार मच गई। आधे घंटे लोग लिफ्ट में फंसे रहे।
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लोहे की रॉड से गेट तोड़कर उन्हें बाहर निकाला गया। महापौर व नगर आयुक्त इसी लिफ्ट से कार्यालय आते-जाते हैं। महापौर ने नगर आयुक्त से रिपोर्ट मांगी है।
सुबह करीब 10:45 बजे निगम कर्मचारी रजनी, अमित, नरेंद्र और शिकायत लेकर पहुंचे फरियादियों समेत कुल नौ लोग लिफ्ट में सवार होकर तीसरी और पांचवीं मंजिल पर जाने लगे।
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रजनी के मुताबिक जैसे ही लिफ्ट तीसरी मंजिल के पास पहुंची, उसमें तार जलने जैसी बदबू आने लगी। इसके बाद लिफ्ट झटके से तीसरी मंजिल से सीधे ग्राउंड फ्लोर पर आकर गिरी। तेज आवाज के साथ लिफ्ट नीचे गिरने से अफरातफरी मच गई।
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प्रत्यक्षदर्शी निगम पार्षद सत्यपाल यादव ने बताया कि करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद लिफ्ट में फंसे लोगों को बाहर निकाला जा सका। महापौर अशु वर्मा भी अमूमन इसी समय अपने कार्यालय में इसी लिफ्ट से जाते हैं। सोमवार को वह दफ्तर पहुंचने में लेट हो गए। इसके चलते वह बच गए।

बिना मरम्मत किया जा रहा मेंटेनेंस का भुगतान

निगम मुख्यालय में लगी तीन लिफ्ट को मेंटेनेंस पर एक प्राइवेट फर्म को दिया गया है। सूत्रों की मानें तो प्रत्येक लिफ्ट के लिए 12,400 रुपये प्रतिमाह मेंटेनेंस खर्च का भुगतान कर रहा है। इनमें एक लिफ्ट करीब दो साल से बंद पड़ी है।

कागजों में ही इसका संचालन दर्शाया जा रहा है। उधर, निगम के एक कर्मचारी ने बताया कि तीन दिन से लिफ्ट में गड़बड़ी थी। उसमें से वायरिंग जलने की बदबू आ रही थी। बावजूद इसके मरम्मत नहीं कराई।

छह महीने में नौ बार हुई हुई घटना
इसी लिफ्ट में छह महीने में 9 बार लोग फंस चुके हैं। लिफ्ट में फंस जाने से एक बार आरडब्ल्यूए पदाधिकारी निगम कर्मचारी से मारपीट भी कर चुके हैं। पुरानी हो चुकीं 3 लिफ्ट को बदलने के लिए निगम बोर्ड भी प्रस्ताव पास कर चुका है। निगम अफसरों ने इन्हें नहीं बदलवाया। पुरानी हो जाने की वजह से अब यह खतरा बन गई हैं।


नगर आयुक्त से लिफ्ट गिरने के मामले में रिपोर्ट मांगी गई है। अगर भुगतान के बावजूद फर्म द्वारा मेंटेनेंस नहीं किया जा रहा तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। जल्द ही नई लिफ्ट लगवाई जाएंगी। - अशु वर्मा, महापौर।
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