{"_id":"590e0c0d4f1c1b0b39443f76","slug":"running-bus-fires-52-survivors-left","type":"story","status":"publish","title_hn":"चलती बस में लगी आग, बाल-बाल बचे 52 यात्री ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
चलती बस में लगी आग, बाल-बाल बचे 52 यात्री
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Sat, 06 May 2017 11:17 PM IST
विज्ञापन
चलती बस में लगी आग
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आनंद विहार से मुरादाबाद जा रही यूपी रोडवेज की बस में शनिवार दोपहर होटल मेला प्लाजा के सामने आग लग गई। आग लगते ही बस में अफरातफरी मच गई। हालांकि ड्राइवर ने समझबूझ का परिचय देते हुए तत्काल बस को रोककर सभी यात्रियों की सुरक्षित नीचे उतार दिया।
विज्ञापन
इस दौरान बस धूं-धूं कर जलने लगी। दमकल की तीन गाड़ियों ने करीब आधे घंटे में आग पर काबू पाया हालांकि आग से बस पूरी तरह जल गई।दिल्ली निवासी चालक सुरेश कुमार शनिवार दोपहर करीब डेढ़ बजे मुरादाबाद डिपो की बस में 52 यात्रियों को लेकर आनंद विहार से मुरादाबाद के लिए रवाना हुए।
विज्ञापन
करीब तीन बजे बस जैसे ही शहर के पुराना बस अड्डा फ्लाईओवर पर पहुंची ही थी कि इंजन से धुआं उठने लगा। यह देख ड्राइवर ने फ्लाईओवर पार करते ही बीच सड़क पर ब्रेक लगा दिया और चिल्लाकर यात्रियों को बस से तुरंत उतरने को कहा। इस बीच बस में आग लग गई और बस धूं-धूं कर जलने लगी।
विज्ञापन
सुरेश और परिचालक मोहम्मद आमिर ने महिलाओं और बच्चों को नीचे उतारा तो कुछ लोगों ने खिड़की से कूदकर अपनी जान बचाई। उधर, दमकल विभाग की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और आग पर काबू पाया।
एफएसओ संजीव यादव ने बताया कि शुरुआती जांच में आग लगने का कारण सेल्फ स्टार्ट की वायर में शॉर्ट सर्किट होना लग रहा है। जांच के बाद स्थिति साफ हो पाएगी। मौके पर पहुंचे रोडवेज के आरएम पीके बोस ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी।
किसी यात्री के माल का नुकसान हुआ है तो क्लेम करने पर उसे भुगतान किया जाएगा।
दो मिनट की होती देरी तो हो जाता बड़ा हादसा
चालक सुरेश ने बताया कि फ्लाईओवर से उतरते समय जब इंजन से धुआं निकलता देखा तो समझ गया कि आग लग सकती है। ऐसे में फ्लाईओवर से उतरते ही उन्होंने ब्रेक लगा दी और चिल्लाकर यात्रियों से नीचे उतरने को कहा। अगले दो मिनट में यात्री जैसे ही नीचे उतरे कि पूरी बस को आग ने अपनी चपेट में ले लिया।
आग इतना भयानक थी कि लपटों ने करीब 50 मीटर ऊंचे यूनीपोल को भी अपनी चपेट में ले लिया। साथ ही बस के अगले हिस्से की छत और साइड की टीन पिघल गई। वहीं, सीटें भी पूरी तरह जलकर राख हो गईं। आग में यात्रियों का सामान और कुछ बच्चों की किताबें भी जल गईं। गनीमत रही कि कोई यात्री हताहत नहीं हुआ।
कलेक्ट्रेट पर तैनात फायर ब्रिगेड ने टाला हादसा
होटल मेला प्लाजा के बगल में स्थित कलक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन करने वालों को रोकने के लिए तैनात फायर बिग्रेड कर्मियों ने शोर सुना तो तुरंत गाड़ी लेकर मौके पर पहुंचे और आग बुझाना शुरू कर दिया। जब तक कोतवाली दमकल केंद्र से दो और गाड़ियां पहुंचीं तब तक आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया था।
करीब डेढ़ घंटा जाम से जूझते रहे वाहन
हापुड़ रोड पर बस के बीचोबीच होने के चलते बस अड्डे की ओर से आ रहे वाहनों की रफ्तार थम गई। इस कारण लंबा जाम लग गया। जाम पुराना बस अड्डा फ्लाईओवर से नवयुग मार्केट तक पहुंच गया। करीब डेढ़ घंटे बाद बस को क्रेन से हटवाकर सड़क किनारे किया गया। इसके बाद जाम खुल सका।
यात्री बोले, चंद पलों की देर होती तो चली जाती जान
गजरौला जाने के लिए बस में बैठा था। आग लगते ही बस में हड़कंप मच गया। इसके बाद खिड़की से ही नीचे कूदा और दो बच्चों को खिड़की से नीचे उतारकर सबकी जान बचाई।
- फारूख, यात्री
नीचे उतरने में अगर कुछ मिनट की देरी होती तो कई यात्री जल जाते। खुद नीचे उतरे और चालक-परिचालक की मदद से अन्य यात्रियों को भी नीचे उतारा।
- गुले हसन, यात्री