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बार एसोसिएशन चुनाव का मामला: जनरल बॉडी की बैठक में चलीं कुर्सियां, लहराई पिस्टल
ब्यूरो,अमर उजाला/गाजियाबाद
Updated Mon, 27 Mar 2017 11:54 PM IST
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जनरल बॉडी की बैठक में चलीं कुर्सियां के बाद मौके पर पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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मतदान में हेराफेरी को लेकर रद्द हुए बार एसोसिएशन चुनाव के बारे में सोमवार को भी फैसला नहीं हो सका। जनरल बॉडी की बैठक शुरू होने के साथ ही वकीलों के हंगामे की भेंट चढ़ गई। बैठक शुरू होने के पांच मिनट के अंदर ही वकीलों के दो गुट आपस में भिड़ गए। वहां जमकर लात-घूंसे चले।
इस दौरान एक अज्ञात व्यक्ति ने हवा में पिस्टल भी लहराई। घटना में दो-तीन अधिवक्ता घायल हुए हैं। हंगामे से बचने के लिए मची अधिवक्ताओं की भगदड़ में भी कुछ अधिवक्ता चोटिल हुए हैं। उधर बार कौंसिल ऑफ यूपी ने अपने एक आदेश से स्पष्ट कर दिया है कि बार चुनाव अब एल्डर कमेटी की देखरेख में बायलॉज के हिसाब से ही संपन्न कराया जाए।
चुनाव कमेटी के चेयरमैन रहे अधिवक्ता सुधीर त्यागी ने चुनाव प्रक्रिया रद्द किए जाने के साथ ही सोमवार को जनरल बॉडी की बैठक बुलाई थी। सोमवार सुबह 11 बजे से ही बड़ी संख्या में अधिवक्ता बार सभागार में एकत्र हो गए।
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सुधीर त्यागी ने तीन दिन पूर्व हुए चुनाव के दौरान हंगामे पर निंदा प्रस्ताव सुनाने लगे तो कुछ लोगों ने इसका विरोध करते हुए आरोपियों पर त्वरित कार्रवाई की मांग की। इस पर चेयरमैन ने बार कौंसिल ऑफ यूपी के चेयरमैन अनिल प्रताप सिंह के उस आदेश को पढ़कर सुनाया, जिसमें एल्डर कमेटी की देखरेख में बार कौंसिल के बायलॉज के हिसाब से चुनाव कराने को कहा गया था।
इसके बाद अध्यक्ष पद के प्रत्याशी राकेश त्यागी काकड़ा ने वकीलों से कहा कि गाजियाबाद कचहरी के इतिहास में जो कुछ हुआ, वह बहुत ही निंदनीय है। इसके बाद जैसे ही वरिष्ठ अधिवक्ता नाहर सिंह यादव को बोलने का मौका मिला, वैसे ही कुछ लोगों ने हूटिंग शुरू कर दी। देखते ही देखते बार सभागार में वकीलों के दो-तीन गुट बन गए और आपस में भिड़ गए। बार सभागार में रखी कुर्सियां तक एक-दूसरे पर फेंकी गईं।
वकीलों के हंगामे की सूचना मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। तब तक हंगामा करने वाले वहां से भाग चुके थे। इस मामले में अधिवक्ताओं के दोनों ही गुट अलग-अलग पुलिस और प्रशासनिक अफसरों से मिले और कार्रवाई की मांग की।
उधर बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष रामअवतार गुप्ता का कहना है कि एल्डर कमेटी के चेयरमैन के रूप में वह पहले से ही नामित हैं। ऐसे में बार कौंसिल ऑफ यूपी के आदेशों पर अब चुनाव उनकी देखरेख में कराया जाएगा। चुनाव के लिए तारीख अभी घोषित नहीं की गई है। उनका कहना है कि मंगलवार को इसकी तारीख निर्धारित की जा सकती है।
कविनगर थाने में क्रास एफआईआर दर्ज
सोमवार को वकीलों के बीच हुई मारपीट और हंगामे के मामले में दोनाें पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ कविनगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। पहली एफआईआर अफराम की ओर से दर्ज कराई गई है। जबकि दूसरी एफआईआर सौरभ की ओर से दर्ज कराई गई है।
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इस दौरान एक अज्ञात व्यक्ति ने हवा में पिस्टल भी लहराई। घटना में दो-तीन अधिवक्ता घायल हुए हैं। हंगामे से बचने के लिए मची अधिवक्ताओं की भगदड़ में भी कुछ अधिवक्ता चोटिल हुए हैं। उधर बार कौंसिल ऑफ यूपी ने अपने एक आदेश से स्पष्ट कर दिया है कि बार चुनाव अब एल्डर कमेटी की देखरेख में बायलॉज के हिसाब से ही संपन्न कराया जाए।
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चुनाव कमेटी के चेयरमैन रहे अधिवक्ता सुधीर त्यागी ने चुनाव प्रक्रिया रद्द किए जाने के साथ ही सोमवार को जनरल बॉडी की बैठक बुलाई थी। सोमवार सुबह 11 बजे से ही बड़ी संख्या में अधिवक्ता बार सभागार में एकत्र हो गए।
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सुधीर त्यागी ने तीन दिन पूर्व हुए चुनाव के दौरान हंगामे पर निंदा प्रस्ताव सुनाने लगे तो कुछ लोगों ने इसका विरोध करते हुए आरोपियों पर त्वरित कार्रवाई की मांग की। इस पर चेयरमैन ने बार कौंसिल ऑफ यूपी के चेयरमैन अनिल प्रताप सिंह के उस आदेश को पढ़कर सुनाया, जिसमें एल्डर कमेटी की देखरेख में बार कौंसिल के बायलॉज के हिसाब से चुनाव कराने को कहा गया था।
इसके बाद अध्यक्ष पद के प्रत्याशी राकेश त्यागी काकड़ा ने वकीलों से कहा कि गाजियाबाद कचहरी के इतिहास में जो कुछ हुआ, वह बहुत ही निंदनीय है। इसके बाद जैसे ही वरिष्ठ अधिवक्ता नाहर सिंह यादव को बोलने का मौका मिला, वैसे ही कुछ लोगों ने हूटिंग शुरू कर दी। देखते ही देखते बार सभागार में वकीलों के दो-तीन गुट बन गए और आपस में भिड़ गए। बार सभागार में रखी कुर्सियां तक एक-दूसरे पर फेंकी गईं।
वकीलों के हंगामे की सूचना मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। तब तक हंगामा करने वाले वहां से भाग चुके थे। इस मामले में अधिवक्ताओं के दोनों ही गुट अलग-अलग पुलिस और प्रशासनिक अफसरों से मिले और कार्रवाई की मांग की।
उधर बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष रामअवतार गुप्ता का कहना है कि एल्डर कमेटी के चेयरमैन के रूप में वह पहले से ही नामित हैं। ऐसे में बार कौंसिल ऑफ यूपी के आदेशों पर अब चुनाव उनकी देखरेख में कराया जाएगा। चुनाव के लिए तारीख अभी घोषित नहीं की गई है। उनका कहना है कि मंगलवार को इसकी तारीख निर्धारित की जा सकती है।
कविनगर थाने में क्रास एफआईआर दर्ज
सोमवार को वकीलों के बीच हुई मारपीट और हंगामे के मामले में दोनाें पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ कविनगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। पहली एफआईआर अफराम की ओर से दर्ज कराई गई है। जबकि दूसरी एफआईआर सौरभ की ओर से दर्ज कराई गई है।