{"_id":"58dd3ba44f1c1b650863dea3","slug":"election-date-declared-controversy-persisted","type":"story","status":"publish","title_hn":"चुनाव की तारीख घोषित, विवाद बरकरार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चुनाव की तारीख घोषित, विवाद बरकरार
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Fri, 31 Mar 2017 01:01 AM IST
विज्ञापन
अधिवक्ता
- फोटो : file photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बार एसोसिएशन के रद्द हुए चुनाव के लिए दोबारा से नामांकन प्रक्रिया की तारीख भले ही घोषित कर दी गई है मगर विवाद अभी भी बरकरार है। बृहस्पतिवार को चुनाव समिति के चेयरमैन सुधीर त्यागी ने कार्यक्रम की घोषणा करते हुए इस बार शांतिपूर्वक चुनाव कराए जाने की बात कही।
विज्ञापन
चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद से वकीलों के एक गुट में जहां खुशी का माहौल है, वहीं दूसरे गुट ने इस पर विरोध जताया है। अध्यक्ष पद के प्रत्याशी राकेश त्यागी काकड़ा ने चुनाव गाइड लाइन के विरोध में अनिश्चितकालीन धरने की घोषणा की है।
विज्ञापन
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश त्यागी कैली ने बताया कि चुनाव कार्यक्रम दोबारा घोषित कर दिया गया है। अधिवक्ता सुधीर त्यागी की कमेटी की देखरेख में ही चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी। राकेश त्यागी कैली ने बताया कि एक अप्रैल को सुबह 10.30 बजे से शाम 4.30 बजे तक नामांकन स्वीकार किए जाएंगे।
विज्ञापन
नाम वापसी तीन अप्रैल की शाम साढे़ चार बजे तक लिए जा सकेंगे। इसके बाद सात अप्रैल को मतदान होगा। मतदान सुबह 8 बजे से दोपहर एक बजे तक और दोपहर दो बजे से शाम साढे़ पांच बजे तक चलेगा।
चुनाव कमेटी के चेयरमैन सुधीर त्यागी ने बताया कि इस बार चुनाव बार कौंसिल ऑफ इंडिया के नियमों के तहत कराया जाएगा। अध्यक्ष पद के लिए वही अधिवक्ता नामांकन कर सकते हैं जिन्हें कम से कम 20 वर्ष का अनुभव हो।
इसी प्रकार वरिष्ठ उपाध्यक्ष 18 वर्ष, कनिष्ठ उपाध्यक्ष 5 वर्ष, सचिव 10 वर्ष, दोनों सह सचिव 3-3 वर्ष और वरिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य के लिए 13 वर्ष की वकालत का अनुभव होना आवश्यक है। इसी प्रकार कनिष्ठ सदस्य कम से कम तीन और 13 साल से कम का अनुभव रखते हों।
सुधीर त्यागी ने यह भी स्पष्ट किया है कि रद्द होने से पहले जो अधिवक्ता विभिन्न पदों के लिए नामांकन कर चुके हैं, इस बार अगर वह नामांकन करते हैं तो उन्हें शुल्क नहीं देना होगा। इसके साथ ही मतदान के दौरान बूथ के अंदर मोबाइल पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
प्रत्येक अधिवक्ता को पुलिस की मौजूदगी में तलाशी के बाद ही मतदान केंद्र में प्रवेश मिल सकेगा। नामांकन के समय कोई अधिवक्ता जुलूस नहीं निकाल सकेगा। उन्होंने यह भी बताया कि मतदान पूर्व मतदाता सूची के आधार पर ही संपन्न कराया जाएगा।
उधर बार एसोसिएशन पद के प्रत्याशी राकेश त्यागी काकड़ा ने इस आदेश को नियम विपरीत बताया है। काकड़ा का कहना है कि 1800 मतदाताओं की संख्या बढ़ाकर 2800 से भी ज्यादा कर दी गई है। यह पूरी तरह से नियम विपरीत है।
राकेश काकड़ा ने घोषणा की कि इस हठधर्मिता के विरोध में वह शुक्रवार से अनिश्चित कालीन धरने पर बैठेंगे।