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टैंक की सफाई करने उतरे दो मजूदर की मौत, एक गंभीर
Updated Mon, 17 Jul 2017 04:59 PM IST
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केमिकल टैंक की सफाई करने में दो मजदूर की मौत, एक गंभीर
आर्य नगर इंडस्ट्रियल एरिया में रविवार शाम जींस की रंगाई फैक्ट्री का केमिकल टैंक साफ करने के दौरान दो मजदूरों की मौत हो गई। उन्हें टैंक से निकालने गया एक और मजदूर भी बेहोश हो गया, जिसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
फैक्ट्री मालिक ने पुलिस को घटना की कोई सूचना नहीं दी है और मजदूरों को अस्पताल में भर्ती कराया था। इनमें से दो मजदूरों की दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में मौत हो गई।
दिल्ली के भजनपुरा निवासी रमेश चंद्र की आर्य नगर इंडस्ट्रियल एरिया में जींस रंगाई की फैक्ट्री है। शाम करीब पौने सात बजे मजदूर अरविंद (30) और विजेंद्र (48) फैक्ट्री के केमिकल टैंक की सफाई करने को उतरे थे, तभी दोनों बेहोश हो गए।
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काफी देर तक उनके बाहर नहीं आने पर मजदूर जाकिर साथी मजदूर के साथ उन्हें देखने गया। करीब 10 से 12 फीट गहरे टैंक में दोनों को बेहोश पड़े देखकर उन्हें बाहर निकाला, इस दौरान जाकिर भी बेहोश हो गया।
फैक्ट्री मालिक ने अरविंद और बिजेंद्र को दिल्ली स्थित जीटीबी अस्पताल और जाकिर को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। अरविंद निवासी फर्रुखाबाद और विजेंद्र निवासी अलीगढ़ की मौत हो गई। दोनों वर्तमान में राजीव गार्डन लोनी में रह रहे थे।
जाकिर का एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। जाकिर को दो दिन पहले ही फैक्ट्री में नौकरी मिली थी। अस्पताल की ओर से पुलिस को मामले की सूचना दी गई। लोनी बार्डर थाना एसएचओ अरुण कुमार ने बताया कि हादसे में दो लोगों की मौत हो गई है।
उनके शवों को पोस्टमार्टम को भेज दिया गया है। एक का इलाज जारी है। मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी गई है। देर रात तक पुलिस फैक्ट्री मालिक की तलाश कर रही थी। पुलिस का कहना है कि घटना के बाद मालिक ने पुलिस से संपर्क नहीं किया।
इस दर्दनाक मौत से दोनों घरों में कोहराम मचा है। एसडीएम अतुल कुमार का कहना है कि फैक्ट्री की मशीनों और प्रदूषण अनुमति की जांच कर मालिक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अन्य फैक्ट्रियों की भी जांच कराई जाएगी।
इंडस्ट्रियल एरिया में लापरवाही के चलते पहले भी हादसे हो चुके हैं। अगस्त 2015 में रूप नगर इंडस्ट्रियल एरिया की एक फैक्ट्री में अमोनियम गैस के रिसाव से आठ लोग बेहोश हुए थे। जबकि गैस की चपेट में आने से 150 लोग प्रभावित हुए थे।
फैक्ट्रियों में सुविधाएं न होने के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं। अधिकारी जींस रंगाई फैक्ट्रियों में चेकिंग नही करते। लोगों का आरोप है कि सुविधा शुल्क लेकर शहर में सैकड़ों फैक्ट्री अवैध रूप से संचालित हो रही है।
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आर्य नगर इंडस्ट्रियल एरिया में रविवार शाम जींस की रंगाई फैक्ट्री का केमिकल टैंक साफ करने के दौरान दो मजदूरों की मौत हो गई। उन्हें टैंक से निकालने गया एक और मजदूर भी बेहोश हो गया, जिसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
फैक्ट्री मालिक ने पुलिस को घटना की कोई सूचना नहीं दी है और मजदूरों को अस्पताल में भर्ती कराया था। इनमें से दो मजदूरों की दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में मौत हो गई।
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दिल्ली के भजनपुरा निवासी रमेश चंद्र की आर्य नगर इंडस्ट्रियल एरिया में जींस रंगाई की फैक्ट्री है। शाम करीब पौने सात बजे मजदूर अरविंद (30) और विजेंद्र (48) फैक्ट्री के केमिकल टैंक की सफाई करने को उतरे थे, तभी दोनों बेहोश हो गए।
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काफी देर तक उनके बाहर नहीं आने पर मजदूर जाकिर साथी मजदूर के साथ उन्हें देखने गया। करीब 10 से 12 फीट गहरे टैंक में दोनों को बेहोश पड़े देखकर उन्हें बाहर निकाला, इस दौरान जाकिर भी बेहोश हो गया।
फैक्ट्री मालिक ने अरविंद और बिजेंद्र को दिल्ली स्थित जीटीबी अस्पताल और जाकिर को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। अरविंद निवासी फर्रुखाबाद और विजेंद्र निवासी अलीगढ़ की मौत हो गई। दोनों वर्तमान में राजीव गार्डन लोनी में रह रहे थे।
जाकिर का एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। जाकिर को दो दिन पहले ही फैक्ट्री में नौकरी मिली थी। अस्पताल की ओर से पुलिस को मामले की सूचना दी गई। लोनी बार्डर थाना एसएचओ अरुण कुमार ने बताया कि हादसे में दो लोगों की मौत हो गई है।
उनके शवों को पोस्टमार्टम को भेज दिया गया है। एक का इलाज जारी है। मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी गई है। देर रात तक पुलिस फैक्ट्री मालिक की तलाश कर रही थी। पुलिस का कहना है कि घटना के बाद मालिक ने पुलिस से संपर्क नहीं किया।
इस दर्दनाक मौत से दोनों घरों में कोहराम मचा है। एसडीएम अतुल कुमार का कहना है कि फैक्ट्री की मशीनों और प्रदूषण अनुमति की जांच कर मालिक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अन्य फैक्ट्रियों की भी जांच कराई जाएगी।
इंडस्ट्रियल एरिया में लापरवाही के चलते पहले भी हादसे हो चुके हैं। अगस्त 2015 में रूप नगर इंडस्ट्रियल एरिया की एक फैक्ट्री में अमोनियम गैस के रिसाव से आठ लोग बेहोश हुए थे। जबकि गैस की चपेट में आने से 150 लोग प्रभावित हुए थे।
फैक्ट्रियों में सुविधाएं न होने के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं। अधिकारी जींस रंगाई फैक्ट्रियों में चेकिंग नही करते। लोगों का आरोप है कि सुविधा शुल्क लेकर शहर में सैकड़ों फैक्ट्री अवैध रूप से संचालित हो रही है।