{"_id":"58b9b6f14f1c1ba06483170f","slug":"ads-report-fraud-against-the-company-recorded-cash","type":"story","status":"publish","title_hn":"एडीएस कैश कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
एडीएस कैश कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Sat, 04 Mar 2017 12:03 AM IST
विज्ञापन
रुपये
- फोटो : file photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नोएडा की एबलेज कंपनी की तरह गाजियाबाद के आरडीसी में चल रही एडीएस कैश कंपनी के खिलाफ कविनगर थाने में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज हुई है।सीओ सेकेंड मनीष मिश्र ने बताया कि कविनगर पुलिस ने दिल्ली के भजनपुरा के रहने वाले के पीड़ित नवाजिश हुसैन की शिकायत पर कंपनी के
विज्ञापन
खिलाफ धारा 420 और 406 के तहत कंपनी के एमडी संदीप समेत कंपनी के मेंबर शिशुपाल, लोकेश और पिंटू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। सीओ ने बताया कि पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि संदीप गर्ग ने कंपनी को अक्टूबर 2016 में शुरू किया था।
विज्ञापन
इसके बाद उसने एड और एजेंट्स के माध्यम से कंपनी से देश के कई राज्यों से करीब 30 हजार से अधिक लोगों को जोड़ा था। कंपनी ने जुड़ने के बाद लोगों से करीब 120 करोड़ रुपये निवेश कराए थे। शिकायतकर्ता के मुताबिक दिल्ली के करीब ढाई से तीन हजार लोगों ने कंपनी की मेंबरशिप ली हुई थी।
विज्ञापन
कंपनी ने शुरूआती दो महीने में निवेशकों को छह रुपये प्रति लाइक के हिसाब से पैसे दिए थे, लेकिन दो माह बाद से पैसे आने बंद हो गए थे। इससे सभी निवेशक परेशान और दुखी थे। दूसरी ओर कंपनी का ऑफिस बंद होने के बाद उन्होंने ऑफिस पर तोड़फोड़ और हंगामा भी किया था। इसके बाद निवेशकों ने कई बार गाजियाबाद पुलिस से इसकी शिकायत की थी।
सीओ सेकेंड मनीष मिश्र ने बताया कि इस संबंध में आई अन्य शिकायतों की भी जांच की जा रही है। मामले को नोएडा एसटीएफ और एसआईटी को भेजा जा सकता है। बता दें 14 फरवरी को एड्स कैश कंपनी द्वारा ठगी का मामला सामने आया था। इसके बाद से अब तक इस मामले में कविनगर पुलिस को करीब 50 शिकायतें मिल चुकी हैं।
लैपटॉप और बाइक देने का दिया था कंपनी ने झांसा
सीओ सेकेंड ने बताया कि कंपनी ने अपने निवेशकों को लैपटॉप, बाइक और अन्य सामान देने का शुरुआत में झांसा दिया था। इसके लिए कंपनी ने दिल्ली के सेंट्रल पार्क में एक आयोजन भी किया था। उस आयोजन में करीब सात लाख रुपये के निवेशकों को इनाम दिए गए थे।
एबलेज की तर्ज पर बनवाते थे आईडी
सीओ सेकेंड ने बताया कि एडीएस कैश कंपनी भी एबलेज कंपनी की तर्ज निवेशकों से आईडी के नाम पर साढ़े सात हजार, 15 हजार, 57 हजार और एक लाख रुपये की आईडी लगवाती थी। दोनों कंपनी में केवल इतना फर्क है कि एबलेज रुपये के बदले कुछ न देती थी, लेकिन एड्ीएस कैश कंपनी इसके बदले में निवेशकों को सामान देती थी।