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मरीज की मौत पर परिजनों का अस्पताल में हंगामा
Updated Fri, 17 Aug 2018 02:00 AM IST
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मरीज की मौत पर परिजनों का अस्पताल में हंगामा
साहिबाबाद। साहिबाबाद थाना क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में बृहस्पतिवार को मरीज की मौत पर परिजनों ने हंगामा कर दिया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने मरीज की मौत की जानकारी परिजनों को देर से दी और इस दौरान मरीज के इलाज का खर्च वसूलते रहे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझाकर शांत किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अस्पताल प्रबंधन ने मीडिया से बात करने से इंकार कर दिया।
मूलरूप से मुजफ्फरनगर निवासी इरफान चौधरी पसौंडा में परिवार के साथ रहते थे। वह यूपी पुलिस में कांस्टेबल थे। हाल में उनकी तैनाती नोएडा के सेक्टर-20 थाने में थी। परिजनों ने बताया कि बुधवार रात उनके सीने में दर्द की शिकायत को लेकर साहिबाबाद के एक निजी अस्पताल पहुंचे। उनकी एंजियोग्राफी करवाई गई। परिजनों को बताया उन्हें हार्ट अटैक आया है और उनका ऑपरेशन करना होगा। इसके लिए डेढ़ लाख रुपये जमा कराने होंगे। परिजनों का आरोप है कि इरफान की मृत्यु देर रात ही हो गई थी, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें जानकारी नहीं दी। रुपये लेने के लिए उन्हें आईसीयू में जीवन रक्षक उपकरणों पर रखा। बृहस्पतिवार दोपहर एक बजे अस्पताल की ओर से उनकी मौत की सूचना परिजनों को दी गई। इस पर परिजन भड़क गए और हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को शांत कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं, अस्पताल प्रबंधन से इस मामले में बात करने का प्रयास किया गया तो अस्पताल की तरफ से किसी ने भी बात करने से इंकार कर दिया। एसएचओ साहिबाबाद दिनेश सिंह ने बताया कि मामला पुलिस के संज्ञान में है। परिजनों ने लिखित शिकायत नहीं की है।
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साहिबाबाद। साहिबाबाद थाना क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में बृहस्पतिवार को मरीज की मौत पर परिजनों ने हंगामा कर दिया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने मरीज की मौत की जानकारी परिजनों को देर से दी और इस दौरान मरीज के इलाज का खर्च वसूलते रहे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझाकर शांत किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अस्पताल प्रबंधन ने मीडिया से बात करने से इंकार कर दिया।
मूलरूप से मुजफ्फरनगर निवासी इरफान चौधरी पसौंडा में परिवार के साथ रहते थे। वह यूपी पुलिस में कांस्टेबल थे। हाल में उनकी तैनाती नोएडा के सेक्टर-20 थाने में थी। परिजनों ने बताया कि बुधवार रात उनके सीने में दर्द की शिकायत को लेकर साहिबाबाद के एक निजी अस्पताल पहुंचे। उनकी एंजियोग्राफी करवाई गई। परिजनों को बताया उन्हें हार्ट अटैक आया है और उनका ऑपरेशन करना होगा। इसके लिए डेढ़ लाख रुपये जमा कराने होंगे। परिजनों का आरोप है कि इरफान की मृत्यु देर रात ही हो गई थी, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें जानकारी नहीं दी। रुपये लेने के लिए उन्हें आईसीयू में जीवन रक्षक उपकरणों पर रखा। बृहस्पतिवार दोपहर एक बजे अस्पताल की ओर से उनकी मौत की सूचना परिजनों को दी गई। इस पर परिजन भड़क गए और हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को शांत कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं, अस्पताल प्रबंधन से इस मामले में बात करने का प्रयास किया गया तो अस्पताल की तरफ से किसी ने भी बात करने से इंकार कर दिया। एसएचओ साहिबाबाद दिनेश सिंह ने बताया कि मामला पुलिस के संज्ञान में है। परिजनों ने लिखित शिकायत नहीं की है।
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