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मूवर्स एंड पैकर्स गैंग का खुलासा-Cordination
Updated Sat, 07 Apr 2018 05:16 PM IST
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फर्जी वेबसाइट बनाकर करते थे मूव एंड पैकर्स का धंधा
गाजियाबाद। इंदिरापुरम पुलिस ने मूवर्स एंड पैकर की फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों के घरेलू सामान को गायब करने वाले गैंग का खुलासा किया है। पुलिस ने दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जबकि गैंग का मास्टर माइंड फरार है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घरेलू सामान बरामद किया है।
पकड़े गए आरोपी राजेंद्र निवासी गुरुग्राम और राजकुमार निवासी झूंझनु राजस्थान हैं। जबकि गैंग का मास्टर माइंड सत्यपाल निवासी अशोक विहार गुरुग्राम फरार है। एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि पुलिस ने दोनों को वैशाली इलाके से गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि नीति खंड में निवासी विकास गुप्ता कारोबार के लिए परिवार समेत झांसी शिफ्ट हुए थे। उन्होंने घर का सामान वहां पहुंचने के लिए इंटरनेट के माध्यम से फॉस्ट ट्रैक लॉजिस्टिक मूवर्स एंड पैकर ट्रांसपोर्ट सर्विस कंपनी का नाम और नंबर निकाला। गुड़गांव की कंपनी को उन्होंने 15 हजार 500 रुपये का में झांसी तक सामान ले जाने की बात तय की। इससे पहले उन्होंने कंपनी का एड्रेस चेक नहीं किया। जो बाद में फर्जी निकला। उन्होंने बताया कि 26 मार्च को कंपनी की गाड़ी उनके घर का सामान लेकर निकली। जहां उन्होंने सात हजार रुपये कैश और बाकी सामान पहुंचने देने की बात की गई। विकास ने बताया कि उनका सामान लेकर यह लोग इंदिरापुरम से तो चले, लेकिन झांसी नहीं पहुंचे। इसके बाद उन्होंने कंपनी के मैनेजर सत्यपाल से संपर्क किया तो उसने 28 हजार रुपये मांगे। इसका उन्होंने विरोध किया। रुपये नहीं देने पर उन्होंने घर का सामान नहीं पहुंचाया। इसके बाद पीड़ित ने बुधवार को इंदिरापुरम थाने में शिकायत की। बाद में पुलिस ने सर्विलांस के माध्यम से आरोपियों को धर दबोचा, लेकिन एक फरार होने में कामयाब रहा।
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गाजियाबाद। इंदिरापुरम पुलिस ने मूवर्स एंड पैकर की फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों के घरेलू सामान को गायब करने वाले गैंग का खुलासा किया है। पुलिस ने दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जबकि गैंग का मास्टर माइंड फरार है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घरेलू सामान बरामद किया है।
पकड़े गए आरोपी राजेंद्र निवासी गुरुग्राम और राजकुमार निवासी झूंझनु राजस्थान हैं। जबकि गैंग का मास्टर माइंड सत्यपाल निवासी अशोक विहार गुरुग्राम फरार है। एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि पुलिस ने दोनों को वैशाली इलाके से गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि नीति खंड में निवासी विकास गुप्ता कारोबार के लिए परिवार समेत झांसी शिफ्ट हुए थे। उन्होंने घर का सामान वहां पहुंचने के लिए इंटरनेट के माध्यम से फॉस्ट ट्रैक लॉजिस्टिक मूवर्स एंड पैकर ट्रांसपोर्ट सर्विस कंपनी का नाम और नंबर निकाला। गुड़गांव की कंपनी को उन्होंने 15 हजार 500 रुपये का में झांसी तक सामान ले जाने की बात तय की। इससे पहले उन्होंने कंपनी का एड्रेस चेक नहीं किया। जो बाद में फर्जी निकला। उन्होंने बताया कि 26 मार्च को कंपनी की गाड़ी उनके घर का सामान लेकर निकली। जहां उन्होंने सात हजार रुपये कैश और बाकी सामान पहुंचने देने की बात की गई। विकास ने बताया कि उनका सामान लेकर यह लोग इंदिरापुरम से तो चले, लेकिन झांसी नहीं पहुंचे। इसके बाद उन्होंने कंपनी के मैनेजर सत्यपाल से संपर्क किया तो उसने 28 हजार रुपये मांगे। इसका उन्होंने विरोध किया। रुपये नहीं देने पर उन्होंने घर का सामान नहीं पहुंचाया। इसके बाद पीड़ित ने बुधवार को इंदिरापुरम थाने में शिकायत की। बाद में पुलिस ने सर्विलांस के माध्यम से आरोपियों को धर दबोचा, लेकिन एक फरार होने में कामयाब रहा।
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