{"_id":"5b7f178342c792463e41bb3a","slug":"21535055747-ghaziabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीड़ित ने तलाशी चोरी की स्कूटी, पुलिस ने थपथपाई अपनी पीठ-Ghaziabad city","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पीड़ित ने तलाशी चोरी की स्कूटी, पुलिस ने थपथपाई अपनी पीठ-Ghaziabad city
Updated Fri, 24 Aug 2018 01:52 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीड़ित ने पकड़ा चोर, पुलिस ने हड़पी वाहवाही
गाजियाबाद। गुड वर्क पीड़ित का और पीठ थपथपा रही कविनगर थाना पुलिस। मामला स्कूटी चोरी से जुड़ी एक घटना का है। चिरंजीव विहार से 18 अगस्त को चोरी हुई एक स्कूटी को पीड़ित परिवार ने खुद ही तलाश ली। स्कूटी मालिक ने चोर को भी पकड़ कर डायल-100 पर सूचना दे दी। पीआरवी पर तैनात पुलिसकर्मी स्कूटी और चोर को पकड़कर थाने ले गए। एक दिन बाद कविनगर पुलिस ने चार को महरौली फाटक के पास से गिरफ्तार दिखाकर अपनी पीठ थपथपाई।
अवंतिका चौकी क्षेत्र के चिरंजीव विहार सेक्टर-8 निवासी सुरेश चंद की स्कूटी 18 अगस्त को शाम सात बजे चोरी हो गई थी। उन्होंने डायल-100 पर सूचना दी तो मौके पर पहुंची पीआरवी ने थाने ले जाकर स्कूटी चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई। सुरेश चंद के मुताबिक स्कूटी चुराने वाला चोर उसे बेचने नासिरपुर फाटक के पास एक सीमेंट डीलर के पास पहुंचा। सीमेंट डीलर ने क्रॉस चेक करने के लिए आरसी के जरिए स्कूटी मालिक का नंबर जुटाया और उससे बात कर ली। पता चला कि स्कूटी चार दिन पहले ही चोरी की गई है। इस पर उसने स्कूटी के असली मालिक को बुला लिया और बेचने आए युवक को बातों में उलझा लिया। सुरेश चंद और उनके बेटे गौरव ने सीमेंट डीलर के यहां पहुंचकर स्कूटी चोर को दबोच लिया और स्कूटी बरामद कर डायल-100 पर सूचना दे दी। सूचना पर पहुंची पीआरवी स्कूटी और चोर को कविनगर थाने ले गई। अब बृहस्पतिवार को कविनगर पुलिस ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि चोर को महरौली फाटक से पुलिस ने गिरफ्तार किया है और उसके पास से चोरी की गई स्कूटी बरामद की गई है।
दरोगा ने पीड़ित को धमकाया
सुरेश चंद का कहना है कि स्कूटी बरामद होने की जानकारी अवंतिका चौकी इंचार्ज धर्मेंद्र कुमार को दी गई और स्कूटी दिलाने के लिए कहा तो उन्होंने उल्टा उन्हें ही धमका दिया। दरोगा ने चोर को पकड़वाने के लिए सराहना करना तो दूर भला बुरा कहा। दरोगा ने कहा कि तुमने 100 नंबर पर सूचना क्यों दी, सबसे पहले उन्हें सूचना दी जानी चाहिए थी। झल्लाए दरोगा ने कहा कि अब तुम्हे स्कूटी थाने से नहीं मिलेगी। कोर्ट के चक्कर लगाओ तब स्कूटी मिलेगी। हालांकि दरोगा धर्मेंद्र कुमार का कहना है कि आरोप गलत है। उन्होंने सिर्फ यह कहा था कि स्कूटी की रिपोर्ट दर्ज है, ऐसे में स्कूटी कोर्ट के आदेश से ही मिलेगी।
विज्ञापन
मामला संज्ञान में नहीं है। पीड़ित को धमकाने की बात अगर किसी दरोगा ने कही है तो गलत है। इसकी जांच कराई जाएगी। आरोप सही पाए गए तो कार्रवाई की जाएगी। - वैभव कृष्ण, एसएसपी
विज्ञापन
गाजियाबाद। गुड वर्क पीड़ित का और पीठ थपथपा रही कविनगर थाना पुलिस। मामला स्कूटी चोरी से जुड़ी एक घटना का है। चिरंजीव विहार से 18 अगस्त को चोरी हुई एक स्कूटी को पीड़ित परिवार ने खुद ही तलाश ली। स्कूटी मालिक ने चोर को भी पकड़ कर डायल-100 पर सूचना दे दी। पीआरवी पर तैनात पुलिसकर्मी स्कूटी और चोर को पकड़कर थाने ले गए। एक दिन बाद कविनगर पुलिस ने चार को महरौली फाटक के पास से गिरफ्तार दिखाकर अपनी पीठ थपथपाई।
अवंतिका चौकी क्षेत्र के चिरंजीव विहार सेक्टर-8 निवासी सुरेश चंद की स्कूटी 18 अगस्त को शाम सात बजे चोरी हो गई थी। उन्होंने डायल-100 पर सूचना दी तो मौके पर पहुंची पीआरवी ने थाने ले जाकर स्कूटी चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई। सुरेश चंद के मुताबिक स्कूटी चुराने वाला चोर उसे बेचने नासिरपुर फाटक के पास एक सीमेंट डीलर के पास पहुंचा। सीमेंट डीलर ने क्रॉस चेक करने के लिए आरसी के जरिए स्कूटी मालिक का नंबर जुटाया और उससे बात कर ली। पता चला कि स्कूटी चार दिन पहले ही चोरी की गई है। इस पर उसने स्कूटी के असली मालिक को बुला लिया और बेचने आए युवक को बातों में उलझा लिया। सुरेश चंद और उनके बेटे गौरव ने सीमेंट डीलर के यहां पहुंचकर स्कूटी चोर को दबोच लिया और स्कूटी बरामद कर डायल-100 पर सूचना दे दी। सूचना पर पहुंची पीआरवी स्कूटी और चोर को कविनगर थाने ले गई। अब बृहस्पतिवार को कविनगर पुलिस ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि चोर को महरौली फाटक से पुलिस ने गिरफ्तार किया है और उसके पास से चोरी की गई स्कूटी बरामद की गई है।
विज्ञापन
दरोगा ने पीड़ित को धमकाया
सुरेश चंद का कहना है कि स्कूटी बरामद होने की जानकारी अवंतिका चौकी इंचार्ज धर्मेंद्र कुमार को दी गई और स्कूटी दिलाने के लिए कहा तो उन्होंने उल्टा उन्हें ही धमका दिया। दरोगा ने चोर को पकड़वाने के लिए सराहना करना तो दूर भला बुरा कहा। दरोगा ने कहा कि तुमने 100 नंबर पर सूचना क्यों दी, सबसे पहले उन्हें सूचना दी जानी चाहिए थी। झल्लाए दरोगा ने कहा कि अब तुम्हे स्कूटी थाने से नहीं मिलेगी। कोर्ट के चक्कर लगाओ तब स्कूटी मिलेगी। हालांकि दरोगा धर्मेंद्र कुमार का कहना है कि आरोप गलत है। उन्होंने सिर्फ यह कहा था कि स्कूटी की रिपोर्ट दर्ज है, ऐसे में स्कूटी कोर्ट के आदेश से ही मिलेगी।
विज्ञापन
मामला संज्ञान में नहीं है। पीड़ित को धमकाने की बात अगर किसी दरोगा ने कही है तो गलत है। इसकी जांच कराई जाएगी। आरोप सही पाए गए तो कार्रवाई की जाएगी। - वैभव कृष्ण, एसएसपी