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Ghaziabad News: सिलिंडर पर रोक से कारोबारियों ने चुना डीजल भट्ठी का विकल्प
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गाजियाबाद। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव का असर अब स्थानीय बाजारों तक पहुंच गया है। व्यावसायिक सिलिंडरों की कमी से जहां एलपीजी भट्ठियां ठंडी पड़ गई थीं। हलवाइयों ने इसका विकल्प खोजते हुए डीजल से चलने वाली भट्ठियों का इस्तेमाल भी शुरू कर दिया है।
एक प्रमुख मिष्ठान दुकान के संचालक राहुल तंवर ने बताया कि व्यावसायिक सिलिंडर पर रोक की वजह से कारोबार प्रभावित होने की कगार पर आ गया था। इस वजह से विकल्प तलाशा।
अब डीजल वाली भट्ठी प्रयोग में लाना शुरू कर दिया है। ताकि ग्राहकों की मांग को पूरा किया जा सके। बताया कि यह भट्ठियां गैस की तरह ही फ्लेम उत्सर्जित करती हैं। करीब एक घंटे में 30 रुपये का डीजल लग जाता है।
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हलवाई मनमोहन ने बताया कि डीजल की भट्ठी में एक दिन में करीब एक व्यावसायिक सिलिंडर के बराबर का खर्च आ जाता है।
यानी 10 घंटे में करीब 12 से 14 लीटर डीजल की खपत होती है। ऐसे में 1200 से 1500 रुपये तक का खर्च आ जाता है। इतनी ही कीमत पर व्यावसायिक सिलिंंडर भी आ जाता है।
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एक प्रमुख मिष्ठान दुकान के संचालक राहुल तंवर ने बताया कि व्यावसायिक सिलिंडर पर रोक की वजह से कारोबार प्रभावित होने की कगार पर आ गया था। इस वजह से विकल्प तलाशा।
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अब डीजल वाली भट्ठी प्रयोग में लाना शुरू कर दिया है। ताकि ग्राहकों की मांग को पूरा किया जा सके। बताया कि यह भट्ठियां गैस की तरह ही फ्लेम उत्सर्जित करती हैं। करीब एक घंटे में 30 रुपये का डीजल लग जाता है।
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हलवाई मनमोहन ने बताया कि डीजल की भट्ठी में एक दिन में करीब एक व्यावसायिक सिलिंडर के बराबर का खर्च आ जाता है।
यानी 10 घंटे में करीब 12 से 14 लीटर डीजल की खपत होती है। ऐसे में 1200 से 1500 रुपये तक का खर्च आ जाता है। इतनी ही कीमत पर व्यावसायिक सिलिंंडर भी आ जाता है।