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यूपी गेट पर एसयूवी में पकड़ी गई पांच करोड़ की नई करेंसी, सीज
ब्यूरो , अमर उजाला साहिबाबाद
Updated Thu, 12 Jan 2017 11:29 PM IST
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- फोटो : ani
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यूपी गेट पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने एसयूवी कार में तीन करोड़ रुपये की नई करेंसी लेकर जा रहे दो गनमैन समेत पांच युवकों को पकड़ा है। आयकर और पुलिस की जांच में युवक करेंसी के संबंध में दस्तावेज नहीं दिखा सके, जिस कारण रुपयों को सीज कर दिया गया है। इसके अलावा मुरादनगर में कार से दो लाख रुपये पकड़े गए
उधर, वैशाली मेट्रो स्टेशन के पास से भी 76 लाख रुपये लेकर जा रही तीन कैश वैन पकड़ी गईं, हालांकि दस्तावेज पूरे होने पर पूछताछ के बाद इन्हें छोड़ दिया गया है। एक वैन में आठ लाख, दूसरी में 53 लाख और तीसरी में 14.93 लाख रुपये थे। इसके अलावा मुरादनगर में कार से दो लाख रुपये पकड़े गए
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दिल्ली के अलग-अलग इलाकों से रुपये मैक्स अस्पताल, महागुन मॉल और निजी बैंक के लिए लेकर जाए जा रहे थे।बृहस्पतिवार दोपहर करीब 12 बजे यूपी गेट पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक एसयूवी कार को रोक कर जांच की तो छह बक्सों में तीन करोड़ रुपये की करेंसी निकली।
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करेंसी लेकर जा रहे दो गनमैन समेत पाच युवकों को हिरासत में ले लिया गया। उन्होंने बताया कि वह कैश ट्रांसफर कंपनी विजुअल के कर्मचारी हैं। दिल्ली के दिलशाद गार्डन स्थित एक निजी बैंक की कैश चेस्ट से करेंसी लेकर गाजियाबाद और नोएडा की छह शाखाओं में जा रहे हैं। पुलिस ने आयकर विभाग को सूचना दी।
आयकर विभाग की टीम पहुंची और जांच की। देर शाम विजुअल कंपनी के कुछ अधिकारी दस्तावेज लेकर थाना इंदिरापुरम पहुंचे। उन्होंने बताया कि रुपये करेंसी चेस्ट से वैशाली, इंदिरापुरम, नोएडा सेक्टर-58, 62, 63 और 77 स्थित बैंक शाखाओं में ले जाया जा रहा था।
आयकर विभाग के डिप्टी डायरेक्टर सुनील यादव ने बताया कि कैश कलेक्शन कंपनी विजुअल के अधिकारियों के पास बैंक का कांट्रेक्ट लैटर तो है, मगर कैश की डिटेल के पूरे कागजात नहीं मिले हैं, जिस कारण कैश सीज कर ट्रेजरी में जमा करा दिया गया है। पूरे दस्तावेज दिखाने के बाद कैश रिलीज किया जाएगा।
जिस बैंक का पैसा बताया जा रहा है उसके वरिष्ठ अधिकारियों से बात नहीं हो सकी है। बाद में उनसे बात कर कैश की डिटेल ली जाएगी।उधर, कार के साथ हिरासत में लिए गए पांचों युवकों को पुलिस ने उनके आईडी प्रूफ आदि जमा करवाने के बाद छोड़ दिया। इसके अलावा मुरादनगर में कार से दो लाख रुपये पकड़े गए
एसएचओ प्रदीप त्रिपाठी ने बताया कि उन्हें पूछताछ के लिए दोबारा बुलाया जा सकता है। निजी बैंक की कैश चेस्ट और जिन शाखाओं को रुपया जा रहा था, उसके अधिकारियों को भी पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। एसएचओ इंदिरापुरम ने बताया कि एसयूवी कार में कैश कलेक्शन एजेंसी का एक स्टीकर तक नहीं है।
पांचों युवकों के पास कंपनी की यूनिफार्म और आईडी कार्ड भी नहीं हैं। हालांकि वैन में मौजूद दो गनमैन ने अपने हथियारों के लाइसेंस पुलिस को दिखाए। हिरासत में लिए गए युवकों ने बताया कि एजेंसी बीते 16 दिसंबर को ही शुरू हुई है।
कोलकाता में इसका हेड ऑफिस है, जहां से उनकी यूनिफार्म और आइडी कार्ड बनकर आने में समय लग रहा है। एसएचओ के अनुसार, इतनी बड़ी रकम ले जाने की सूचना बैंक ने उन्हें नहीं दी थी।
दिनभर रही चर्चा, चुनाव में खपाने ले जाए जा रहे रुपये
तीन करोड़ रुपये के दस्तावेज नहीं मिलने के बाद चर्चाओं का बाजार भी गर्म रहा। चर्चा रही कि रुपया प्रदेश के विधानसभा चुनाव में खपाने के लिए लेकर जाया जा रहा है। हालांकि पुलिस ने कहा कि जब तक जांच पूरी नहीं होती, कुछ भी नहीं कहा जा सकता। इसके अलावा मुरादनगर में कार से दो लाख रुपये पकड़े गए
ये हैं कैश कलेक्शन वैन के मानक
- कैश वैन में कैश ले जाते समय संबंधित थाने के अधिकारियों को सूचित किया जाए
- ड्राइवर, कैश और गार्ड्स के लिए वैन में अलग-अलग कंपार्टमेंट बने हों।
- वैन में जीपीएस लगा हो जिससे आसानी से उसे ट्रेस किया जा सके
- वैन में दो कस्टोडियन हों, जिन पर कैश की गिनती आदि की जिम्मेदारी हो