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सरकारी जमीन पर बनाए गए रास्ते को बंद करने पहुंची टीम का किया विरोध
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रास्ते को बंद करने पहुंची टीम का हुआ विरोध
साहिबाबाद। ज्ञान खंड चार में सरकारी जमीन पर बनाए गए रास्ते को बंद कराकर कब्जा करने की कार्रवाई के लिए पहुंची जीडीए की टीम का लोगों ने जमकर विरोध किया। टीम ने जमीन पर लगे एक धार्मिक स्थल का बोर्ड तोड़ दिया। इसके साथ ही रास्ते की खुदाई कर दी। इस कार्रवाई का लोगों ने जमकर विरोध किया। अधिकारियों ने लोगों को समझाने की कोशिश की लेकिन लोग नहीं माने। लोगों का विरोध देखते हुए टीम पूरा कब्जा किए बिना ही लौट गई। इस बीच मौके पर पहुंचे पार्षद पति के साथ भी धक्का - मुक्की हुई। धार्मिक स्थल से जुड़े लोगों ने इंदिरापुरम थाना में तहरीर देकर कार्रवाई को अवैध बताया।
ज्ञानखंड में शनिवार दोपहर करीब एक बजे जीडीए की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। यहां पर जीडीए की जमीन पर बने रास्ते और एक धार्मिक स्थल का बोर्ड लगा हुआ है। जीडीए की टीम जमीन पर कब्जा लेने लगी। टीम ने जेसीबी से रास्ते की खुदाई कर दी। इसके साथ ही धार्मिक स्थल का बोर्ड भी तोड़ दिया। जिसका लोगों ने जमकर विरोध किया। लोगों ने जीडीए की कार्रवाई को अवैध बताते हुए नारेबाजी शुरू कर दी और काम रुकवाने लगे। उन्होंने जीडीए से नोटिस की कॉपी मांगी। जीडीए अधिकारियों और पुलिस ने लोगों को समझाने की कोशिश की लेकिन लोग नहीं माने। लोगों के बढ़ते आक्रोश और हंगामे को देखते हुए जीडीए टीम को पीछे हटना पड़ा। टीम पूरा कब्जा किए बिना ही लौट गई। जीडीए के विशेष कार्याधिकारी वीके सिंह ने बताया कि यह जमीन जीडीए ने अर्जित की है। फरवरी में जमीन पर हुए अतिक्रमण को हटाया गया था। धार्मिक स्थल के लोगों ने जमीन से रास्ता बनाकर गेट लगा लिया था। शनिवार को टीम उसे हटाने गई, ताकि अपना कब्जा ले सकें। इसका लोगों ने विरोध कर दिया। जल्द ही टीम अधिक पुलिस बल के साथ जाकर कब्जा करेगी। इस बीच स्थानीय निवासियों से वार्ता भी की जाएगी।
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लोगों का आरोप, बिना नोटिस दिए जीडीए ने की कार्रवाई
धार्मिक स्थल से जुड़े लोगों का कहना है कि जीडीए की यह कार्रवाई अवैध है। जीडीए की तरफ से कोई भी नोटिस नहीं दिया गया है। जीडीए की टीम ने बिना नोटिस दिए बोर्ड और गेट तोड़ दिया है। पार्षद पति पर भी जान से मरवाने की धमकी देने का आरोप लगाया है।
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पार्षद पति के साथ धक्का मुक्की का आरोप
इस कार्रवाई के दौरान पार्षद पति भी मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि वह नशे में थे। वह खुद को पार्षद बताते हुए मामले के बीच में पड़ रहे थे। जिस पर उनकी अधिकारियों और लोगों से नोकझोंक हो गई। आरोप है कि जीडीए के अधिकारियों ने पार्षद पति के साथ धक्का - मुक्की व हाथापाई की।
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साहिबाबाद। ज्ञान खंड चार में सरकारी जमीन पर बनाए गए रास्ते को बंद कराकर कब्जा करने की कार्रवाई के लिए पहुंची जीडीए की टीम का लोगों ने जमकर विरोध किया। टीम ने जमीन पर लगे एक धार्मिक स्थल का बोर्ड तोड़ दिया। इसके साथ ही रास्ते की खुदाई कर दी। इस कार्रवाई का लोगों ने जमकर विरोध किया। अधिकारियों ने लोगों को समझाने की कोशिश की लेकिन लोग नहीं माने। लोगों का विरोध देखते हुए टीम पूरा कब्जा किए बिना ही लौट गई। इस बीच मौके पर पहुंचे पार्षद पति के साथ भी धक्का - मुक्की हुई। धार्मिक स्थल से जुड़े लोगों ने इंदिरापुरम थाना में तहरीर देकर कार्रवाई को अवैध बताया।
ज्ञानखंड में शनिवार दोपहर करीब एक बजे जीडीए की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। यहां पर जीडीए की जमीन पर बने रास्ते और एक धार्मिक स्थल का बोर्ड लगा हुआ है। जीडीए की टीम जमीन पर कब्जा लेने लगी। टीम ने जेसीबी से रास्ते की खुदाई कर दी। इसके साथ ही धार्मिक स्थल का बोर्ड भी तोड़ दिया। जिसका लोगों ने जमकर विरोध किया। लोगों ने जीडीए की कार्रवाई को अवैध बताते हुए नारेबाजी शुरू कर दी और काम रुकवाने लगे। उन्होंने जीडीए से नोटिस की कॉपी मांगी। जीडीए अधिकारियों और पुलिस ने लोगों को समझाने की कोशिश की लेकिन लोग नहीं माने। लोगों के बढ़ते आक्रोश और हंगामे को देखते हुए जीडीए टीम को पीछे हटना पड़ा। टीम पूरा कब्जा किए बिना ही लौट गई। जीडीए के विशेष कार्याधिकारी वीके सिंह ने बताया कि यह जमीन जीडीए ने अर्जित की है। फरवरी में जमीन पर हुए अतिक्रमण को हटाया गया था। धार्मिक स्थल के लोगों ने जमीन से रास्ता बनाकर गेट लगा लिया था। शनिवार को टीम उसे हटाने गई, ताकि अपना कब्जा ले सकें। इसका लोगों ने विरोध कर दिया। जल्द ही टीम अधिक पुलिस बल के साथ जाकर कब्जा करेगी। इस बीच स्थानीय निवासियों से वार्ता भी की जाएगी।
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लोगों का आरोप, बिना नोटिस दिए जीडीए ने की कार्रवाई
धार्मिक स्थल से जुड़े लोगों का कहना है कि जीडीए की यह कार्रवाई अवैध है। जीडीए की तरफ से कोई भी नोटिस नहीं दिया गया है। जीडीए की टीम ने बिना नोटिस दिए बोर्ड और गेट तोड़ दिया है। पार्षद पति पर भी जान से मरवाने की धमकी देने का आरोप लगाया है।
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पार्षद पति के साथ धक्का मुक्की का आरोप
इस कार्रवाई के दौरान पार्षद पति भी मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि वह नशे में थे। वह खुद को पार्षद बताते हुए मामले के बीच में पड़ रहे थे। जिस पर उनकी अधिकारियों और लोगों से नोकझोंक हो गई। आरोप है कि जीडीए के अधिकारियों ने पार्षद पति के साथ धक्का - मुक्की व हाथापाई की।