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संशोधित, हाइटेक चोरों ने की करोड़ों की चोरी-bulandshahr
Updated Fri, 16 Jun 2017 05:19 PM IST
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हाईटेक चोरों ने दिया करोड़ों की चोरी को अंजाम
मोदीनगर की पीएनबी कपड़ा मिल शाखा में हुई करोड़ों की चोरी के मामले में पुलिस को कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। करोड़ों की यह चोरी मामूली चोरों ने नहीं बल्कि इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जानकार और हाइटेक चोरों ने अंजाम दी है।
फोरेंसिक टीम की जांच में सामने आया है कि चोरों ने अंदर घुसकर 30 सेकेंड से भी कम समय में एक लॉकर खोल डाला। नाइट सेंसर की जानकारी रखने वाले चोर 20 मिनट में ही 30 लॉकरों से माल उड़ाकर फरार हो गए। इन्हीं सुराग के बलबूते पुलिस दो दिन में घटना के खुलासे का दावा कर रही है।
एसएसपी ने बताया कि जांच में सामने आ रहा है कि चोरों को पहले से ही पता था कि उन्हें दीवार में किस जगह पर छेद करना है। सुरंग बनाने के दौरान सरिया फंसी तो उन्होंने तुरंत दूसरा कूमल कर दिया।
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इतना ही नहीं उन्हें जानकारी थी कि नाइट सेंसर रात नौ बजे के बाद चालू होगा। पुलिस के अनुसार बैंक के जिन लॉकरों को चोरों ने तोड़ा वह करीब 40 साल पुराने हैं। गोदरेज कंपनी के इन लॉकरों को अगर ताला तोड़कर खोला जाए तो एक लॉकर खोलने में सात-आठ मिनट का समय लगेगा।
मगर इन्हें तोड़ने के लिए भी चोरों ने पहले ही होमवर्क किया था। इसके चलते उन्होंने पेचकस जैसी लोहे की मुड़ी हुई सरिया (पंक्चर लगाने वाली सरिया) का इस्तेमाल किया। इन्होंने इस सरिया से लॉकर तोड़े नहीं बल्कि सिर्फ उनके लॉक को अंदर की ओर खिसकाया, जिससे लॉकर खुद ब खुद खुल गए।
एसएसपी हरिनारायण सिंह ने बताया कि घटना के बाद से अलग-अलग जगहों पर करीब पांच दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लेने, फोरेंसिक रिपोर्ट और सर्विलांस से कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। जिससे जल्द ही बदमाशों को पकड़ लिया जाएगा।
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मोदीनगर की पीएनबी कपड़ा मिल शाखा में हुई करोड़ों की चोरी के मामले में पुलिस को कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। करोड़ों की यह चोरी मामूली चोरों ने नहीं बल्कि इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जानकार और हाइटेक चोरों ने अंजाम दी है।
फोरेंसिक टीम की जांच में सामने आया है कि चोरों ने अंदर घुसकर 30 सेकेंड से भी कम समय में एक लॉकर खोल डाला। नाइट सेंसर की जानकारी रखने वाले चोर 20 मिनट में ही 30 लॉकरों से माल उड़ाकर फरार हो गए। इन्हीं सुराग के बलबूते पुलिस दो दिन में घटना के खुलासे का दावा कर रही है।
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एसएसपी ने बताया कि जांच में सामने आ रहा है कि चोरों को पहले से ही पता था कि उन्हें दीवार में किस जगह पर छेद करना है। सुरंग बनाने के दौरान सरिया फंसी तो उन्होंने तुरंत दूसरा कूमल कर दिया।
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इतना ही नहीं उन्हें जानकारी थी कि नाइट सेंसर रात नौ बजे के बाद चालू होगा। पुलिस के अनुसार बैंक के जिन लॉकरों को चोरों ने तोड़ा वह करीब 40 साल पुराने हैं। गोदरेज कंपनी के इन लॉकरों को अगर ताला तोड़कर खोला जाए तो एक लॉकर खोलने में सात-आठ मिनट का समय लगेगा।
मगर इन्हें तोड़ने के लिए भी चोरों ने पहले ही होमवर्क किया था। इसके चलते उन्होंने पेचकस जैसी लोहे की मुड़ी हुई सरिया (पंक्चर लगाने वाली सरिया) का इस्तेमाल किया। इन्होंने इस सरिया से लॉकर तोड़े नहीं बल्कि सिर्फ उनके लॉक को अंदर की ओर खिसकाया, जिससे लॉकर खुद ब खुद खुल गए।
एसएसपी हरिनारायण सिंह ने बताया कि घटना के बाद से अलग-अलग जगहों पर करीब पांच दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लेने, फोरेंसिक रिपोर्ट और सर्विलांस से कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। जिससे जल्द ही बदमाशों को पकड़ लिया जाएगा।