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अंडरग्राउंड टैंक तक पहुंचती आग तो हो जाता ब्लास्ट
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Mon, 15 May 2017 11:55 PM IST
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आग
- फोटो : amar ujala
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बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र की केमिकल फैक्ट्री में लगी आग पर करीब छह घंटे बाद काबू पाया जा सका। कड़ी मशक्कत के बाद सोमवार तड़के चार बजे आग बुझा दी गई, हालांकि केमिकल के ड्रमों से दोपहर 12 बजे तक भी धुआं उठता रहा।
गनीमत यह रही कि आग फैक्ट्री में बने अंडरग्राउंड केमिकल टैंक तक नहीं पहुंची, वरना यहां ब्लास्ट हो सकता था। ऐसे में आसपास की अन्य फैक्ट्रियां भी आग की चपेट में आ जाती। आसपास के रिहायशी इलाके भी प्रभावित होते।
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वैसे भी रविवार की आग पर काबू पाने के लिए नोएडा, हापुड़, मेरठ, दिल्ली, हिंडन एयरफोर्स स्टेशन, और एनडीआरएफ के दो फोम टेंडर और करीब 25 गाड़ियों ने 100 से अधिक चक्कर लगाकर आग पर काबू पाया।
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एफएसओ संजीव यादव ने बताया कि फैक्ट्री गेट के पास ही करीब पांच हजार लीटर की क्षमता वाला अंडरग्राउंड टैंक बना है। इसमें केमिकल भरा था। विभाग ने सबसे पहले यह सुनिश्चित किया कि आग टैंक तक न पहुंचे। टैंक में आग पहुंचने पर बड़ा ब्लास्ट होने का खतरा हो सकता था।
इसके साथ ही आसपास की फैक्ट्रियों को भी आग से बचाया गया। फैक्ट्री में न तो फायर फाइटिंग सिस्टम था न फायर एनओसी। ऐसे में फैक्ट्री मालिक के खिलाफ दमकल विभाग रिपोर्ट तैयार कर डीएम को भेजेगा।
बु़लंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र के प्लॉट संख्या सी-124/125 में में वेलिकन केमिकल नामक फैक्ट्री है। रविवार रात करीब दस बजे फैक्ट्री में अचानक आग लग गई थी। रविवार को फैक्ट्री बंद होने के चलते सिर्फ चौकीदार का परिवार अंदर था। लोगों ने उसे बाहर निकाला और दमकल विभाग को सूचना दी।
केमिकल ड्रम में आग लगने के दौरान धमाके होने लगे। गाजियाबाद के अलावा नोएडा, दिल्ली, हापुड़, एनडीआरएफ और हिंडन एयरफोर्स स्टेशन की फायर ब्रिगेड ने सोमवार तड़के करीब चार बजे आग पर काबू पा लिया।
दो-तीन किलोमीटर दूर तक सुने गए धमाके
देर रात तक केमिकल ड्रमों में हो रहे धमाके जारी रहे। धमाके इतने तेज थे कि आसपास की करीब दो-तीन किलोमीटर की दूरी तक इनकी आवाज सुनी गई। देर रात तक पुलिस और सीआईएसएफ की टीम भीड़ को कंट्रोल करने में जुटी रही।
- 14 घंटे बाद भी केमिकल ड्रम से उठता रहा धुआं
सुबह चार बजे आग बुझने के बाद भी दमकल की दो गाड़ियों को एहतियातन फैक्ट्री के बाहर लगा दिया गया था। दोपहर करीब 12 बजे इन्हें यहां से हटा लिया गया। हालांकि दोपहर करीब दो बजे तक भी ड्रमों में धुआं उठता रहा। एफएसओ ने बताया कि मंगलवार को टीम फैक्ट्री में पहुंचकर जांच करेगी।
इसके बाद आग लगने के कारण स्पष्ट हो सकेंगे। आग में करीब 150-200 केमिकल के ड्रम जले हैं।
10 दमकल और 110 कर्मचारियों पर है 45 लाख लोगों की सुरक्षा का जिम्मा
गाजियाबाद में दमकल के इंतजामों का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पूरे जिले की करीब 45 लाख की आबादी के लिए सिर्फ दमकल की दस गाड़ियां मौजूद हैं। दस गाड़ियों पर सिर्फ 110 दमकल कर्मियों की तैनाती हैं। बड़ी आग लगने पर पूरे जिले में तैनात गाड़ियों को घटनास्थल पर भेजा जाता है।
उनके पहुंचने में ही एक से डेढ़ घंटे का समय लगता है। तबतक आग विकराल रूप ले चुकी होती है। करीब तीन साल पहले हाइड्रोलिक प्लेटफार्म बनना था, जो अभी भी निर्माणाधीन है। केमिकल आग को बुझाने के लिए फोम टेंडर भी नहीं हैं।