{"_id":"5a0c946b4f1c1b69678bbd31","slug":"181510773867-ghaziabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"उधार के रुपये चुकाने के बहाने बुलाया था कारोबारी को और कर दी हत्या-Ghaziabad city","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
उधार के रुपये चुकाने के बहाने बुलाया था कारोबारी को और कर दी हत्या-Ghaziabad city
Updated Thu, 16 Nov 2017 12:54 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
नौकर समय से देख लेता मैसेज तो बच जाती कारोबारी की जान
गाजियाबाद। दिल्ली के ई-रिक्शा कारोबारी राहुल सक्सेना का व्हाट्सएप मैसेज उसका नौकर संदीप समय से देख लेता तो शायद उसकी जान बच जाती। हत्यारोपी शीलू और उसके साथियों के चंगुल में फंसने पर राहुल ने संदीप को शाम 6:45 बजे व्हाट्सएप मैसेज भेजा था कि वह फंस चुका है। संदीप ने दो घंटे बाद पौने आठ बजे मैसेज देखा तो तत्काल राहुल के परिजनों को सूचना दी और वह थाने पहुंचे।
राहुल सक्सेना के चाचा व अखिल भारत हिंदू महासभा के उत्तर भारत अध्यक्ष संजीव सक्सेना ने बताया कि शाम 6:34 बजे राहुल अपने शोरूम से निकला था। इसकी सीसीटीवी फुटेज भी मौजूद है। 11 मिनट बाद ही उसने यह मैसेज पोस्ट किया। संदीप इस मैसेज को तत्काल नहीं देख पाया और वारदात हो गई। इसके बाद ही राहुल का फोन स्विच ऑफ हो गया। उन्होंने बताया कि पौने आठ बजे संदीप ने राहुल के घर पर इसकी सूचना दी तो तत्काल सुल्तानपुरी थाने पहुंचे। यहां पुलिस ने भी यह कहते हुए रिपोर्ट दर्ज नहीं कि राहुल खुद ही कहीं गया होगा, 24 घंटे इंतजार करो।
1.5 लाख देने के बहाने बुलाया और मार डाला
कड़ी पूछताछ में हत्यारोपियों ने गाजियाबाद और दिल्ली पुलिस को बताया कि 1.8 लाख रुपये न देने पड़े इसके लिए आरोपियों ने राहुल को पहले दिल्ली में एक फ्लैट पर बुलाया और वहां उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद उसी की कार में शव को रखकर गोविंदपुरम के पास लाकर गटर में फेंक दिया। पुलिस ने तीनों हत्यारोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। बदमाशों की गिरफ्तारी की सूचना पर मंगलवार देर रात कविनगर थाने पहुंची दिल्ली पुलिस ने तीनों आरोपियों से कड़ी पूछताछ की। कविनगर एसएचओ समरजीत सिंह ने बताया कि राहुल सक्सेना का ई-रिक्शा के अलावा फैंसी लाइट का भी कारोबार था। हत्यारोपी शीलू कंस्ट्रक्शन ठेकेदारी का काम करता है, इसलिए दोनों के बीच लेनदेन चलता था। राहुल के शीलू पर 1.80 लाख रुपये उधार थे। राहुल बार-बार उससे रुपयों की मांग कर रहा था। सात नवंबर की शाम शीलू ने उसे फोन करके रोहिणी दिल्ली सेक्टर-34 के एक फ्लैट पर 1.5 लाख रुपये देने के बहाने बुलाया। वहां पहुंचने पर शीलू ने अपने साथी बिजेंद्र, आकाश, राहुल और भोला के साथ मिलकर चादर से उसका गला घोंट दिया था।
विज्ञापन
गढ़मुक्तेश्वर में मांगी थी फिरौती की रकम
आरोपी शीलू ने पुलिस को बताया कि उन्होंने आर्थिक तंगी दूर करने को राहुल के परिवार से फिरौती की रकम मांगी थी। शीलू ने फिरौती की रकम मिलने पर साथियों को 3-3 लाख रुपये देने का लालच दिया था। फिरौती की रकम गढ़मुक्तेश्वर से कॉल कर मांगी गई थी। राहुल के चाचा संजीव ने बताया कि परिवार के कुछ सदस्य रकम लेकर गढ़ पहुंचे भी थे, लेकिन बदमाशों ने फिर उन्हें फोन नहीं किया। बदमाशों ने 10 बीघा जमीन मांगी और बबराला में एक व्यक्ति से जमीन की एवज में पैसा लेने की बात तय कर ली थी। शीलू ने उस व्यक्ति को अपनी पत्नी का मोबाइल नंबर भी दिया था, ताकि वह रुपयों का इंतजाम हो जाने पर उसे सूचना दे सके। शीलू ने जमीन अपने नाम न कराकर उस व्यक्ति के नाम कराने की प्लानिंग की थी। दिल्ली पुलिस ने शीलू की पत्नी को भी हिरासत में ले लिया था।
शव फेंकने को इसलिए चुना गोविंदपुरम
दिल्ली में हत्या करने के बावजूद शीलू ने शव को ठिकाने लगाने के लिए गाजियाबाद का गोविंदपुरम क्षेत्र इसलिए चुना कि यहां सुनसान रहता है। उसने बताया कि कुछ साल पहले उसने गोविंदपुरम में अपने चाचा का मकान बनवाया था। इस दौरान लंबे समय तक वह यहां रहा और क्षेत्र से अच्छी तरह वाकिफ है।
गाजियाबाद। दिल्ली के ई-रिक्शा कारोबारी राहुल सक्सेना का व्हाट्सएप मैसेज उसका नौकर संदीप समय से देख लेता तो शायद उसकी जान बच जाती। हत्यारोपी शीलू और उसके साथियों के चंगुल में फंसने पर राहुल ने संदीप को शाम 6:45 बजे व्हाट्सएप मैसेज भेजा था कि वह फंस चुका है। संदीप ने दो घंटे बाद पौने आठ बजे मैसेज देखा तो तत्काल राहुल के परिजनों को सूचना दी और वह थाने पहुंचे।
राहुल सक्सेना के चाचा व अखिल भारत हिंदू महासभा के उत्तर भारत अध्यक्ष संजीव सक्सेना ने बताया कि शाम 6:34 बजे राहुल अपने शोरूम से निकला था। इसकी सीसीटीवी फुटेज भी मौजूद है। 11 मिनट बाद ही उसने यह मैसेज पोस्ट किया। संदीप इस मैसेज को तत्काल नहीं देख पाया और वारदात हो गई। इसके बाद ही राहुल का फोन स्विच ऑफ हो गया। उन्होंने बताया कि पौने आठ बजे संदीप ने राहुल के घर पर इसकी सूचना दी तो तत्काल सुल्तानपुरी थाने पहुंचे। यहां पुलिस ने भी यह कहते हुए रिपोर्ट दर्ज नहीं कि राहुल खुद ही कहीं गया होगा, 24 घंटे इंतजार करो।
विज्ञापन
1.5 लाख देने के बहाने बुलाया और मार डाला
कड़ी पूछताछ में हत्यारोपियों ने गाजियाबाद और दिल्ली पुलिस को बताया कि 1.8 लाख रुपये न देने पड़े इसके लिए आरोपियों ने राहुल को पहले दिल्ली में एक फ्लैट पर बुलाया और वहां उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद उसी की कार में शव को रखकर गोविंदपुरम के पास लाकर गटर में फेंक दिया। पुलिस ने तीनों हत्यारोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। बदमाशों की गिरफ्तारी की सूचना पर मंगलवार देर रात कविनगर थाने पहुंची दिल्ली पुलिस ने तीनों आरोपियों से कड़ी पूछताछ की। कविनगर एसएचओ समरजीत सिंह ने बताया कि राहुल सक्सेना का ई-रिक्शा के अलावा फैंसी लाइट का भी कारोबार था। हत्यारोपी शीलू कंस्ट्रक्शन ठेकेदारी का काम करता है, इसलिए दोनों के बीच लेनदेन चलता था। राहुल के शीलू पर 1.80 लाख रुपये उधार थे। राहुल बार-बार उससे रुपयों की मांग कर रहा था। सात नवंबर की शाम शीलू ने उसे फोन करके रोहिणी दिल्ली सेक्टर-34 के एक फ्लैट पर 1.5 लाख रुपये देने के बहाने बुलाया। वहां पहुंचने पर शीलू ने अपने साथी बिजेंद्र, आकाश, राहुल और भोला के साथ मिलकर चादर से उसका गला घोंट दिया था।
विज्ञापन
गढ़मुक्तेश्वर में मांगी थी फिरौती की रकम
आरोपी शीलू ने पुलिस को बताया कि उन्होंने आर्थिक तंगी दूर करने को राहुल के परिवार से फिरौती की रकम मांगी थी। शीलू ने फिरौती की रकम मिलने पर साथियों को 3-3 लाख रुपये देने का लालच दिया था। फिरौती की रकम गढ़मुक्तेश्वर से कॉल कर मांगी गई थी। राहुल के चाचा संजीव ने बताया कि परिवार के कुछ सदस्य रकम लेकर गढ़ पहुंचे भी थे, लेकिन बदमाशों ने फिर उन्हें फोन नहीं किया। बदमाशों ने 10 बीघा जमीन मांगी और बबराला में एक व्यक्ति से जमीन की एवज में पैसा लेने की बात तय कर ली थी। शीलू ने उस व्यक्ति को अपनी पत्नी का मोबाइल नंबर भी दिया था, ताकि वह रुपयों का इंतजाम हो जाने पर उसे सूचना दे सके। शीलू ने जमीन अपने नाम न कराकर उस व्यक्ति के नाम कराने की प्लानिंग की थी। दिल्ली पुलिस ने शीलू की पत्नी को भी हिरासत में ले लिया था।
शव फेंकने को इसलिए चुना गोविंदपुरम
दिल्ली में हत्या करने के बावजूद शीलू ने शव को ठिकाने लगाने के लिए गाजियाबाद का गोविंदपुरम क्षेत्र इसलिए चुना कि यहां सुनसान रहता है। उसने बताया कि कुछ साल पहले उसने गोविंदपुरम में अपने चाचा का मकान बनवाया था। इस दौरान लंबे समय तक वह यहां रहा और क्षेत्र से अच्छी तरह वाकिफ है।